{"_id":"5e6d1af08ebc3ea7f15deb24","slug":"corona-virus-kaithal-news-knl251271192","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना का असर...मार्केट में छाई मंदी, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना का असर...मार्केट में छाई मंदी, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोरोना वायरस का असर एक तरफ जहां बाजारों पर स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है, वहीं जिला स्वास्थ्य विभाग भी इस संबंध में पूरी तरह से चौकन्ना हो गया है। मलेशिया से आए एक व्यक्ति को एतियातन तौर पर आईसोलेशन वार्ड में रखा गया है। बाजार में चीन से आने वाले सामान कंप्यूटर एसेसरी, मोबाइल हैंडसेट और स्पेयर पार्ट की बिक्री कम हो गई है। मोबाइल, इलेक्ट्रोनिक और कंप्यूटर एसेसरी का कारोबार करीब 30 से 40 प्रतिशत तक कम हो गया है।
दुकानदार आशु सचदेवा, मुकेश, मनोज कुमार, कृष्ण व प्रवीन का कहना है कि वायरस की सूचनाएं जिस तरह से फैल रही हैं, उसी के अनुसार लोगों ने सामान की खरीद भी कम कर दी है। ग्राहकों की संख्या दिनों दिन घट रही है। उन्होंने बताया कि जिस सामान की खरीद के लिए दिन में कई-कई ग्राहक आ जाते थे, अब एक या दो ही आ रहे हैं। चाइना से आने वाले सामान को देश में पूरी तरह से प्रबिंधित कर दिया गया है। जो सामान इस समय दुकानदारों के पास पड़ा है, वहीं इस्तेमाल कर रहे हैं। अगर नया सामान न मिले तो पुराने सामान से काम चलाया जा रहा है। या फिर दूसरी कंपनियों के पार्ट प्रयोग कर रहे हैं।
मोबाइल विक्रेता आशु सचदेवा का कहना है कि कोरोना वायरस की वजह से बाजार में काफी काम मंदा हो गया। ग्राहक भी कम हो रहे। जिस सामान की दिन में तीन-चार पीस की बिक्री थी, वो अब एक पर रह गई है। ऑपो और वीवो का स्टॉक भी पीछे से कम आ रहा है। लोग अपने देश के की एसेसरी को प्राथमिकता दे रहे हैं। मोबाइल विक्रेता मुकेश नागपाल ने बताया कि कोरोना वायरस की वजह काम में 30-40 प्रतिशत की कमी हो गई है। उन्होंने कहा कि वायरस से चाइनीज सामान पर काफी असर पड़ा है। लोग भी चाइनिज सामान नहीं खरीद रहे। लिहाजा पीछे से बड़ी कंपनियों का माल तो आ रहा है लेकिन महंगे सामान के ग्राहक नहीं है। इससे आमदन पर पर गहरा असर दिखा है।
विज्ञापन
कंप्यूटर और एसेसरी विक्रेता आशीष शर्मा ने बताया कि कोरोना वायरस का पूरा प्रभाव मार्केट पर पड़ा है। स्फेयर पार्टस नहीं मिलने से भी ग्राहकों के साथ-साथ दुकानदार भी परेशान हैं। सारी एसेसरी महंगी हो गई है। काम बिल्कुल बंद होने के कगार पर है। कई बार तो सुबह से शाम तक ऐसे ही दुकान पर बैठकर वापस जाना पड़ रहा है।
हालांकि कोरोना वायरस से पीड़ित एक भी व्यक्ति अभी जिले में सामने नहीं आया है, लेकिन इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग चौकन्ना हो गया है। अस्पताल में कोरोना की जांच पड़ताल के लिए अलग से आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। इसके अलावा स्टाफ को भी इस बारे प्रशिक्षित किया जा रहा है। वहीं पोस्टरों और बैनरों के माध्यम से भी विभाग इसके फैलने के कारणों और बचाव के उपायों की जानकारी लोगों को दे रहा है।
विज्ञापन
दुकानदार आशु सचदेवा, मुकेश, मनोज कुमार, कृष्ण व प्रवीन का कहना है कि वायरस की सूचनाएं जिस तरह से फैल रही हैं, उसी के अनुसार लोगों ने सामान की खरीद भी कम कर दी है। ग्राहकों की संख्या दिनों दिन घट रही है। उन्होंने बताया कि जिस सामान की खरीद के लिए दिन में कई-कई ग्राहक आ जाते थे, अब एक या दो ही आ रहे हैं। चाइना से आने वाले सामान को देश में पूरी तरह से प्रबिंधित कर दिया गया है। जो सामान इस समय दुकानदारों के पास पड़ा है, वहीं इस्तेमाल कर रहे हैं। अगर नया सामान न मिले तो पुराने सामान से काम चलाया जा रहा है। या फिर दूसरी कंपनियों के पार्ट प्रयोग कर रहे हैं।
विज्ञापन
मोबाइल विक्रेता आशु सचदेवा का कहना है कि कोरोना वायरस की वजह से बाजार में काफी काम मंदा हो गया। ग्राहक भी कम हो रहे। जिस सामान की दिन में तीन-चार पीस की बिक्री थी, वो अब एक पर रह गई है। ऑपो और वीवो का स्टॉक भी पीछे से कम आ रहा है। लोग अपने देश के की एसेसरी को प्राथमिकता दे रहे हैं। मोबाइल विक्रेता मुकेश नागपाल ने बताया कि कोरोना वायरस की वजह काम में 30-40 प्रतिशत की कमी हो गई है। उन्होंने कहा कि वायरस से चाइनीज सामान पर काफी असर पड़ा है। लोग भी चाइनिज सामान नहीं खरीद रहे। लिहाजा पीछे से बड़ी कंपनियों का माल तो आ रहा है लेकिन महंगे सामान के ग्राहक नहीं है। इससे आमदन पर पर गहरा असर दिखा है।
विज्ञापन
कंप्यूटर और एसेसरी विक्रेता आशीष शर्मा ने बताया कि कोरोना वायरस का पूरा प्रभाव मार्केट पर पड़ा है। स्फेयर पार्टस नहीं मिलने से भी ग्राहकों के साथ-साथ दुकानदार भी परेशान हैं। सारी एसेसरी महंगी हो गई है। काम बिल्कुल बंद होने के कगार पर है। कई बार तो सुबह से शाम तक ऐसे ही दुकान पर बैठकर वापस जाना पड़ रहा है।
हालांकि कोरोना वायरस से पीड़ित एक भी व्यक्ति अभी जिले में सामने नहीं आया है, लेकिन इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग चौकन्ना हो गया है। अस्पताल में कोरोना की जांच पड़ताल के लिए अलग से आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। इसके अलावा स्टाफ को भी इस बारे प्रशिक्षित किया जा रहा है। वहीं पोस्टरों और बैनरों के माध्यम से भी विभाग इसके फैलने के कारणों और बचाव के उपायों की जानकारी लोगों को दे रहा है।