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उपद्रव के विरोध में श्ाहर बंद
अमर उजाला ब्यूरो/कैथल
Updated Tue, 01 Mar 2016 11:54 PM IST
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35 बिरादरी के बैनर नीचे मंगलवार को हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतरे। लोगों ने जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान उपद्रवियों द्वारा मचाए उत्पात का विरोध अपने प्रतिष्ठान बंद रखे और बंद में शामिल होकर अपना विरोध जताया। 35 बिरादरी के आह्वान पर बुलाया गया कैथल बंद पूरी तरह से सफल रहा। लोगों ने आरक्षण आंदोलन में चुप होकर उपद्रव को बढ़ावा देने वाले अधिकारियों के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली।
वहीं एक ही नारा-अब और नहीं सहेंगे अन्याय, देकर अपनी आवाज बुलंद की। 35 बिरादरी के कैथल बंद के लिए सुबह हजारों की संख्या में लोग सबसे पहले चंदाना गेट रामलीला मैदान में एकत्रित हुए। इस मुहिम की कमान 35 बिरादरी ने समाजसेवी शिवशंकर पाहवा को सौंपी थी। उनके साथ पूर्व विधायक भाई लीला राम, कैलाश भगत, सुरेश गर्ग नौच, रॉकी मित्तल, इंद्रजीत सरदाना, प्रदर्शन परुथी, सुषम कपूर, पालाराम सैनी, सतीश राजपाल, राकेश टंडन, अनिल सौदा, श्यामलाल कल्याण, डा. अश्विनी खुराना, शीशन शाह, अश्वनी शौरेवाला, मुरारी गेरा, हरिकेश सैनी, प्रवीण चौधरी, सुशील चोपड़ा, मुकेश जैन, एडवोकेट कृष्ण सैनी, डिंपल प्रजापति, सोनू सेठ, रोहित सरदाना, संदीप गोयल, कपिल सिरोही नैन, हरीश चंद्र मदान, जग्गा सैनी, जेपी कल्याण, सुभाष कथूरिया, धर्मबीर सैनी, प्रेम कल्याण, अनिल टक्कर, रामनिवास मित्तल, मनोहर लाल आहुजा, संदीप मलिक, दिलबाग डोरा सहित अन्य शहर के कई प्रतिष्ठित लोगों ने भी शहर की एकता एवं भाईचारे पर बल दिया।
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इसके पश्चात सभी 35 बिरादरी के लोग हाथों में नारे लिखी तख्तियां लेकर रोष जुलूस निकालते हुए निकले। यह रोष मार्च जलसा चंदाना गेट, अशोका सिनेमा रोड, शहीद भगत सिंह चौक, छात्रावास रोड, पुराना बस स्टैंड, पिहोवा चौक, करनाल रोड से होता हुआ लघु सचिवालय परिसर में पहुंचा। यहां हजारों की संख्या की भीड़ ने भारत माता जिंदाबाद के नारों के साथ अपनी आवाज बुलंद की और अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। रोष मार्च की अगुवाई कर रहे शिवशंकर पाहवा, लीलाराम, कैलाश भगत, इंद्रजीत सरदाना, पालाराम सैनी, बाबू राम सैनी सहित अन्य प्रतिष्ठित लोगों ने नगराधीश नवीन आहुजा को मुख्यमंत्री, हरियाणा के नाम अपनी मांगों का ज्ञापन दिया।
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रोष प्रदर्शन में उमड़ पड़ी लोगों की भीड़
इस रोष प्रदर्शन में न केवल शहर बल्कि गांवों से भी भारी संख्या में लोग भाग लेने पहुंचे। सभी के मन में उपद्रव को लेकर इतना गुस्सा था कि निरवानिया बिल्डिंग से लेकर पिहोवा चौक तक लोगों की भीड़ का काफिला नहीं टूटा। भीड़ के कारण इन मार्गों पर जाम की सी स्थिति बनी रही। लघु सचिवालय में लोगों का रोष थमने का नाम नहीं ले रहा था। लोगों ने 35 बिरादरी जिंदाबाद के नारों से आसमान गुंजायमान कर दिया। यहां करीब एक घंटे तक लोगों ने जमकर नारेबाजी की और रोष मार्च की अगुवाई कर रहे नेताओं ने विचार भी रखे। ज्ञापन देने के आधे घंटे बाद तक भी भीड़ वहीं डटी रहीं। बाद में लोगों की भीड़ एकत्रित होकर लोक निर्माण विभाग विश्रामगृह पहुंची। जहां लोगों ने मंत्री नायब सैनी को अपना दुखड़ा सुनाकर रोष प्रकट किया। यहां रोष मार्च का नेतृत्व कर रहे नेताओं ने भी राज्यमंत्री नायब सैनी से मिलकर अपनी पीड़ा सुनाई।
फलों की रेहड़ी तक नहीं लगाई लोगों ने
उपद्रव में हुई हिंसा का लोगों में इतना रोष था कि लोगों ने मंगलवार को फलों की रेहड़ी तक नहीं लगाई। राइस मिल से लेकर छोटे दुकानदार लगभग सभी ने अपनी दुकानें बंद रखीं। शहर में चंदाना गेट से लेकर अशोका सिनेमा रोड, भगत सिंह चौक के चारों ओर स्थित लकड़ी, छोटी मंडी कपड़ा मार्केट सहित तमाम प्रतिष्ठान बंद रहे। इसी प्रकार से शहर की जीवन रेखाओं में शामिल मेन बाजार, तलाई बाजार, क्वालिटी चौक, शास्त्री मार्केट, अंबाला रोड, करनाल रोड, क्वाल्टिी चौक से पिहोवा चौक तक का मार्ग, करनाल रोड, ढांड रोड पर अधिकतर प्रतिष्ठान बंद रहे।