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घर नगर परिषद की जमीन में आने की सूचना पर हुआ मानसिक रुप से परेशान तो..
Updated Fri, 07 Jul 2017 11:55 PM IST
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घर नगर परिषद की जमीन में आने की सूचना पर हुआ मानसिक रूप से परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल।
नगर परिषद कार्यालय में शुक्रवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया। जब एक व्यक्ति वाइस चेयरमैन के कमरे के निकट सीढ़ियों के ऊपर लगी ग्रिल पर फंदा लगाकर लटक गया। ईओ कार्यालय के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने उसे देखा तो शोर मचा दिया। वहां आए लोगों व कर्मचारियों ने तुरंत संभलते हुए उसे बचा लिया। गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। जहां से चिकित्सकों ने रेफर कर दिया। बाद में निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया। आत्महत्या का प्रयास किए जाने का कारण किसी व्यक्ति द्वारा उसके घर को लेकर दी गई गलत सूचना को बताया जा रहा है।
पटेल नगर निवासी जोगिन्द्र मकान की असेसमेंट व एनओसी सहित अन्य कामों के लिए नगर परिषद में आया हुआ था। करीब 11 बजे जोगिंदर ने नगर परिषद भवन में वाइस चेयरमैन के कार्यालय के निकट स्थित सीढ़ियों के ऊपर लगाए गए टीन की ग्रिल में फंदा लगा लिया। वह इस पर लटका ही था कि ईओ कार्यालय के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने उसे देख लिया। जिस पर तुरंत जगरुप ढुल, अर्जुन नगर निवासी अनिल व अन्य कर्मचारियों ने उसे संभाल लिया। एक कर्मचारी ने उसके गले व रस्सी के बीच हाथ फंसा कर रस्सी से गले पर जोर पड़ने से रोका। काफी मशक्कत के बाद उक्त रस्सी को काटा गया। उसे उतार कर ऑटो चालक की सहायता से अस्पताल पहुंचाया। सरकारी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उसे रेफर कर दिया गया। जहां से उसे शाह अस्पताल ले जाया गया। फिल्हाल यहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शी समाजसेवी जगरूप ने बताया कि पता चला है कि यह व्यक्ति इस बात से परेशान था कि उसे किसी ने कह दिया कि उसके घर की जमीन नगर परिषद की जमीन में आती है। इसके लिए पार्षद सहित परिषद अधिकारियों ने बता भी दिया कि उसकी जमीन परिषद की जमीन में नहीं आती। इस बात की तसल्ली के लिए उसने नक्शे के लिए भी आवेदन किया। टेक्स असेसमेंट भी बनवाई। लेकिन ना जाने क्यों उसके मन से वह बात नहीं निकल रही थी। पता यही चला है कि मानसिक परेशानी में उसने ऐसा कदम उठाया है। उसकी तीन बेटियां हैं।
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कोट
ईओ विक्रम ने बताया कि पटेल नगर निवासी जोगिंद्र ने 10 दिन पहले असेसमेंट ली थी। एनओसी लेने के लिए एप्लाई नहीं किया था। नगर परिषद में जोगिन्द्र का कोई कार्य नहीं अटका हुआ है। नगर परिषद कार्यालय में फंदा लगाने के मामले में नियमानुसार कार्रवाई के लिए पुलिस को लिखा गया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल।
नगर परिषद कार्यालय में शुक्रवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया। जब एक व्यक्ति वाइस चेयरमैन के कमरे के निकट सीढ़ियों के ऊपर लगी ग्रिल पर फंदा लगाकर लटक गया। ईओ कार्यालय के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने उसे देखा तो शोर मचा दिया। वहां आए लोगों व कर्मचारियों ने तुरंत संभलते हुए उसे बचा लिया। गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। जहां से चिकित्सकों ने रेफर कर दिया। बाद में निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया। आत्महत्या का प्रयास किए जाने का कारण किसी व्यक्ति द्वारा उसके घर को लेकर दी गई गलत सूचना को बताया जा रहा है।
पटेल नगर निवासी जोगिन्द्र मकान की असेसमेंट व एनओसी सहित अन्य कामों के लिए नगर परिषद में आया हुआ था। करीब 11 बजे जोगिंदर ने नगर परिषद भवन में वाइस चेयरमैन के कार्यालय के निकट स्थित सीढ़ियों के ऊपर लगाए गए टीन की ग्रिल में फंदा लगा लिया। वह इस पर लटका ही था कि ईओ कार्यालय के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने उसे देख लिया। जिस पर तुरंत जगरुप ढुल, अर्जुन नगर निवासी अनिल व अन्य कर्मचारियों ने उसे संभाल लिया। एक कर्मचारी ने उसके गले व रस्सी के बीच हाथ फंसा कर रस्सी से गले पर जोर पड़ने से रोका। काफी मशक्कत के बाद उक्त रस्सी को काटा गया। उसे उतार कर ऑटो चालक की सहायता से अस्पताल पहुंचाया। सरकारी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उसे रेफर कर दिया गया। जहां से उसे शाह अस्पताल ले जाया गया। फिल्हाल यहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
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प्रत्यक्षदर्शी समाजसेवी जगरूप ने बताया कि पता चला है कि यह व्यक्ति इस बात से परेशान था कि उसे किसी ने कह दिया कि उसके घर की जमीन नगर परिषद की जमीन में आती है। इसके लिए पार्षद सहित परिषद अधिकारियों ने बता भी दिया कि उसकी जमीन परिषद की जमीन में नहीं आती। इस बात की तसल्ली के लिए उसने नक्शे के लिए भी आवेदन किया। टेक्स असेसमेंट भी बनवाई। लेकिन ना जाने क्यों उसके मन से वह बात नहीं निकल रही थी। पता यही चला है कि मानसिक परेशानी में उसने ऐसा कदम उठाया है। उसकी तीन बेटियां हैं।
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ईओ विक्रम ने बताया कि पटेल नगर निवासी जोगिंद्र ने 10 दिन पहले असेसमेंट ली थी। एनओसी लेने के लिए एप्लाई नहीं किया था। नगर परिषद में जोगिन्द्र का कोई कार्य नहीं अटका हुआ है। नगर परिषद कार्यालय में फंदा लगाने के मामले में नियमानुसार कार्रवाई के लिए पुलिस को लिखा गया है।