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Haryana: कैथल व गुरुग्राम स्वास्थ्य विभाग ने किया भ्रूण लिंग जांच गिरोह का भंडाफोड़, नकली ग्राहक बनाकर भेजा
Fri, 17 Feb 2023 07:50 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Fri, 17 Feb 2023 07:50 PM IST
सार
महिला के गर्भ में पल रहे भ्रूण की जानकारी के लिए पहले लिए 50, फिर 10 हजार रुपये वसूले गए। गिरोह सदस्य नकली ग्राहक बनीं महिला को जांच के लिए सहारनपुर ले गए थे। एक को वहीं से तो दूसरे को कैथल से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने पांच के खिलाफ केस दर्ज किया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : istock
विस्तार
हरियाणा के कैथल व गुरुग्राम स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीमों ने भ्रूण जांच गिरोह का फंडाफोड़ करते हुए एक व्यक्ति को सहारनपुर से तो दूसरे को कैथल से गिरफ्तार किया है। गिरोह सदस्य ने पहले 50 हजार तो जांच के लिए जाने से पहले 10 हजार रुपये वसूले। जिनमें से 50 हजार रुपये की राशि का भुगतान सरकारी खाते से किया। पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों के खिलाफ पीएनडीटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है।
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पुलिस को दी शिकायत में कैथल के नोडल अधिकारी डॉ. गौरव पूनिया ने बताया कि जिला सामुचित प्राधिकारी गुरुग्राम को गुप्त सुचना मिली थी कि कैथल निवासी एक मनीष नाम का व्यक्ति गुरुग्राम तथा कैथल से गर्भवती महिलाओं को उतर प्रदेश में कहीं नामालुम जगह पर ले जाकर उनके गर्भ में पल रहे भ्रूण लिंग जांच करवाने का काम करता है।
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इसके लिए एक फरवरी को गुरुग्राम सिविल सर्जन ने कैथल स्वास्थ्य विभाग को सूचित करने को कहा, इसके बाद मनीष नामक व्यक्ति से संपर्क किया। उसने इस काम के लिए 50 हजार रुपये मांगे। इसके बाद कहा कि जिस दिन जांच करवाएगा, उस दिन दस हजार देने होंगे।
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इसके बाद गुरुग्राम स्वास्थ्य विभाग ने यह 50 हजार रुपये की राशि सरकारी खाते से आरोपी के खाते में डाल दी। मनीष ने आठ फरवरी को कैथल आने को कहा। इसी बीच अचानक आठ फरवरी को मनीष ने कार्यक्रम टाल दिया और इसे बदलकर 16 फरवरी कर दिया।
इसके बाद गुरुग्राम व कैथल की टीमों ने संयुक्त टीम बनाई। विभाग द्वारा तैयार की गई गांव हरसौला निवासी ग्राहक महिला को हरसौला से ही लेने को कहा। इसके बाद पुलिस कर्मचारी गुरुग्राम सीआईए से रवि को महिला का पति बनाया। टीम मनीष के बताए गांव सोलू माजरा के निकट पहुंची। वहां जाने से पूर्व मनीष को दस हजार रुपये गूगल पे के माध्यम से भेज दिए।
वहां बलबीर नामक व्यक्ति मिला। जो उन्हें लेकर सहारनपुर पहुंचा। सहारनपुर के पंजाबी बाग क्षेत्र में जाकर एक लड़का स्कूटी पर आया। वह उक्त महिला को लेकर तंग गलियों से होते हुए एक घर में ले गया। जहां एक घर में अल्ट्रासाउंड किया। दोनों टीमें महिला का पीछा करती रही, लेकिन तंग गलियों में वह लड़का व महिला टीम की आंखों से ओझल हो गए।
टीमों ने वहां लोगों से पूछने का प्रयास किया, लेकिन कोई पता नहीं चला। इसी बीच बलबीर को फोन करके सूचित किया कि महिला को कुछ दूरी पर छोड़ दिया है। इसके बाद टीम ने बलबीर को वहीं पर काबू कर लिया। साथ ही ग्राहक बनी महिला ने बताया कि सुभाष नाम के व्यक्ति के मकान में एक डॉक्टर ने उसका अल्ट्रासाउंड किया।
जहां कोई अस्पताल नहीं था। दोनों टीमें बलबीर को पकड़कर वापस आ गई। बलबीर ने पूछताछ में कहा कि इस पूरे मामले में कैथल का संदीप नामक लड़का भी शामिल है। टीम के कहने पर उसे कैथल आने पर गोल्डन पॉम के निकट बलबीर ने बुलाया तो उसे तुरंत काबू कर लिया।
इसके बाद पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने इस मामले में बलबीर, संदीप, मनीष व स्कूटी पर महिला को सहारनपुर में ले जाने वाले किशोर सहित वहां के मकान मालिक सुभाष के खिलाफ पीएनडीटी एक्ट की धारा 3,4,5,6,18,23,29 के तहत केस दर्ज कर लिया है।