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Kaithal News: कैथल डिपो में परिचालकों के 46 पद रिक्त, बस संचालन प्रभावित
Sun, 22 Feb 2026 01:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 22 Feb 2026 01:03 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। रोडवेज डिपो में परिचालकों की संख्या लगातार घट रही है, जिससे बस संचालन प्रभावित हो रहा है। परिवहन विभाग में कुल 336 परिचालकों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में केवल 290 परिचालक ही सेवाएं दे रहे हैं। 46 पद लंबे समय से खाली पड़े हैं, जिसका सीधा असर बसों के नियमित संचालन पर पड़ रहा है। समय पर बसें न मिलने से यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
नई भर्ती नहीं होने के कारण विभाग ने अस्थायी व्यवस्थाएं लागू कर रखी हैं। कुछ रूटों पर परिचालकों को अतिरिक्त ड्यूटी दी जा रही है, जबकि कुछ स्थानों पर बसों के सीमित फेरे संचालित किए जा रहे हैं। हालांकि, यह व्यवस्था स्थायी समाधान नहीं मानी जा रही। अतिरिक्त कार्यभार के कारण कर्मचारियों में थकान बढ़ रही है और कार्यकुशलता पर भी असर पड़ रहा है।
हर वर्ष डिपो में कई परिचालक सेवानिवृत्त हो रहे हैं, लेकिन उनकी जगह नई नियुक्तियां नहीं हो पा रही हैं। रोडवेज ने अनुबंध पर चालक-परिचालक नियुक्त किए हुए हैं, लेकिन शिकायतें अधिक होने के कारण कई बार उन्हें हटाना पड़ता है। खासकर ग्रामीण रूटों पर रात्रि ठहराव वाली बसों में परिचालकों को लंबे समय तक ड्यूटी करनी पड़ रही है।
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शहर के व्यस्त और प्रमुख रूटों पर परिचालकों की कमी अधिक महसूस की जा रही है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2018 में रोडवेज विभाग ने परिचालकों की स्थायी भर्ती की थी। इसके बाद से कौशल रोजगार निगम के माध्यम से ही कर्मचारियों की नियुक्ति की जा रही है। वर्तमान में कैथल डिपो में लीज और रोडवेज की कुल 192 बसें विभिन्न रूटों पर संचालित हो रही हैं। एक कर्मचारी की ड्यूटी अवधि आठ घंटे निर्धारित है।
नई भर्ती की मांग ः कर्मचारी संदीप व कृष्ण और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं की गई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, सीईटी परीक्षा के बाद परिचालकों की नई भर्ती निकलने की संभावना है। रिक्त पदों को भरने के लिए प्रस्ताव तैयार कर डिपो की ओर से मुख्यालय को भेजा जा चुका है।
यात्री मनोज, रामसिंह और बनबीर सिंह का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन आमजन की जीवनरेखा है और इसमें किसी भी प्रकार की कमी सीधे तौर पर लोगों को प्रभावित करती है। कई बार परिचालकों की कमी के कारण बसों के फेरे रद्द कर दिए जाते हैं, जिससे यात्रियों को घंटों स्टॉप पर इंतजार करना पड़ता है। इससे समय की बर्बादी भी होती है। यात्रियों को उम्मीद है कि सरकार जल्द नई भर्ती कर ठोस कदम उठाएगी।
कर्मचारियों की कम संख्या के
बारे में मुख्यालय को अवगत कराया गया है। जल्द ही नए परिचालकों की भर्ती होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यात्रियों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
-विपुल कुमार, टीएम
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कैथल। रोडवेज डिपो में परिचालकों की संख्या लगातार घट रही है, जिससे बस संचालन प्रभावित हो रहा है। परिवहन विभाग में कुल 336 परिचालकों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में केवल 290 परिचालक ही सेवाएं दे रहे हैं। 46 पद लंबे समय से खाली पड़े हैं, जिसका सीधा असर बसों के नियमित संचालन पर पड़ रहा है। समय पर बसें न मिलने से यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
नई भर्ती नहीं होने के कारण विभाग ने अस्थायी व्यवस्थाएं लागू कर रखी हैं। कुछ रूटों पर परिचालकों को अतिरिक्त ड्यूटी दी जा रही है, जबकि कुछ स्थानों पर बसों के सीमित फेरे संचालित किए जा रहे हैं। हालांकि, यह व्यवस्था स्थायी समाधान नहीं मानी जा रही। अतिरिक्त कार्यभार के कारण कर्मचारियों में थकान बढ़ रही है और कार्यकुशलता पर भी असर पड़ रहा है।
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हर वर्ष डिपो में कई परिचालक सेवानिवृत्त हो रहे हैं, लेकिन उनकी जगह नई नियुक्तियां नहीं हो पा रही हैं। रोडवेज ने अनुबंध पर चालक-परिचालक नियुक्त किए हुए हैं, लेकिन शिकायतें अधिक होने के कारण कई बार उन्हें हटाना पड़ता है। खासकर ग्रामीण रूटों पर रात्रि ठहराव वाली बसों में परिचालकों को लंबे समय तक ड्यूटी करनी पड़ रही है।
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शहर के व्यस्त और प्रमुख रूटों पर परिचालकों की कमी अधिक महसूस की जा रही है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2018 में रोडवेज विभाग ने परिचालकों की स्थायी भर्ती की थी। इसके बाद से कौशल रोजगार निगम के माध्यम से ही कर्मचारियों की नियुक्ति की जा रही है। वर्तमान में कैथल डिपो में लीज और रोडवेज की कुल 192 बसें विभिन्न रूटों पर संचालित हो रही हैं। एक कर्मचारी की ड्यूटी अवधि आठ घंटे निर्धारित है।
नई भर्ती की मांग ः कर्मचारी संदीप व कृष्ण और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं की गई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, सीईटी परीक्षा के बाद परिचालकों की नई भर्ती निकलने की संभावना है। रिक्त पदों को भरने के लिए प्रस्ताव तैयार कर डिपो की ओर से मुख्यालय को भेजा जा चुका है।
यात्री मनोज, रामसिंह और बनबीर सिंह का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन आमजन की जीवनरेखा है और इसमें किसी भी प्रकार की कमी सीधे तौर पर लोगों को प्रभावित करती है। कई बार परिचालकों की कमी के कारण बसों के फेरे रद्द कर दिए जाते हैं, जिससे यात्रियों को घंटों स्टॉप पर इंतजार करना पड़ता है। इससे समय की बर्बादी भी होती है। यात्रियों को उम्मीद है कि सरकार जल्द नई भर्ती कर ठोस कदम उठाएगी।
कर्मचारियों की कम संख्या के
बारे में मुख्यालय को अवगत कराया गया है। जल्द ही नए परिचालकों की भर्ती होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यात्रियों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
-विपुल कुमार, टीएम