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अब मशीन से एक बार ही होगी सड़क की सफाई
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शहर में सफाई को लेकर संसाधनों के अनावश्यक प्रयोग पर अब अधिकारियों ने संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी के सामने सफाई कर्मचारियों ने यह महत्वपूर्ण रहस्योद्घाटन किया। जिसमें बताया कि जिस सड़क पर कर्मचारी रात को सफाई करते हैं, दिन में भी उसी सड़क की सफाई होती है और मशीन के माध्यम से डिवाइडरों को भी साफ किया जाता है। जिससे संसाधनों का सफाई के लिए समुचित प्रयोग नहीं हो पा रहा है। अधिकारियों ने इस पर संज्ञान लेकर ड्यूटी रोस्टर की समीक्षा करने का फैसला लिया है।
कर्मचारियों को दी जाएंगी पीपीई किट- अधिकारी जब कर्मचारियों को स्वच्छता अभियान में संबोधित कर रहे थे तो सफाई कर्मचारियों ने पीपीई किट, मास्क व अन्य सुविधाओं की मांग की। साथ ही बताया कि कर्मचारियों की ड्यूटी वितरण ठीक से नहीं हो रहा। रात को जिस सड़क की सफाई होती है, दिन में भी उसी की सफाई होती है, मशीन से भी उसी सड़क को साफ किया जाता है। जिससे संसाधनों का सदुपयोग नहीं हो रहा। कई सड़कों और अन्य जगहों पर सफाई समय से नहीं हो पाती है। इस पर पंखूड़ी गुप्ता ने कहा कि इस बारे में अधिकारियों से बात करके ड्यूटी रोस्टर की समीक्षा की जाएगी। जिस कर्मचारी को नाले में उतरना पड़ता है, उसे पीपीई किट दी जाएगी। बाकी कर्मचारियों को मास्क व अन्य सुविधाएं भी दी जाएंगी। सभी कर्मचारियों ने शहर को स्वच्छ रखने का संकल्प दोहराया।
सक्षम युवाओं की लगाई गई वार्ड अनुसार ड्यूटी- डीएमसी कार्यालय में बुधवार को सक्षम युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी पंखूड़ी गुप्ता व ईओ अशोक कुमार ने बताया कि स्वच्छता सर्वेक्षण अभियान में उन्हें कैथल, राजौंद, कलायत, पूंडरी, गुहला-चीका में वार्ड अलॉट किए जाएंगे। जिसमें उन्हें घर-घर जाकर लोगों को एनजीटी के निर्देशों के बारे में जागरूक करने का काम दिया जाएगा। लोगों को सूखे व गीले कचरे को अलग-अलग एकत्रित करने, कचरे को बार-बार घर के बाहर न फेंकने, कचरा एकत्रित करने के लिए घर में ही बॉक्स लगाने व डोर टू डोर एजेंसी को अलग-अलग ही कचरा उपलब्ध करवाने, पॉलिथीन का कम प्रयोग करने के बारे में जागरूक करेंगे। साथ ही वार्ड में जहां भी कचरे का ढेर दिखेगा, उसके बारे में विभाग को सूचित करेंगे। लोगों के मोबाइल में स्वच्छता एप डाउनलोड करवाएंगे।
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कर्मचारियों को दी जाएंगी पीपीई किट- अधिकारी जब कर्मचारियों को स्वच्छता अभियान में संबोधित कर रहे थे तो सफाई कर्मचारियों ने पीपीई किट, मास्क व अन्य सुविधाओं की मांग की। साथ ही बताया कि कर्मचारियों की ड्यूटी वितरण ठीक से नहीं हो रहा। रात को जिस सड़क की सफाई होती है, दिन में भी उसी की सफाई होती है, मशीन से भी उसी सड़क को साफ किया जाता है। जिससे संसाधनों का सदुपयोग नहीं हो रहा। कई सड़कों और अन्य जगहों पर सफाई समय से नहीं हो पाती है। इस पर पंखूड़ी गुप्ता ने कहा कि इस बारे में अधिकारियों से बात करके ड्यूटी रोस्टर की समीक्षा की जाएगी। जिस कर्मचारी को नाले में उतरना पड़ता है, उसे पीपीई किट दी जाएगी। बाकी कर्मचारियों को मास्क व अन्य सुविधाएं भी दी जाएंगी। सभी कर्मचारियों ने शहर को स्वच्छ रखने का संकल्प दोहराया।
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सक्षम युवाओं की लगाई गई वार्ड अनुसार ड्यूटी- डीएमसी कार्यालय में बुधवार को सक्षम युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी पंखूड़ी गुप्ता व ईओ अशोक कुमार ने बताया कि स्वच्छता सर्वेक्षण अभियान में उन्हें कैथल, राजौंद, कलायत, पूंडरी, गुहला-चीका में वार्ड अलॉट किए जाएंगे। जिसमें उन्हें घर-घर जाकर लोगों को एनजीटी के निर्देशों के बारे में जागरूक करने का काम दिया जाएगा। लोगों को सूखे व गीले कचरे को अलग-अलग एकत्रित करने, कचरे को बार-बार घर के बाहर न फेंकने, कचरा एकत्रित करने के लिए घर में ही बॉक्स लगाने व डोर टू डोर एजेंसी को अलग-अलग ही कचरा उपलब्ध करवाने, पॉलिथीन का कम प्रयोग करने के बारे में जागरूक करेंगे। साथ ही वार्ड में जहां भी कचरे का ढेर दिखेगा, उसके बारे में विभाग को सूचित करेंगे। लोगों के मोबाइल में स्वच्छता एप डाउनलोड करवाएंगे।
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