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पत्नी के गुम होने और पुलिस की थर्ड डिग्री से आहत युवक ने लगाई फांसी

Tue, 13 Jun 2017 11:55 PM IST
Updated Tue, 13 Jun 2017 11:55 PM IST
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पत्नी के गुम होने और पुलिस की थर्ड डिग्री से आहत युवक ने लगाई फांसी
पत्नी के गुम होने और पुलिस की थर्ड डिग्री से आहत युुवक ने लगाई फांसी
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अमर उजाला ब्यूरो
कलायत। लापता पत्नी के न मिलने और पुलिस की थर्ड डिग्री से आहत एक युवक ने सोमवार रात आत्महत्या कर ली। इससे गुस्साए लोगों ने मंगलवार सुबह शव को राष्ट्रीय राजमार्ग पर रख कर जाम लगा दिया। करीब 4 घंटे तक चले प्रदर्शन में शामिल महिलाएं व पुरुष शांतिपूर्वक सड़क पर बैठे रहे। इस दौरान पुलिस ने यातायात को संपर्क मार्गों से निकाला। प्रदर्शन कर रहे लोगों की मांग थी कि एक बेकसूर पर प्रभावी लोगों के दबाव में पुलिस ने जो थर्ड डिग्री का प्रयोग किया है उसकी निष्पक्ष जांच करवाई जाए। तहसीलदार चंद्रमोहन बिश्नोई व डीएसपी जोगेंद्र सिंह के समझाने पर लोग नहीं माने। चार घंटे के बाद एसपी सुमेर प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे व लोगों की सुनने के बाद जांच के लिए एसआईटी का गठन किया। शव का पोस्टमार्टम चिकित्सकों के बोर्ड द्वारा करवाए जाने का आश्वासन दिया। तब जाकर करीब डेढ़ बजे जाम खुला।
मृतक के पिता बलवान सिंह ने बताया कि 10 मई को उसके पुत्र सोहनलाल की पत्नी घर से लापता हो गई थी। जिसकी रिपोर्ट बेटे ने कलायत थाना में दर्ज करवाई थी। घर में महिला केवल उसकी पुत्रवधू ही थी। वह भी दो छोटी-छोटी बच्चियों को छोड़ कर पता नहीं कहां चली गई। बहू के घर से जाने के बाद उन्होंने भी उसे हर जगह ढूंढा पर कोई सुराग नहीं लग पाया। वे लोग इस बात को लेकर पहले ही परेशान थे कि उनकी पुत्रवधू के परिजनों ने पुलिस पर दबाव बनाकर एक सप्ताह पहले उनके पुत्र को उठवा लिया। उनका कहना था कि पत्नी को लापता करने में उसके सोहनलाल का ही हाथ है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने बेटे द्वारा दी गई शिकायत पर तो कोई कार्रवाई नहीं की, उल्टा उसे ही उठा कर सीआईए में दे दिया। बलवान सिंह का कहना था कि सीआईए में बर्बरता के साथ उसके पुत्र की पिटाई हुई। उसके गुप्तांगों पर जबरदस्त चोट मारी गई। जिससे वह नित्यकर्म करने में भी असमर्थ महसूस कर रहा था। सोमवार को सुबह उसे अस्पताल में भी दिखवा कर लाए जहां चिकित्सक ने बताया कि उसके नार्मल होने में कम से कम छह माह का समय लगेगा। उन्होंने बताया कि बर्बरता से हुई पिटाई और गुम हुई पत्नी के न मिलने से आहत सोहनलाल ने रात में फांसी लगा कर अपनी जान दे दी। पिता का कहना था कि उसका पुत्र शारीरिक दृष्टि से बहुत ही कमजोर था, जो अमानवीय यातना को सहन नही कर पाया। जरनैल, रमेश कुमार, लीला राम, ओमप्रकाश, धर्मसिंह, रघुबीर का कहना था कि वे लोग सिर्फ न्याय चाहते हैं। उनकी मांग है कि अपनी ड्यूटी में कोताही बरतने वाले तथा निर्दोष को अमानवीय यातनाएं देने वाले पुलिस अधिकारियों व थाना प्रभारी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाए। मृतक का पोस्टमार्टम डाक्टरों के बोर्ड द्वारा किया जाए ताकि पुलिस की थर्ड डिग्री यातनाओं का सच सामने आ सके।
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एसपी ने लोगों की सभी मांगें मान ली तथा जांच के लिए एसआईटी के गठन व चिकित्सकों के बोर्ड के द्वारा पोस्टमार्टम करवाने का आश्वासन दिया गया।

कलायत में लोगों के आरोपों के बाद एसआईटी का गठन कर दिया गया है। जिन लोगों पर शक जाहिर किया गया है उनके खिलाफ जांच की जाएगी। पुलिस पर लगे टॉर्चर के आरोपों की भी जांच की जाएगी।
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सुमेर प्रताप सिंह, एसपी, कैथल।

उजड़ गया भरा पूरा परिवार
फोटो नंबर- 25
कलायत। गांव डुंढवा के युवक सोहनलाल द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले को लेकर परिवार ही नहीं पूरा गांव स्तब्ध है। करीब दस वर्ष पूर्व सोहन की मां की मौत हो गई थी। पिता ड्राइवर था तथा घर को संभालने के लिए उसने अपना व्यवसाय छोड़ कर गांव के बस स्टैंड पर चाय की छोटी सी दुकान कर ली। अपने तीन छोटे बच्चों को संभालने में लगे बलवान सिंह को घर में महिला की कमी लगातार अखरती रही। कमी को ध्यान में रखते हुए बलवान सिंह ने बहुत ही कम उम्र के अपने बड़े बेटे सोहन की शादी कर दी। दुल्हन के आते ही घर में खुशियां आ गई तथा देखते ही देखते दुल्हन ने दो बेटियों को जन्म दे दिया। शादी के 6 साल बाद परिवार की खुशियों को फिर से ग्रहण लग गया। बहु रहस्यमय ढंग से लापता हो गई, बेटे ने फांसी लगा कर जीवन समाप्त कर लिया। अब कौन संभालेगा दो छोटी छोटी बच्चियों को। न सिर पर पिता का साया रहा न ही मां के आंचल की ममता। एक बार फिर से दोराहे पर खड़े हो गए हैं बलवान सिंह। उनका कहना है कि वे लोग भोले भाले हैं उन्हें पता ही नहीं कि किस तरीके से उनके परिवार के खिलाफ षडयंत्र रचा गया।
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