फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Cement falling from the roof, children studying in fear

Kaithal News: छत से झरता सीमेंट, डर के साये में पढ़ रहे नौनिहाल

Wed, 12 Nov 2025 12:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Wed, 12 Nov 2025 12:23 AM IST
विज्ञापन
Cement falling from the roof, children studying in fear
डयोढ़खेड़ी गांव में स्कूल की छत से उखड़ी सीमेंट। - फोटो : जैन मंदिर तिराहे पर कार की चेकिंग करते ट्रैफिक पुलिसकर्मी। संवाद
कपिल तंवर
विज्ञापन


कैथल। जिले के चार राजकीय स्कूलों के 24 कमरे बदहाली की इंतहा पार कर चुके हैं। इन चार स्कूलों में गांव फरल का राजकीय मॉडल संस्कृति प्राइमरी स्कूल, जी.जी. पब्लिक स्कूल कौल, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल जडौला और राजकीय मॉडल स्कूल ड्योढ़खेड़ी शामिल हैं। इन स्कूलों के कमरों की छत से सीमेंट झरता है। हालात ऐसे हैं कि डर के साये में नौनिहाल यहां पर पढ़ रहे हैं।

अभिभावकों का कहना है कि इन स्कूलों की इमारतें अब खुद अपने अस्तित्व पर सवाल बन चुकी हैं। छतों से उखड़कर गिरता सीमेंट लगता है किसी हादसे का इंतजार कर रहा है। डर और असुरक्षा के बीच यहां के बच्चे शिक्षा ग्रहण करने के लिए मजबूर हैं।
विज्ञापन


गांव ड्योढ़खेड़ी के मॉडल स्कूल में कई बार कक्षा के दौरान छत से सीमेंट गिर चुका है, जिससे बच्चे बाल-बाल बचे। अब एहतियातन स्कूल स्टाफ ने बच्चों को कमरों के बाहर बरामदे या खुले परिसर में बैठाकर पढ़ाई करवानी शुरू कर दी है। बरसात और धूप में यह स्थिति और भी विकट हो जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


राजकीय मॉडल स्कूल ड्योढ़खेड़ी की इंचार्ज कमलेश ने बताया कि विभाग को स्थिति से अवगत करवा दिया गया है। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर खराब कमरों पर ताले लगा दिए गए हैं। बच्चों को अन्य कमरों या खुले स्थान पर बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। संवाद

जिले के राजकीय स्कूलों में खराब कमरों का ब्योरा

गांव
स्कूल
खराब कमरों की संख्या
निर्माण वर्ष

ड्योढ़खेड़ी राजकीय मॉडल स्कूल
05

1976

कौल जी.जी. पब्लिक स्कूल कौल
03

1979

जडौला राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल
11

1954

फरल राजकीय मॉडल संस्कृति प्राइमरी स्कूल
05

1952

फरल निवासी विक्की राणा ने बताया कि यह स्कूल गांव का सबसे पुराना शिक्षण संस्थान है। पहले यह हाई स्कूल था, अब प्राथमिक विद्यालय के रूप में संचालित है। उन्होंने कहा कि गांव का भविष्य इसी स्कूल में पढ़ रहा है, लेकिन जर्जर कमरे बच्चों और शिक्षकों दोनों के लिए खतरा बन चुके हैं। प्रशासन और सरकार को इन कमरों का पुनर्निर्माण करवाना चाहिए।


गांव ड्योढ़खेड़ी के सरपंच राजेश नैन ने बताया कि उन्होंने कई बार अधिकारियों से गुहार लगाई, परंतु अब तक कमरे कंडम घोषित नहीं किए गए। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार और प्रशासन से मांग है कि जल्द इन कमरों को कंडम घोषित कर नए कमरे बनवाए जाएं ताकि बच्चे सुरक्षित माहौल में पढ़ सकें।

डयोढ़खेड़ी गांव में स्कूल की छत से उखड़ी सीमेंट।

डयोढ़खेड़ी गांव में स्कूल की छत से उखड़ी सीमेंट।- फोटो : जैन मंदिर तिराहे पर कार की चेकिंग करते ट्रैफिक पुलिसकर्मी। संवाद

डयोढ़खेड़ी गांव में स्कूल की छत से उखड़ी सीमेंट।

डयोढ़खेड़ी गांव में स्कूल की छत से उखड़ी सीमेंट।- फोटो : जैन मंदिर तिराहे पर कार की चेकिंग करते ट्रैफिक पुलिसकर्मी। संवाद

डयोढ़खेड़ी गांव में स्कूल की छत से उखड़ी सीमेंट।

डयोढ़खेड़ी गांव में स्कूल की छत से उखड़ी सीमेंट।- फोटो : जैन मंदिर तिराहे पर कार की चेकिंग करते ट्रैफिक पुलिसकर्मी। संवाद

डयोढ़खेड़ी गांव में स्कूल की छत से उखड़ी सीमेंट।

डयोढ़खेड़ी गांव में स्कूल की छत से उखड़ी सीमेंट।- फोटो : जैन मंदिर तिराहे पर कार की चेकिंग करते ट्रैफिक पुलिसकर्मी। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed