Kaithal: कैथल व कुरुक्षेत्र के छह स्कूलों को फर्जी दस्तावेजों से दिलाई CBSE से संबद्धता, ऐसे खुला मामला
कैथल जिले में गुरु नानक पब्लिक हाई स्कूल फरल को एनओसी 26 मई 2021 को निदेशालय द्वारा प्रदान नहीं की गई। निदेशालय ने एनओसी 31 अगस्त 2021 को प्रदान की है। इसी तरह से डिवाइन ग्रेस पब्लिक स्कूल ढांड को एनओसी 12 अक्टूबर 2021 को निदेशालय की ओर से प्रदान नहीं की गई है।
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कैथल व कुरुक्षेत्र जिले के छह निजी स्कूलों को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सीबीएसई की संबद्धता दिलवाने का मामला सामने आया है। मामले में पुलिस ने करनाल निवासी दलाल के खिलाफ केस दर्ज किया है। इस संबंध में सीबीएसई के सहायक निदेशक कार्यालय की ओर से एसपी कार्यालय को शिकायत प्रेषित की गई। उसके आधार पर यह कार्रवाई हुई है।
शिकायत में आरोप है कि तरुण कुमार धीमान इंद्री जिला करनाल का रहने वाला है। जिला कुरुक्षेत्र के चार विद्यालयों व कैथल के दो विद्यालयों को तरुण कुमार धीमान ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सीबीएसई से संबद्धता दिलवाई है। ये भी स्पष्ट नहीं है कि जो संबद्धता स्कूलों के पास है वह समयानुसार सही है या नहीं। आरोप है कि कुरुक्षेत्र जिले के माता गुजरी पब्लिक स्कूल बोरीपुर को एनओसी 01 सितंबर 2021 को निदेशालय द्वारा जारी नहीं की गई है। निदेशालय ने एनओसी 22 मार्च 2022 को प्रदान की है। कुरुक्षेत्र जिले के ही गुरु नानक शिक्षा निकेतन वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बागथला को एनओसी 01 सितंबर 2021 को जारी नहीं की गई। यह विद्यालय के पास 20 जुलाई 2021 से ही मौजूद थी। इसी जिले के एसएमबी गीता वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रेलवे रोड कुरुक्षेत्र को एनओसी 23 जून 2021 को निदेशालय द्वारा प्रदान नहीं की गई। एनओसी 30 मई 2022 से विद्यालय के पास पेंडिंग है। ऐसे ही गुरु नानक प्रीतम कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मारकंडा को एनओसी 21 जून 2021 निदेशालय द्वारा प्रदान नहीं की गई। एनओसी मामला विद्यालय के पास 29 जनवरी 2022 से पेंडिंग है।
कैथल जिले में गुरु नानक पब्लिक हाई स्कूल फरल को एनओसी 26 मई 2021 को निदेशालय द्वारा प्रदान नहीं की गई। निदेशालय ने एनओसी 31 अगस्त 2021 को प्रदान की है। इसी तरह से डिवाइन ग्रेस पब्लिक स्कूल ढांड को एनओसी 12 अक्टूबर 2021 को निदेशालय की ओर से प्रदान नहीं की गई है। निदेशक की ओर से आरोपी तरुण कुमार धीमान के विरुद्ध कार्रवाई करने व इस संबंध में निदेशालय को अवगत करवाने की अपील भी की गई है। पूंडरी थाना एसएचओ शिवकुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर संबद्धता लेने के आधार पर कार्रवाई शुरू की है। मामले में आगामी जांच की जा रही है। संबद्धता सही है या नहीं, इसकी भी जांच की जाएगी। पुलिस धारा 420 के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई कर रही है।
कैथल शिक्षा विभाग की ओर से शुरू की गई चिराग योजना के नाम पर दाखिला दिलवाने पर रुपये लेने के मामले में केस दर्ज किया है। बता दें कि पिछले महीने ही दो व्यक्तियों की ओर से सरकार के साथ अनुबंध होने की बात कहकर योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वे किया जा रहा था। इस सर्वे में आरोपियों की ओर से 100-100 रुपये अभिभावकों से लिए जा रहे थे। जब इसकी जानकारी गांव नरवल के सरकारी स्कूल में कार्यरत एक अध्यापक को मिली तो उसने ग्रामीण बनकर इस गिरोह के सदस्य से अभिभावक बनकर बातचीत की थी। उसने इस बातचीत के ऑडियो को वायरल कर दिया था। इस मामले में अध्यापक संघ ने विरोध किया और मामला दर्ज करवाने की मांग की थी। अब जांच पूरी होने के बाद राजौंद थाना में केस दर्ज किया गया है।
यह दी गई थी शिकायत
जिला शिक्षा अधिकारी शमशेर सिंह सिरोही ने राजौंद थाना में दी गई शिकायत में बताया कि उन्हें 13 नवंबर को वाट्सएप के माध्यम से डीसी व निदेशालय से एक ऑडियो मिली थी। इसमें कुछ व्यक्तियों द्वारा चिराग योजना के विरुद्ध भार्मिक प्रचार किया जा रहा है, जो पूरी तरह से गलत है। इसलिए इस ऑडियो की सत्यता की जांच करके आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। इस ऑडियो में सतपाल सागर और सुरजीत ने चिराग योजना के नाम पर रुपये मांगे हैं।
यह था पूरा मामला
बता दें कि राजौंद के गांव कोटड़ा में दो व्यक्तियों की ओर से अभिभावकों से चिराग योजना के तहत उनके बच्चों का दाखिला करवाने की बात की जा रही थी। इसमें कहा जा रहा था कि वह योजना के तहत सर्वे कर रहे हैं। इसलिए उन्हें 100 रुपये देने होंगे। इसके बाद उनके बच्चों का योजना के तहत नाम आ जाएगा। इस बातचीत की ऑडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग की ओर से कार्रवाई की जा रही है। मामले में राजौंद थाना प्रभारी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि डीईओ की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। इसमें जांच शुरू की गई है।