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तीन महिलाओं में चौधर की जंग, चार हजार से अधिक मतदाता करेंगे फैसला
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8-कलायत। चौधर के दंगल को लेकर मंथन करती महिलाएं
- फोटो : Kaithal
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कलायत। राष्ट्रीय राजमार्ग पर बसे गांव खरक पांडवा में सरपंच पद का मुकाबला रोचक हो गया है। गांव में 4237 मतदाता हैं तथा मुकाबले में तीन महिलाएं आमने-सामने हैं। इनमें दसवीं पास सुनीता देवी और कुसुम हैं। इसके अलावा जेबीटी पास सुमन भी मैदान में हैं।
जाट बाहुल्य इस गांव में 36 बिरादरी प्रेम और भाईचारे से रहती हैं। गांव खरक पांडवा को भारतीय किसान यूनियन के गढ़ के रूप में भी जाना जाता है। भाकियू हरियाणा के संस्थापक फतेह सिंह फतवा गांव खरक पांडवा के थे और दो बार गांव के सरपंच रहे। इस बार उनकी पुत्रवधू सुनीता चुनाव मैदान में हैं। इसके अलावा चौधर के लिए कुसुम और सुमन भी उम्मीदवार हैं। गांव में सैंदा, मैणा व आदू नामक तीन पट्टियां हैं। सबसे अधिक वोट सैंदा पट्टी में हैं।
गांव की चौधर को लेकर महिलाओं और पुरुषों की बैठकों का दौर जारी है। बैठकों में एक बात निकल कर सामने आ रही है कि जो उम्मीदवार गांव की समस्याओं के प्रति गंभीर दिखाई देगा, उसे ही गांव की चौधर सौंपी जाएगी। ग्रामीण गुरनाम सिंह, सुरेश कुमार, पूर्व सरपंच रामकरण, शमशेर सिंह, ईश्वर, सहारण खाप के पूर्व प्रधान रामपाल सहारण, वेदपाल, रणधीर सिंह व विक्रम ने बताया कि गांव में सबसे बड़ी समस्या पीने के पानी और गंदे पानी की निकासी की है। गांव से करीब दो किलोमीटर दूर जाकर पीने का पानी लाना पड़ता है। पूरा गांव गंदे पानी से अटा पड़ा है। गांव में कोई खेल स्टेडियम न होने के कारण गांव के युवाओं को अपनी खेल प्रतिभा तराशने का मौका ही नहीं मिल रहा।
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दसवीं पास उम्मीदवार सुनीता देवी ने कहा कि उनके ससुर ने अपनी जमीन में सरकारी स्कूल बना कर गांव में शिक्षा की अलख जगाई थी। वे उनके रास्ते पर चलते हुए उनके मिशन को आगे लेकर जाएंगी। स्कूल में कमरों व स्टाफ की भारी समस्या है। स्कूल का लेवल गहरा होने के कारण बरसात के दिनों में यह झील में तब्दील हो जाता है। उनकी कोशिश रहेगी की वे स्कूल की कमियों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करवाएंगी। इसके अलावा गांव में खेल स्टेडियम के निर्माण के लिए प्रयास करेंगी। गांव में पीने के पानी की समस्या को दूर करवाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
उधर जेबीटी पास सुमन का कहना है कि गांव में स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है। इसके अलावा हर तरह की पेंशन लेने के लिए महिलाओं, बुुजुर्गों और विकलांगों को गांव बात्ता जाना पड़ता है। उनका पूरा प्रयास रहेगा की गांव में ही स्वास्थ्य और बैंक की सुविधा दिलवाई जाए। इसके अलावा गांव के गंदे पानी की निकासी पर भी उनका पूरा फोकस रहेगा। तीसरी उम्मीदवार कुसुम के समर्थक भी जीतने पर गांव की मुख्य समस्याओं को खत्म कराने का दावा कर रहे हैं। दूसरी ओर प्रशासन ने गांव के चार बूथों को संवेदनशील घोषित किया है। गांव की चौधर का चुनाव लड़ रही एक उम्मीदवार सैंदा पट्टी से हैं और दो उम्मीदवार मैणा पट्टी से संबंधित हैं। इनमें 1262 वोटों वाली तीसरी आदू पट्टी ही हार जीत तय करने वाली है।
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जाट बाहुल्य इस गांव में 36 बिरादरी प्रेम और भाईचारे से रहती हैं। गांव खरक पांडवा को भारतीय किसान यूनियन के गढ़ के रूप में भी जाना जाता है। भाकियू हरियाणा के संस्थापक फतेह सिंह फतवा गांव खरक पांडवा के थे और दो बार गांव के सरपंच रहे। इस बार उनकी पुत्रवधू सुनीता चुनाव मैदान में हैं। इसके अलावा चौधर के लिए कुसुम और सुमन भी उम्मीदवार हैं। गांव में सैंदा, मैणा व आदू नामक तीन पट्टियां हैं। सबसे अधिक वोट सैंदा पट्टी में हैं।
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गांव की चौधर को लेकर महिलाओं और पुरुषों की बैठकों का दौर जारी है। बैठकों में एक बात निकल कर सामने आ रही है कि जो उम्मीदवार गांव की समस्याओं के प्रति गंभीर दिखाई देगा, उसे ही गांव की चौधर सौंपी जाएगी। ग्रामीण गुरनाम सिंह, सुरेश कुमार, पूर्व सरपंच रामकरण, शमशेर सिंह, ईश्वर, सहारण खाप के पूर्व प्रधान रामपाल सहारण, वेदपाल, रणधीर सिंह व विक्रम ने बताया कि गांव में सबसे बड़ी समस्या पीने के पानी और गंदे पानी की निकासी की है। गांव से करीब दो किलोमीटर दूर जाकर पीने का पानी लाना पड़ता है। पूरा गांव गंदे पानी से अटा पड़ा है। गांव में कोई खेल स्टेडियम न होने के कारण गांव के युवाओं को अपनी खेल प्रतिभा तराशने का मौका ही नहीं मिल रहा।
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दसवीं पास उम्मीदवार सुनीता देवी ने कहा कि उनके ससुर ने अपनी जमीन में सरकारी स्कूल बना कर गांव में शिक्षा की अलख जगाई थी। वे उनके रास्ते पर चलते हुए उनके मिशन को आगे लेकर जाएंगी। स्कूल में कमरों व स्टाफ की भारी समस्या है। स्कूल का लेवल गहरा होने के कारण बरसात के दिनों में यह झील में तब्दील हो जाता है। उनकी कोशिश रहेगी की वे स्कूल की कमियों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करवाएंगी। इसके अलावा गांव में खेल स्टेडियम के निर्माण के लिए प्रयास करेंगी। गांव में पीने के पानी की समस्या को दूर करवाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
उधर जेबीटी पास सुमन का कहना है कि गांव में स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है। इसके अलावा हर तरह की पेंशन लेने के लिए महिलाओं, बुुजुर्गों और विकलांगों को गांव बात्ता जाना पड़ता है। उनका पूरा प्रयास रहेगा की गांव में ही स्वास्थ्य और बैंक की सुविधा दिलवाई जाए। इसके अलावा गांव के गंदे पानी की निकासी पर भी उनका पूरा फोकस रहेगा। तीसरी उम्मीदवार कुसुम के समर्थक भी जीतने पर गांव की मुख्य समस्याओं को खत्म कराने का दावा कर रहे हैं। दूसरी ओर प्रशासन ने गांव के चार बूथों को संवेदनशील घोषित किया है। गांव की चौधर का चुनाव लड़ रही एक उम्मीदवार सैंदा पट्टी से हैं और दो उम्मीदवार मैणा पट्टी से संबंधित हैं। इनमें 1262 वोटों वाली तीसरी आदू पट्टी ही हार जीत तय करने वाली है।