फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Committee will monitor the safety protocol of children coming to schools

स्कूलों में आने वाले बच्चों के सेफ्टी प्रोटोकॉल पर रहेगी कमेटी की निगरानी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 13 Jul 2021 11:51 PM IST
विज्ञापन
Committee will monitor the safety protocol of children coming to schools
शिक्षा विभाग 16 जुलाई से कक्षा नौवीं से 12वीं तक के स्कूलों को खोलने की तैयारी में है। जिस प्रकार कोरोना महामारी की संभावित तीसरी लहर में बच्चों को खतरा ज्यादा बताया जा रहा है, उसको देखते हुए शिक्षा विभाग ने पहले ही स्कूलों में कक्षाएं शुरू करवाने के प्रबंधों को पुख्ता करना शुरू कर दिया है। अब स्कूलों में एक दिन में केवल 50 प्रतिशत बच्चों की कक्षाएं लगाने की ही अनुमति होगी। ऐसे में बाकी 50 प्रतिशत बच्चों को दूसरे दिन बुलाया जाएगा। स्कूलों में आने वाले इन बच्चों के स्वास्थ्य की देखरेख के लिए स्कूलों के प्रबंधन को कमेटियां बनाने के निर्देश जारी किए गए हैं। स्कूल में बनी नई कमेटी की बच्चों के सेफ्टी प्रोटोकॉल को देखेगी। इस कमेटी में स्कूल प्रबंधन समिति के प्रधान के अलावा, मुख्य शिक्षक अथवा प्रिंसिपल, एक पीटीआई शिक्षक, एक डीपीई, दो शिक्षक, एनएसएस, एनसीसी या स्काउट से संबंधित शिक्षक व एक सक्षम युवा को शामिल किया जाएगा। इनके अलावा कंप्यूटर शिक्षक व स्कूलों में बने हाउसेज में से उसका हेड कमेटी में शामिल किया जाएगा।
विज्ञापन

दोनों डोज लगवाए बिना शिक्षक को नहीं होगी बच्चे पढ़ाने की अनुमति :- वैक्सीन की दोनों डोज लगवाए बिना शिक्षकों को बच्चे पढ़ाने की अनुमति नहीं होगी। इसी प्रकार स्कूलों में आने वाले बच्चों की भी रोजाना स्वास्थ्य की जांच की जाएगी। बच्चों की थर्मल स्कैनिंग करने और तापमान से संबंधित डाटा प्रतिदिन अवसर एप पर डाला जाएगा। यहां तक कि बच्चों को पानी पीने के लिए बोतलें तक घर से लानी होंगी। स्कूल में नलों से पानी की बोतलें भरने की अनुमति होगी। नलों पर पानी नहीं पानी होगा। बोतल से ही बच्चे पानी लेंगे और एक दूसरे को बोतल भी नहीं देंगे।
विज्ञापन

रोजाना एक ही बेंच पर बैठेंगे बच्चे :-बच्चों को बैठने के रोजाना एक ही बैंच उपलब्ध करवाया जाएगा। किसी भी दूसरे बेंच पर बैठने की बच्चे को अनुमति नहीं होगी। अगर स्कूल में ज्यादा बड़े कमरे हैं तो बच्चों को कमरों में बैठाया जाएगा, अन्यथा बरामदे में खुले स्थानों पर बैठाया जाएगा। प्रत्येक बच्चे के बीच में कम से कम 6 फीट की दूरी अनिवार्य रहेगी। बच्चों को मास्क, सैनिटाइजर व साबुन स्कूलों में ही उपलब्ध करवाए जाएंगे। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी अनिल शर्मा व डिप्टी डीईओ कुलदीप सिंह ने बताया कि स्कूल के मुख्य द्वार को भी दो हिस्सों में बांटा जाएगा। इनमें से एक हिस्से से बच्चों को स्कूल में प्रवेश करवाया जाएगा, जबकि दूसरा हिस्सा निकास के लिए होगा। अभिभावकों की अनुमति के बाद ही बच्चों को स्कूल में बुलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि नजदीक के स्वास्थ्य केंद्रों का नंबर भी स्कूलों में उपलब्ध रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed