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Kaithal News: मौसम में बदलाव, अस्पताल में बढ़ रही मरीजों की संख्या
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कलायत। मौसम परिवर्तन के साथ ही खांसी जुकाम के मरीजों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी हो गई है। सरकारी अस्पताल में ओपीडी में फ्लू के मरीजों की अधिकता है। इलाज के लिए आ रहे मरीजों का कहना है कि एक तो अस्पताल में चिकित्सकों की भारी कमी है उस पर चिकित्सकों द्वारा लिखी गई पूरी दवाएं स्टोर में मिल नहीं रहीं। मजबूरन उन्हें दवा बाहर से खरीदना पड़ती है।
बीरभान, सुरेंद्र, अशोक कुमार आदी मरीजों का कहना है कि चिकित्सक की ओर से लिखी गई पीने की दवा अस्पताल में उपलब्ध नहीं है। इस बारे प्रवर चिकित्सा अधिकारी डाॅ. राजीव मित्तल का कहना है कि कुछ समय से पीने की दवा की कमी है जो इस सप्ताह में पूरी हो जाऐगी। उन्होंने कहा कि खांसी जुकाम या फ्लू की दवाओं की कोई कमी नहीं है। जो दवा अस्पताल में समाप्त है उसको चिकित्सक की से प्रतिबद्ध नहीं किया जाता।
मौसम के बदलाव को लेकर डाॅ. राजीव मित्तल ने कहा कि कि जब भी मौसम में बदलाव होता है तो हमारी कमी के कारण से ही बीमारी हो जाती है। उन्होंने कहा कि मौसम बदलाव में हम गर्म कपड़े पहनना एकदम छोड़ देते हैं। ऐसे में एकदम ठंड के कपड़े पहनना न छोड़ें। धूप में गर्मी और छाया में ठंड लगने के कारण से भी फ्लू हो सकता है। ठंडा पानी अभी प्रयोग में न लाएं और पीने के पानी की मात्रा को बढ़ाएं। मौसमी फल और सब्जियों का सेवन अधिक से अधिक करें और स्नान के लिए एकदम ठंडे पानी पर न जाएं। यदि इस तरह की सावधानियां रखी जाएं तो मौसम के एक्सपोजर से बचा जा सकता है।
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अस्पताल में मरीजों की संख्या के अनुसार नहीं हैं चिकित्सक
कलायत नागरिक अस्पताल उपमंडल स्तर का है जिसमें प्रतिदिन सैंकड़ों मरीज इलाज के लिए आते हैं। कलायत अस्पताल में चिकित्सकों के दो एसएमओ व 11 एमओ कुल 13 पद स्वीकृत हैं। इस समय अस्पताल में एक एसएमओ और दो एमओ अपनी सेवाएं दे रहे हैं। 10 पद रिक्त ही पड़े है। कुल तीन चिकित्सकों के सहारे ही उपमंडल स्तरीय अस्पताल चल रहा है। क्षेत्र के लोगों की मांग है कि कलायत के सरकारी अस्पताल में चिकित्सकों की संख्या बढ़ाई ताकी मरीजों को सहूलियत मिल सके।
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बीरभान, सुरेंद्र, अशोक कुमार आदी मरीजों का कहना है कि चिकित्सक की ओर से लिखी गई पीने की दवा अस्पताल में उपलब्ध नहीं है। इस बारे प्रवर चिकित्सा अधिकारी डाॅ. राजीव मित्तल का कहना है कि कुछ समय से पीने की दवा की कमी है जो इस सप्ताह में पूरी हो जाऐगी। उन्होंने कहा कि खांसी जुकाम या फ्लू की दवाओं की कोई कमी नहीं है। जो दवा अस्पताल में समाप्त है उसको चिकित्सक की से प्रतिबद्ध नहीं किया जाता।
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मौसम के बदलाव को लेकर डाॅ. राजीव मित्तल ने कहा कि कि जब भी मौसम में बदलाव होता है तो हमारी कमी के कारण से ही बीमारी हो जाती है। उन्होंने कहा कि मौसम बदलाव में हम गर्म कपड़े पहनना एकदम छोड़ देते हैं। ऐसे में एकदम ठंड के कपड़े पहनना न छोड़ें। धूप में गर्मी और छाया में ठंड लगने के कारण से भी फ्लू हो सकता है। ठंडा पानी अभी प्रयोग में न लाएं और पीने के पानी की मात्रा को बढ़ाएं। मौसमी फल और सब्जियों का सेवन अधिक से अधिक करें और स्नान के लिए एकदम ठंडे पानी पर न जाएं। यदि इस तरह की सावधानियां रखी जाएं तो मौसम के एक्सपोजर से बचा जा सकता है।
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अस्पताल में मरीजों की संख्या के अनुसार नहीं हैं चिकित्सक
कलायत नागरिक अस्पताल उपमंडल स्तर का है जिसमें प्रतिदिन सैंकड़ों मरीज इलाज के लिए आते हैं। कलायत अस्पताल में चिकित्सकों के दो एसएमओ व 11 एमओ कुल 13 पद स्वीकृत हैं। इस समय अस्पताल में एक एसएमओ और दो एमओ अपनी सेवाएं दे रहे हैं। 10 पद रिक्त ही पड़े है। कुल तीन चिकित्सकों के सहारे ही उपमंडल स्तरीय अस्पताल चल रहा है। क्षेत्र के लोगों की मांग है कि कलायत के सरकारी अस्पताल में चिकित्सकों की संख्या बढ़ाई ताकी मरीजों को सहूलियत मिल सके।