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Kaithal News: गूंजता रहा, बोल बम और हर-हर महादेव
Mon, 14 Jul 2025 11:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 14 Jul 2025 11:48 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। सावन माह के पहले सोमवार को कलायत पूरी तरह शिवमय हो गया। तड़के सुबह से ही शहर के प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। खटवांगेश्वर शिव मंदिर, ग्यारह रुद्री शिव मंदिर और कपिल मुनि मंदिर परिसर स्थित शिवालयों में सुबह 5 बजे भव्य आरती के साथ पूजा-अर्चना का आरंभ हुआ। मंदिर परिसर दिनभर बोल बम, जय ओंकार, और हर-हर महादेव के जयघोषों से गूंजता रहा।
जलाभिषेक का सिलसिला दोपहर तक जारी रहा : सुबह 5 बजे से शुरू हुआ जलाभिषेक दोपहर तक निरंतर चलता रहा। खटवांगेश्वर मंदिर में श्रद्धालु घंटों कतार में खड़े होकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते रहे। मंदिर के पुजारी रामगोपाल ने बताया कि सावन के सोमवार को गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद, धतूरा, भांग आदि से शिवलिंग का अभिषेक करने से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं।
श्रावण का विशेष महत्व : पंडित विशाल शांडिल्य ने कहा कि श्रावण मास में जलाभिषेक का विशेष महत्व है क्योंकि मान्यता है कि इसी मास के श्रवण नक्षत्र में मां गंगा भगवान शिव की जटाओं में अवतरित हुई थीं। इस दिन महादेव की पूजा से आरोग्यता, दीर्घायु और सुख-शांति का वरदान मिलता है। आयुष्मान योग में स्नान कराने से विशेष पुण्यफल की प्राप्ति होती है।
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सोलह सोमवारी व्रत की भी शुरुआत : पंडितों ने बताया कि आज से सोलह सोमवारी व्रत की भी शुरुआत हो रही है। इस बार सावन में कुल चार सोमवार पड़ेंगे। सुहागन महिलाएं शिव-पार्वती की पूजा कर अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं : कपिल मुनि मंदिर के पुजारी संजय शास्त्री ने बताया कि मंदिर समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लाइन, बैरिकेडिंग और प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई थी, ताकि सभी भक्त शांति और श्रद्धा के साथ जलाभिषेक कर सकें।
प्राचीन ईंट मंदिर में भी रही श्रद्धालुओं की भीड़ : छठी शताब्दी में बने ऐतिहासिक प्राचीन ईंट मंदिर (ब्रिक टेंपल) में भी दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। यहां भोलेनाथ का महारुद्राभिषेक भी करवाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
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कलायत। सावन माह के पहले सोमवार को कलायत पूरी तरह शिवमय हो गया। तड़के सुबह से ही शहर के प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। खटवांगेश्वर शिव मंदिर, ग्यारह रुद्री शिव मंदिर और कपिल मुनि मंदिर परिसर स्थित शिवालयों में सुबह 5 बजे भव्य आरती के साथ पूजा-अर्चना का आरंभ हुआ। मंदिर परिसर दिनभर बोल बम, जय ओंकार, और हर-हर महादेव के जयघोषों से गूंजता रहा।
जलाभिषेक का सिलसिला दोपहर तक जारी रहा : सुबह 5 बजे से शुरू हुआ जलाभिषेक दोपहर तक निरंतर चलता रहा। खटवांगेश्वर मंदिर में श्रद्धालु घंटों कतार में खड़े होकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते रहे। मंदिर के पुजारी रामगोपाल ने बताया कि सावन के सोमवार को गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद, धतूरा, भांग आदि से शिवलिंग का अभिषेक करने से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं।
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श्रावण का विशेष महत्व : पंडित विशाल शांडिल्य ने कहा कि श्रावण मास में जलाभिषेक का विशेष महत्व है क्योंकि मान्यता है कि इसी मास के श्रवण नक्षत्र में मां गंगा भगवान शिव की जटाओं में अवतरित हुई थीं। इस दिन महादेव की पूजा से आरोग्यता, दीर्घायु और सुख-शांति का वरदान मिलता है। आयुष्मान योग में स्नान कराने से विशेष पुण्यफल की प्राप्ति होती है।
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सोलह सोमवारी व्रत की भी शुरुआत : पंडितों ने बताया कि आज से सोलह सोमवारी व्रत की भी शुरुआत हो रही है। इस बार सावन में कुल चार सोमवार पड़ेंगे। सुहागन महिलाएं शिव-पार्वती की पूजा कर अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं : कपिल मुनि मंदिर के पुजारी संजय शास्त्री ने बताया कि मंदिर समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लाइन, बैरिकेडिंग और प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई थी, ताकि सभी भक्त शांति और श्रद्धा के साथ जलाभिषेक कर सकें।
प्राचीन ईंट मंदिर में भी रही श्रद्धालुओं की भीड़ : छठी शताब्दी में बने ऐतिहासिक प्राचीन ईंट मंदिर (ब्रिक टेंपल) में भी दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। यहां भोलेनाथ का महारुद्राभिषेक भी करवाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।