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इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष को नहीं घुसने दिया कॉलेज में
ब्यूरो कैथल
Updated Sat, 30 Jul 2016 11:49 PM IST
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दिग्विजय चौटाला को इंदिरा गांधी कॉलेज में अंदर नहीं घुसने दिया गया।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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इंडियन नेशनल स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला को इंदिरा गांधी कॉलेज में अंदर नहीं घुसने दिया गया। कॉलेज प्रशासन ने प्रवेश द्वार पर ताला जड़कर छात्राओं को पिछले गेट से बाहर निकाल दिया। बाद में चौटाला ने पिछले गेट पर पहुंच कर छात्राओं से मुलाकात की ओर कॉलेज व जिला इकाई की महिला विंग के प्रधानों के नाम का एलान किया। चौटाला ने कॉलेज प्रशासन के कदम को छात्राओं के संवैधानिक अधिकारों का दमन बताते हुए इसे विधानसभा से लेकर संसद तक उठाए जाने की बात कही। साथ ही कहा कि कॉलेज प्रबंधक कमेटी एक राजनीतिक परिवार से जुड़ा होने के कारण ऐसा कर रहा है। जबकि कालेज प्रबंधन का कहना है कि लड़कियों के कॉलेज में परिसर के अंदर राजनीतिक गतिविधियों की इजाजत नहीं दी जाएगी।
5 अगस्त को इनसो के स्थापना दिवस के अवसर पर कुरुक्षेत्र में आयोजित होने वाले समारोह के लिए इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला कॉलेजों में पहुंच कर छात्र-छात्राओं को निमंत्रण देने कैथल पहुंचे थे।
उनके पहुंचने से पूर्व ही इनसो की महिला विंग की नेशनल को-ऑर्डिनेटर मंजू जागखड़, नेशनल ज्वाईंट सेक्रेट्री प्रीति बूरा, चिन्नू राणा, मनीषा जिला प्रधान संपूर्ण कोयल के साथ आईजी कॉलेज में प्रबंधन से मिलने पहुंचे। जहां प्रबंधन ने प्रवेश द्वार को ताला लगाकर बाहरी लोगों के अंदर जाने पर रोक लगा दी। इसी बीच पुलिस को सूचना मिल गई। थाना महिला पुलिस, सिविल लाइन से भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस बल ने इन पदाधिकारियों से उनके आई कार्ड मांगें तो वे दिखा नहीं पाए। बाद में कॉलेज की ओर से मीनाक्षी कौशल सहित दो अन्य लेक्चरर्स ने गेट पर आकर पदाधिकारियों को कहा कि छात्राओं से मिलना है तो परिसर से बाहर मुलाकात कर लें। अंदर इसकी इजाजत नहीं दी जा सकती। इसके बाद पुलिस वहां से चली गई।
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तभी दिग्विजय चौटाला प्रवेश द्वार पर पहुंच गए। उन्होंने गेट खोलने को कहा। लेकिन प्रवेश द्वार नहीं खोला गया। इसी बीच कॉलेज प्रबंधन ने छात्राओं की छुट्टी कर पिछले गेट से बाहर निकाल दिया। बाद में चौटाला भी अपने साथियों के साथ ढांड रोड स्थित कॉलेज के पिछले प्रवेश द्वार पर पहुंचे। जहां उन्होंने छात्राओं से मुलाकात की। यहां चौटाला ने काजल मित्तल को आईजी कॉलेज इनसो की प्रधान व अंजू जागलान को महिला विंग की जिला प्रधान नियुक्त करने की घोषणा की। दोनों पदाधिकारियों सहित अन्य छात्राओं ने कहा कि कॉलेज प्रशासन ने अंदर ही उन्हें रोके रखा। बाद में सभी छात्राओं को पिछले प्रवेश द्वार से निकाल दिया। जबकि अभी छुट्टी का भी समय नहीं हुआ है।
दिग्विजय चौटाला ने कहा कि यह छात्राओं के बोलने व सुनने के संवैधानिक अधिकारों का हनन है। वे यहां 5 अगस्त को कुरुक्षेत्र में मनाए जा रहे इनसो के स्थापना दिवस समारोह के लिए निमंत्रण देने आए थे। लेकिन कॉलेज प्रबंधन के एक राजनीतिक परिवार सुरजेवाला से जुड़ा होने के कारण छात्राओं को अंदर ही रोक लिया। उनकी आवाज को दबाया जा रहा है। सांसद दुष्यंत चौटाला एवं विधायक नैना चौटाला के माध्यम से इस मुद्दे को विधानसभा और संसद में उठाया जाएगा। साथ ही जिला प्रशासन को कॉलेज प्रबंधन के इस कार्य की शिकायत कर कार्रवाई की मांग की जाएगी।
कॉलेज प्रिंसिपल साधना ठुकराल ने कहा कि कॉलेज के अंदर छात्राओं के साथ मीटिंग की बात की जा रही थी। लेकिन कॉलेज में जो बेटियां आती हैं, उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी संस्थान की है। इसीलिए कॉलेज परिसर के अंदर राजनीतिक गतिविधियों की इजाजत नहीं दी जा सकती। कॉलेज से बाहर यदि कोई राजनीति करता है तो कर सकता है। बेटियों की सुरक्षा व शिक्षा के माहौल को बनाए रखने के लिए राजनीतिक गतिविधियों के लिए अनुमति नहीं मिलेगी। चाहे कोई भी पार्टी का नेता या पदाधिकारी आए।
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5 अगस्त को इनसो के स्थापना दिवस के अवसर पर कुरुक्षेत्र में आयोजित होने वाले समारोह के लिए इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला कॉलेजों में पहुंच कर छात्र-छात्राओं को निमंत्रण देने कैथल पहुंचे थे।
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उनके पहुंचने से पूर्व ही इनसो की महिला विंग की नेशनल को-ऑर्डिनेटर मंजू जागखड़, नेशनल ज्वाईंट सेक्रेट्री प्रीति बूरा, चिन्नू राणा, मनीषा जिला प्रधान संपूर्ण कोयल के साथ आईजी कॉलेज में प्रबंधन से मिलने पहुंचे। जहां प्रबंधन ने प्रवेश द्वार को ताला लगाकर बाहरी लोगों के अंदर जाने पर रोक लगा दी। इसी बीच पुलिस को सूचना मिल गई। थाना महिला पुलिस, सिविल लाइन से भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस बल ने इन पदाधिकारियों से उनके आई कार्ड मांगें तो वे दिखा नहीं पाए। बाद में कॉलेज की ओर से मीनाक्षी कौशल सहित दो अन्य लेक्चरर्स ने गेट पर आकर पदाधिकारियों को कहा कि छात्राओं से मिलना है तो परिसर से बाहर मुलाकात कर लें। अंदर इसकी इजाजत नहीं दी जा सकती। इसके बाद पुलिस वहां से चली गई।
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तभी दिग्विजय चौटाला प्रवेश द्वार पर पहुंच गए। उन्होंने गेट खोलने को कहा। लेकिन प्रवेश द्वार नहीं खोला गया। इसी बीच कॉलेज प्रबंधन ने छात्राओं की छुट्टी कर पिछले गेट से बाहर निकाल दिया। बाद में चौटाला भी अपने साथियों के साथ ढांड रोड स्थित कॉलेज के पिछले प्रवेश द्वार पर पहुंचे। जहां उन्होंने छात्राओं से मुलाकात की। यहां चौटाला ने काजल मित्तल को आईजी कॉलेज इनसो की प्रधान व अंजू जागलान को महिला विंग की जिला प्रधान नियुक्त करने की घोषणा की। दोनों पदाधिकारियों सहित अन्य छात्राओं ने कहा कि कॉलेज प्रशासन ने अंदर ही उन्हें रोके रखा। बाद में सभी छात्राओं को पिछले प्रवेश द्वार से निकाल दिया। जबकि अभी छुट्टी का भी समय नहीं हुआ है।
दिग्विजय चौटाला ने कहा कि यह छात्राओं के बोलने व सुनने के संवैधानिक अधिकारों का हनन है। वे यहां 5 अगस्त को कुरुक्षेत्र में मनाए जा रहे इनसो के स्थापना दिवस समारोह के लिए निमंत्रण देने आए थे। लेकिन कॉलेज प्रबंधन के एक राजनीतिक परिवार सुरजेवाला से जुड़ा होने के कारण छात्राओं को अंदर ही रोक लिया। उनकी आवाज को दबाया जा रहा है। सांसद दुष्यंत चौटाला एवं विधायक नैना चौटाला के माध्यम से इस मुद्दे को विधानसभा और संसद में उठाया जाएगा। साथ ही जिला प्रशासन को कॉलेज प्रबंधन के इस कार्य की शिकायत कर कार्रवाई की मांग की जाएगी।
कॉलेज प्रिंसिपल साधना ठुकराल ने कहा कि कॉलेज के अंदर छात्राओं के साथ मीटिंग की बात की जा रही थी। लेकिन कॉलेज में जो बेटियां आती हैं, उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी संस्थान की है। इसीलिए कॉलेज परिसर के अंदर राजनीतिक गतिविधियों की इजाजत नहीं दी जा सकती। कॉलेज से बाहर यदि कोई राजनीति करता है तो कर सकता है। बेटियों की सुरक्षा व शिक्षा के माहौल को बनाए रखने के लिए राजनीतिक गतिविधियों के लिए अनुमति नहीं मिलेगी। चाहे कोई भी पार्टी का नेता या पदाधिकारी आए।