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Kaithal News: स्कूल बसों पर शिकंजा
Tue, 28 Jan 2025 01:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 28 Jan 2025 01:44 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। सड़क सुरक्षा नियमों की अवहेलना करने पर जिला प्रशासन काफी सख्त है। ऐसे में सोमवार को फिर से शुरू हुए जांच अभियान के पहले दिन सुरक्षा मानकों पर खरा न उतरने वाली 17 बसों में से छह में खामियां मिली। इन्हें दुरुस्त करने को कहा गया है। ऐसा न किया तो ये बसें जब्त कर ली जाएंगी।
गौरतलब है कि डीसी प्रीति की ओर से भी बच्चों की सुरक्षा पर काफी ध्यान दिया जा रहा है। शिक्षा विभाग व आरटीए विभाग की गठित संयुक्त टीम ने सोमवार को मानकों पर खरा नहीं उतरने वाली निजी स्कूल बसों पर शिकंजा कसते हुए फिर से जांच शुरू की। पहले दिन जींद रोड स्थित विस्तार अनाज मंडी में संयुक्त अभियान चलाया गया।
जांच में शामिल 17 बसों में से छह बसों में लाइट से जुड़ी समस्या मिली। निजी स्कूल संचालकों को टीम ने तीन दिन में इन कमियों को ठीक करने के आदेश जारी किए। यदि इन्हें दुरुस्त न किया तो इन बसों को जब्त करने की चेतावनी टीम ने दी।
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पिछले साल दिसंबर महीने भी निजी स्कूल बसों की जांच की गई थी। इस दौरान जांच में 600 में से 420 से अधिक निजी स्कूल बसों में खामियां मिली थी। उस समय सबसे अधिक समस्या स्कूल बसों में लगे सीसीटीवी कैमरों का बैकअप न होने की थी। टीम को जिन बस में खामियां मिली, उन्हें दूर करने के निर्देश दिए गए और साथ ही नोटिस दिया।
दिसंबर माह में भी जब निजी स्कूल की बसों की फिटनेस जांची की तो 420 स्कूल बसों में खामियां मिली थीं। इस मुद्दे को अमर उजाला की ओर से भी प्रमुखता से उठाया गया था। इसके बाद डीसी प्रीति ने आरटीए विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि कमियों को दूर करवाने के स्कूल संचालकों को निर्देश दें। बसों में फर्स्ट एड किट, ड्राइवर, कंडक्टर का लाइसेंस, कैमरे, लाइटें, फायर सेफ्टी उपकरण व अन्य पैरामीटर ठीक करवाए जाएं। आरटीए विभाग ने स्कूल संचालकों को 15 दिन का समय दिया था।
जिला प्रशासन के आदेशों के तहत सोमवार से फिर से निजी स्कूल की बसों की जांच शुरू की गई है। कैथल खंड में यह जांच 28 और 31 जनवरी को नियमित रूप से की जाएगी। पहले दिन जांच के लिए 17 बसें पहुंची थी। ये वे बसें थी, जिन्हें दिसंबर में जांच के दौरान कमियां दूर करने के निर्देश जारी किए गए थे। इसमें से छह बसों में लाइट आदि की समस्या मिली जबकि सीसीटीवी कैमरों का बैकअप सही पाया गया है। जिन बसों में खामियां कम मिली तो उन्हें दूर करने के तीन दिन का समय दिया गया है। यदि खामियां दूर नहीं की गईं तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी। - इंस्पेक्टर अनिल सैनी, मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर, आरटीए, कैथल।
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कैथल। सड़क सुरक्षा नियमों की अवहेलना करने पर जिला प्रशासन काफी सख्त है। ऐसे में सोमवार को फिर से शुरू हुए जांच अभियान के पहले दिन सुरक्षा मानकों पर खरा न उतरने वाली 17 बसों में से छह में खामियां मिली। इन्हें दुरुस्त करने को कहा गया है। ऐसा न किया तो ये बसें जब्त कर ली जाएंगी।
गौरतलब है कि डीसी प्रीति की ओर से भी बच्चों की सुरक्षा पर काफी ध्यान दिया जा रहा है। शिक्षा विभाग व आरटीए विभाग की गठित संयुक्त टीम ने सोमवार को मानकों पर खरा नहीं उतरने वाली निजी स्कूल बसों पर शिकंजा कसते हुए फिर से जांच शुरू की। पहले दिन जींद रोड स्थित विस्तार अनाज मंडी में संयुक्त अभियान चलाया गया।
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जांच में शामिल 17 बसों में से छह बसों में लाइट से जुड़ी समस्या मिली। निजी स्कूल संचालकों को टीम ने तीन दिन में इन कमियों को ठीक करने के आदेश जारी किए। यदि इन्हें दुरुस्त न किया तो इन बसों को जब्त करने की चेतावनी टीम ने दी।
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पिछले साल दिसंबर महीने भी निजी स्कूल बसों की जांच की गई थी। इस दौरान जांच में 600 में से 420 से अधिक निजी स्कूल बसों में खामियां मिली थी। उस समय सबसे अधिक समस्या स्कूल बसों में लगे सीसीटीवी कैमरों का बैकअप न होने की थी। टीम को जिन बस में खामियां मिली, उन्हें दूर करने के निर्देश दिए गए और साथ ही नोटिस दिया।
दिसंबर माह में भी जब निजी स्कूल की बसों की फिटनेस जांची की तो 420 स्कूल बसों में खामियां मिली थीं। इस मुद्दे को अमर उजाला की ओर से भी प्रमुखता से उठाया गया था। इसके बाद डीसी प्रीति ने आरटीए विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि कमियों को दूर करवाने के स्कूल संचालकों को निर्देश दें। बसों में फर्स्ट एड किट, ड्राइवर, कंडक्टर का लाइसेंस, कैमरे, लाइटें, फायर सेफ्टी उपकरण व अन्य पैरामीटर ठीक करवाए जाएं। आरटीए विभाग ने स्कूल संचालकों को 15 दिन का समय दिया था।
जिला प्रशासन के आदेशों के तहत सोमवार से फिर से निजी स्कूल की बसों की जांच शुरू की गई है। कैथल खंड में यह जांच 28 और 31 जनवरी को नियमित रूप से की जाएगी। पहले दिन जांच के लिए 17 बसें पहुंची थी। ये वे बसें थी, जिन्हें दिसंबर में जांच के दौरान कमियां दूर करने के निर्देश जारी किए गए थे। इसमें से छह बसों में लाइट आदि की समस्या मिली जबकि सीसीटीवी कैमरों का बैकअप सही पाया गया है। जिन बसों में खामियां कम मिली तो उन्हें दूर करने के तीन दिन का समय दिया गया है। यदि खामियां दूर नहीं की गईं तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी। - इंस्पेक्टर अनिल सैनी, मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर, आरटीए, कैथल।