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Kaithal News: गोष्ठी में किसानों को पराली प्रबंधन के उपाय बताए
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किसान गोष्ठी के मौके पर मंच पर मौजूद अधिकारी। विज्ञप्ति
कैथल। फाउंडेशन फॉर डेवलपमेंट इनिशिएटिव की ओर से प्रोजेक्ट हरित धरा साफ वायु के तहत गांव बाबा लदाना में किसान गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें उप निदेशक कृषि डॉ. रविंदर कुमार ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। गोष्ठी में किसानों को पराली न जलाने, फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। डॉ. रविंदर कुमार ने किसानों को धान की पराली के वैज्ञानिक प्रबंधन की जानकारी दी।
उन्होंने फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी, इन-सीटू और एक्स-सीटू प्रबंधन, धान की सीधी बिजाई और कृषि मशीनरी के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि किसान सरकारी योजनाओं और उपलब्ध कृषि मशीनरी का लाभ उठाकर पराली का उचित प्रबंधन करें। पराली जलाने से मिट्टी की उर्वरता प्रभावित होने के साथ पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचता है। एफडीआई के साहिल शर्मा ने प्रोजेक्ट के तहत किए जा रहे कार्यों की दी। उन्होंने बताया कि कैथल जिले के 97 गांवों में फसल अवशेष प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूकता गतिविधियां चलाई जा रही हैं। संस्था के नि:शुल्क पराली प्रशिक्षण केंद्रों में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को पराली से उपयोगी उत्पाद तैयार करने का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. अमित सोढ़ी ने किसानों से संवाद करते हुए फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर जानकारी दी। गोष्ठी में 150 से अधिक किसानों ने भाग लिया। इस अवसर पर डॉ. जसबीर सिंह, कृषि विभाग से मंदीप, सरपंच गुरनाम सिंह, एफडीआई से दुर्गेश शर्मा और संस्था की टीम मौजूद रही। कार्यक्रम के समापन पर किसानों ने फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करने और पराली नहीं जलाने की शपथ ली।
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उन्होंने फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी, इन-सीटू और एक्स-सीटू प्रबंधन, धान की सीधी बिजाई और कृषि मशीनरी के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि किसान सरकारी योजनाओं और उपलब्ध कृषि मशीनरी का लाभ उठाकर पराली का उचित प्रबंधन करें। पराली जलाने से मिट्टी की उर्वरता प्रभावित होने के साथ पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचता है। एफडीआई के साहिल शर्मा ने प्रोजेक्ट के तहत किए जा रहे कार्यों की दी। उन्होंने बताया कि कैथल जिले के 97 गांवों में फसल अवशेष प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूकता गतिविधियां चलाई जा रही हैं। संस्था के नि:शुल्क पराली प्रशिक्षण केंद्रों में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को पराली से उपयोगी उत्पाद तैयार करने का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
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कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. अमित सोढ़ी ने किसानों से संवाद करते हुए फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर जानकारी दी। गोष्ठी में 150 से अधिक किसानों ने भाग लिया। इस अवसर पर डॉ. जसबीर सिंह, कृषि विभाग से मंदीप, सरपंच गुरनाम सिंह, एफडीआई से दुर्गेश शर्मा और संस्था की टीम मौजूद रही। कार्यक्रम के समापन पर किसानों ने फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करने और पराली नहीं जलाने की शपथ ली।

किसान गोष्ठी के मौके पर मंच पर मौजूद अधिकारी। विज्ञप्ति
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