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Kaithal News: ज्ञान परंपरा को बढ़ावा देने का आह्वान
Mon, 13 Apr 2026 02:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 13 Apr 2026 02:54 AM IST
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एनआईआईएलएम विश्वविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय परिचायक वर्ग कार्यक्रम में मौजूद मुख्य अतिथि व अ
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कैथल। एनआईआईएलएम विश्वविद्यालय में भारतीय शिक्षण मंडल, कुरुक्षेत्र विभाग की ओर से आयोजित दो दिवसीय परिचायक वर्ग कार्यक्रम का समापन हो गया। कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा और शिक्षा में भारतीयता के महत्व को बढ़ावा देना रहा।
इस अवसर पर प्रांत अध्यक्ष एवं अखिल भारतीय मंडल कार्य विभाग प्रमुख ने प्रो़ जितेंद्र भारद्वाज ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। कहा कि भारतीय शिक्षण मंडल का उद्देश्य मूल्य आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना है।
इस दौरान वक्ताओं ने प्रतिभागियों से आह्वान किया कि वे समाज में जाकर भारतीय मूल्यों और संस्कारों के अनुरूप शिक्षा के प्रसार में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने विभिन्न स्रोतों और श्लोकों के माध्यम से मंडल निर्माण तथा भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने आशा जताई कि सभी प्रतिभागी इस प्रशिक्षण का उपयोग समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए करेंगे।
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इससे पहले सुबह के सत्र की शुरुआत योगाभ्यास और श्लोकाेच्चारण के साथ हुई, जिसे दिलबाग शास्त्री ने संपन्न करवाया। प्रथम सत्र में प्रेम शंकर ने भारतीय शिक्षण मंडल की ओर से वर्षभर आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। संवाद
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इस अवसर पर प्रांत अध्यक्ष एवं अखिल भारतीय मंडल कार्य विभाग प्रमुख ने प्रो़ जितेंद्र भारद्वाज ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। कहा कि भारतीय शिक्षण मंडल का उद्देश्य मूल्य आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना है।
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इस दौरान वक्ताओं ने प्रतिभागियों से आह्वान किया कि वे समाज में जाकर भारतीय मूल्यों और संस्कारों के अनुरूप शिक्षा के प्रसार में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने विभिन्न स्रोतों और श्लोकों के माध्यम से मंडल निर्माण तथा भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने आशा जताई कि सभी प्रतिभागी इस प्रशिक्षण का उपयोग समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए करेंगे।
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इससे पहले सुबह के सत्र की शुरुआत योगाभ्यास और श्लोकाेच्चारण के साथ हुई, जिसे दिलबाग शास्त्री ने संपन्न करवाया। प्रथम सत्र में प्रेम शंकर ने भारतीय शिक्षण मंडल की ओर से वर्षभर आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। संवाद