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डेरा अनुयायियों ने भाई को कराया लापता
Updated Sun, 27 Aug 2017 11:52 PM IST
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डेरा अनुयायियों ने भाई को कराया लापता
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। डेरा प्रमुख राम रहीम के खिलाफ फैसला आने के बाद रविवार को डेरा प्रेमी की गुमशुदगी का मामला भी सामने आया है। जिसके बाद अब उसके समर्थक भी आरोपों के घेरे में आने लगे हैं। गुमशुदा डेरा प्रेमी के भाई ने मीडिया को अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए सरकार से इंसाफ की मांग की है।
न्यू प्योदा रोड निवासी पीड़ित रामचंद्र ने डेरा अनुयायियों पर उसके भाई को लापता करने का आरोप लगाया। रामचंद्र ने बताया कि करीब तीन वर्ष पहले 23 अक्तूबर 2014 में कैथल डेरा समर्थक खैराती लाल, सुशील कुमार, कांता देवी, धीरा राम व महेंद्र सिंह उसके भाई रोशन लाल को बस में बैठाकर डेरा द्वारा चलाए जा रहे सफाई अभियान के लिए मुंबई लेकर गए थे, लेकिन वह घर वापस नहीं लौटा है। जब उसने भाई के बारे में उसे ले जाने वाले लोगों से बातचीत करने की कोशिश की तो इन लोगों ने उसके परिवार को कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। बार-बार रोशन लाल के बारे में पूछने के बावजूद आरोपियों द्वारा उसे केवल गुमराह ही किया गया। रोशन लाल के बडे़ बेटे अरूण ने बताया कि उन्होंने 28 अगस्त 2016 को मुंबई के बीकेसी भरतनगर थाना में रिपोर्ट दर्ज करवाई, लेकिन अभी तक पिता के बारे में जानकारी नहीं मिल पाई है। जब वह इस मामले की शिकायत लेकर जिला प्रशासन के पास गए तो तत्कालीन पुलिस एसपी नेयह कहकर शिकायत दर्ज नहीं कि बाबा को जेड प्लस सिक्योरिटी मिली है। वह बहुत प्रभावशाली है। इसलिए वह किसी भी डेरा समर्थक के खिलाफ मामला दर्ज करेंगे तो सभी डेरा समर्थक भड़क उठेंगे। इसलिए वह मामला दर्ज नहीं कर सकते। उन्होंने डेरा कार्यकर्ताओं पर जानकारी मांगने की सूरत में पैसे देकर मामले को दबाने की कोशिश करने व परिवार वालों को धमकी देने का भी आरोप लगाया।
दो वर्ष बाद मिली झगड़ा होने की खबर
दो साल गुजरने के बाद उन्हें अभियान में साथ गए कैथल के लोगों से जानकारी मिली कि कैथल के डेरा प्रेमियों के साथ उनके पिता का झगड़ा हो गया था। झगड़ा होने के बाद वे कहां गए इस बारे में उन्हें भी कुछ पता नहीं। अरुण ने कहा कि उन्हें तो यह तक नहीं पता कि उनके पिता कहां और किस हाल में हैं।
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परिवार कर रहा न्याय की मांग
रामचंद्र ने बताया कि रोशन लाल के परिवार में उसकी पत्नी के अलावा दो बेटे अरूण, वरूण और एक बेटी नीलम भी है। न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खाकर परिवार थक चुका है। परिवार मांग कर रहा है कि डेरा कार्यकर्ताओं से रोशन लाल के बारे में पूछा जाए और उसकी तलाश करवाई जाए।
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। डेरा प्रमुख राम रहीम के खिलाफ फैसला आने के बाद रविवार को डेरा प्रेमी की गुमशुदगी का मामला भी सामने आया है। जिसके बाद अब उसके समर्थक भी आरोपों के घेरे में आने लगे हैं। गुमशुदा डेरा प्रेमी के भाई ने मीडिया को अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए सरकार से इंसाफ की मांग की है।
न्यू प्योदा रोड निवासी पीड़ित रामचंद्र ने डेरा अनुयायियों पर उसके भाई को लापता करने का आरोप लगाया। रामचंद्र ने बताया कि करीब तीन वर्ष पहले 23 अक्तूबर 2014 में कैथल डेरा समर्थक खैराती लाल, सुशील कुमार, कांता देवी, धीरा राम व महेंद्र सिंह उसके भाई रोशन लाल को बस में बैठाकर डेरा द्वारा चलाए जा रहे सफाई अभियान के लिए मुंबई लेकर गए थे, लेकिन वह घर वापस नहीं लौटा है। जब उसने भाई के बारे में उसे ले जाने वाले लोगों से बातचीत करने की कोशिश की तो इन लोगों ने उसके परिवार को कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। बार-बार रोशन लाल के बारे में पूछने के बावजूद आरोपियों द्वारा उसे केवल गुमराह ही किया गया। रोशन लाल के बडे़ बेटे अरूण ने बताया कि उन्होंने 28 अगस्त 2016 को मुंबई के बीकेसी भरतनगर थाना में रिपोर्ट दर्ज करवाई, लेकिन अभी तक पिता के बारे में जानकारी नहीं मिल पाई है। जब वह इस मामले की शिकायत लेकर जिला प्रशासन के पास गए तो तत्कालीन पुलिस एसपी नेयह कहकर शिकायत दर्ज नहीं कि बाबा को जेड प्लस सिक्योरिटी मिली है। वह बहुत प्रभावशाली है। इसलिए वह किसी भी डेरा समर्थक के खिलाफ मामला दर्ज करेंगे तो सभी डेरा समर्थक भड़क उठेंगे। इसलिए वह मामला दर्ज नहीं कर सकते। उन्होंने डेरा कार्यकर्ताओं पर जानकारी मांगने की सूरत में पैसे देकर मामले को दबाने की कोशिश करने व परिवार वालों को धमकी देने का भी आरोप लगाया।
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दो वर्ष बाद मिली झगड़ा होने की खबर
दो साल गुजरने के बाद उन्हें अभियान में साथ गए कैथल के लोगों से जानकारी मिली कि कैथल के डेरा प्रेमियों के साथ उनके पिता का झगड़ा हो गया था। झगड़ा होने के बाद वे कहां गए इस बारे में उन्हें भी कुछ पता नहीं। अरुण ने कहा कि उन्हें तो यह तक नहीं पता कि उनके पिता कहां और किस हाल में हैं।
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परिवार कर रहा न्याय की मांग
रामचंद्र ने बताया कि रोशन लाल के परिवार में उसकी पत्नी के अलावा दो बेटे अरूण, वरूण और एक बेटी नीलम भी है। न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खाकर परिवार थक चुका है। परिवार मांग कर रहा है कि डेरा कार्यकर्ताओं से रोशन लाल के बारे में पूछा जाए और उसकी तलाश करवाई जाए।