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Kaithal News: कुष्ठ रोग खत्म करने के लिए 13 से अभियान

Fri, 26 Apr 2024 04:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Fri, 26 Apr 2024 04:36 AM IST
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Campaign to end leprosy from 13
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। स्वास्थ्य विभाग कुष्ठ रोग को मिटाने के लिए कवायद शुरू करेगा। इस कवायद के तहत विभाग 13 मई से कुष्ठ रोगी खोजी अभियान चलाएगा। इस अभियान के तहत जिले में कुष्ठ रोगियों की पहचान की जाएगी। यह अभियान 26 मई तक जारी रहेगा।

गौरतलब है कि जिला नागरिक अस्पताल में कुष्ठ रोगियों को निशुल्क इलाज मिलता है। पूरे जिले में इस समय 54 कुष्ठ रोगी है। इसमें 2023 से लेकर अब तक छह मरीज इस साल मिले हैं। हालांकि और मरीजों की पहचान के लिए यह अभियान शुरू किया जा रहा है।
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स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए 66 टीमों का गठन किया है, जो पूरे जिले में घर-घर पहुंचकर कुष्ठ रोगियों की जांच करेंगे। इसमें ईट भट्टा, स्लम एरिया, कंस्ट्रक्शन साइट पर जांच की जाएगी। इस अभियान के कुष्ठ रोगियों को बचाव के लिए माइक्रो सेलूलर रबड़ भी मुहैया करवाई जाती है।
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कुष्ठ रोग से यह है बचाव ः केवल अनुपचारित लेप्रोमेटस रूप संक्रामक है, हालांकि तब भी संक्रमण आसानी से नहीं फैलता है। एक बार उपचार शुरू हो जाने के बाद, कुष्ठ रोग नहीं फैल सकता है। संक्रमित लोगों से शारीरिक तरल पदार्थ और दाने के संपर्क से बचें। आर्मडिलोस के साथ संपर्क से बचें।


कुष्ठ रोग को मिटाने के लिए फिर से युद्ध स्तर पर तैयारी की जा रही है। कुष्ठ रोगी खोजी अभियान शुरू किया जा रहा है। यह रोग कोई कलंक नहीं है, बल्कि दीर्घकालीन संक्रामक रोग है, जो माइक्रोबैक्टीरियम लेप्री नामक जीवाणु से फैलता है। यह हाथ-पैरों की परिधीय तंत्रिका, त्वचा, नाक की म्यूकोसा और श्वसन तंत्र के ऊपरी हिस्से को प्रभावित करता है। यदि कुष्ठ रोग की पहचान और उपचार शीघ्र न हो तो यह स्थाई विकलांगता का कारण बन जाता है। बताया कि किसी भी कुष्ठ रोगी से भेदभाव नहीं करना चाहिए। ऐसे रोगियों को भी समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए यह अभियान शुरू किया जाएगा। - रेनू चावला, सिविल सर्जन, कैथल।
ये हैं लक्षण
n
त्वचा पर पिंड

n
पैरों पर दर्द रहित छाले

n भौहें या पलकों की अनुपस्थिति

n
दर्द रहित गांठ या चेहरे या कान की लोलियों पर सूजन

n
त्वचा पर हल्के रंग के धब्बे

n
मोटी, कड़ी या रूखी त्वचा
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