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Kaithal News: चुनाव आचार संहिता से रुका निर्माण कार्य
Wed, 28 Aug 2024 03:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 28 Aug 2024 03:22 AM IST
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जितेंद्र पांचाल
कैथल। आचार संहिता के चलते एक बार फिर राजौंद में बनने वाली राजकीय कॉलेज की इमारत का निर्माण कार्य रुक गया है। पहले करीब तीन साल तक दो विभागों की खींचतान में भवन का निर्माण कार्य उलझा रहा, अब रास्ता साफ हुआ ही था कि चुनाव के चलते लगी आचार संहिता निर्माण कार्य में बाधा बन गई है।
करीब 29 करोड़ रुपये की राशि से बनने वाली यह इमारत घोषणा के तीन वर्ष से ज्यादा बीतने के बाद भी केवल कागजों में सिमटी हुई है। इस समय कॉलेज में लगने वाले विद्यार्थियों की कक्षाएं राजकीय स्कूल के कमरों में लगाई जा रही हैं।
गौरतलब है कि राजौंद में कॉलेज के भवन निर्माण के लिए ग्रामीणों की ओर से लंबे समय से मांग उठाई जा रही है। दूसरी ओर कार्य में विलंब से राजौंद सहित आसपास के ग्रामीणों में रोष पनप रहा है।
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उन्होंने कॉलेज भवन की जगह को लेकर करीब तीन महीने तक धरना देकर सरकार के खिलाफ रोष भी जताया था। इस कॉलेज के भवन के निर्माण के लिए जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से जगह दी गई है, जहां विभाग की योजना एसटीपी बनाने की थी, जबकि ग्रामीणों की मांग बस अड्डे के पास कॉलेज बनाने की मांग है। सांसद नवीन जिंदल के आश्वासन पर नगर के लोगों ने धरना समाप्त किया था।
कॉलेज में बीए की तीनों वर्षों की 60-60 सीटें हैं। राजौंद में कॉलेज बनाने की घोषणा वर्ष 2021 में रक्षाबंधन पर्व पर पूर्व राज्यमंत्री कमलेश ढांडा की मांग पर पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल की ओर से की गई थी। भवन निर्माण के कार्य को आज भी वर्क ऑर्डर जारी होने का इंतजार है। अब आचार संहिता के बाद कार्य शुरू होने का अनुमान लगाया जा रहा है। संवाद
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कैथल। आचार संहिता के चलते एक बार फिर राजौंद में बनने वाली राजकीय कॉलेज की इमारत का निर्माण कार्य रुक गया है। पहले करीब तीन साल तक दो विभागों की खींचतान में भवन का निर्माण कार्य उलझा रहा, अब रास्ता साफ हुआ ही था कि चुनाव के चलते लगी आचार संहिता निर्माण कार्य में बाधा बन गई है।
करीब 29 करोड़ रुपये की राशि से बनने वाली यह इमारत घोषणा के तीन वर्ष से ज्यादा बीतने के बाद भी केवल कागजों में सिमटी हुई है। इस समय कॉलेज में लगने वाले विद्यार्थियों की कक्षाएं राजकीय स्कूल के कमरों में लगाई जा रही हैं।
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गौरतलब है कि राजौंद में कॉलेज के भवन निर्माण के लिए ग्रामीणों की ओर से लंबे समय से मांग उठाई जा रही है। दूसरी ओर कार्य में विलंब से राजौंद सहित आसपास के ग्रामीणों में रोष पनप रहा है।
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उन्होंने कॉलेज भवन की जगह को लेकर करीब तीन महीने तक धरना देकर सरकार के खिलाफ रोष भी जताया था। इस कॉलेज के भवन के निर्माण के लिए जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से जगह दी गई है, जहां विभाग की योजना एसटीपी बनाने की थी, जबकि ग्रामीणों की मांग बस अड्डे के पास कॉलेज बनाने की मांग है। सांसद नवीन जिंदल के आश्वासन पर नगर के लोगों ने धरना समाप्त किया था।
कॉलेज में बीए की तीनों वर्षों की 60-60 सीटें हैं। राजौंद में कॉलेज बनाने की घोषणा वर्ष 2021 में रक्षाबंधन पर्व पर पूर्व राज्यमंत्री कमलेश ढांडा की मांग पर पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल की ओर से की गई थी। भवन निर्माण के कार्य को आज भी वर्क ऑर्डर जारी होने का इंतजार है। अब आचार संहिता के बाद कार्य शुरू होने का अनुमान लगाया जा रहा है। संवाद