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Kaithal News: मोटा अनाज इस्तेमाल के बताए फायदे
Sun, 24 Sep 2023 12:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 24 Sep 2023 12:38 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सीवन। अंतरराष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष 2022-23 के तहत शनिवार को नगर पालिका कार्यालय परिसर में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ग्राम सचिवों के अलावा आम लोगों ने हिस्सा लिया। मुख्य वक्ता खंड कृषि अधिकारी डाॅ. जगबीर सिंह लांबा ने लोगों को बताया कि ज्वार, बाजरा, रागी को मोटा अनाज, स्वस्थ अनाज, पोषक अनाज भी कहां जाता है। जिस प्रकार बीमारियां बढ़ती जा रही है, उनको रोकने का एकमात्र उपाय मोटा अनाज है।
उन्होंने बताया कि मोटे अनाज से हमें बीमारियों से लड़ने की शक्ति प्राप्त होती है। हमें चाहिए कि हम धीरे-धीरे गेहूं तथा धान की फसल के साथ ज्वार, बाजरा, रागी आदि फसलों का भी उत्पादन करें।
इससे जहां किसान की आमदनी बढ़ेगी और शहरी क्षेत्रों में पनप रही बीमारियों से भी निजात मिलेगी। ज्वार, बाजरा, रागी जैसी फसलों के उत्पादन से फसल चक्कर में भी विविधता आती है। इसका मुख्य लाभ यह होता है कि मिट्टी के स्वस्थ पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
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डाॅ. अनूप माथुर ने कहा कि समाज में फैल रही बीमारियों का मुख्य कारण हमारे आहार में गेहूं एवं धान के नियमित सेवन रहा है। अध्यक्षता उपमंडल कृषि अधिकारी डाॅ. सतीश कुमार नारा ने की। इस मौके पर किसान जलदीप कुमार, रुलदू राम, सतीश कुमार, रमेश कुमार आदि मौजूद रहे।
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सीवन। अंतरराष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष 2022-23 के तहत शनिवार को नगर पालिका कार्यालय परिसर में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ग्राम सचिवों के अलावा आम लोगों ने हिस्सा लिया। मुख्य वक्ता खंड कृषि अधिकारी डाॅ. जगबीर सिंह लांबा ने लोगों को बताया कि ज्वार, बाजरा, रागी को मोटा अनाज, स्वस्थ अनाज, पोषक अनाज भी कहां जाता है। जिस प्रकार बीमारियां बढ़ती जा रही है, उनको रोकने का एकमात्र उपाय मोटा अनाज है।
उन्होंने बताया कि मोटे अनाज से हमें बीमारियों से लड़ने की शक्ति प्राप्त होती है। हमें चाहिए कि हम धीरे-धीरे गेहूं तथा धान की फसल के साथ ज्वार, बाजरा, रागी आदि फसलों का भी उत्पादन करें।
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इससे जहां किसान की आमदनी बढ़ेगी और शहरी क्षेत्रों में पनप रही बीमारियों से भी निजात मिलेगी। ज्वार, बाजरा, रागी जैसी फसलों के उत्पादन से फसल चक्कर में भी विविधता आती है। इसका मुख्य लाभ यह होता है कि मिट्टी के स्वस्थ पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
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डाॅ. अनूप माथुर ने कहा कि समाज में फैल रही बीमारियों का मुख्य कारण हमारे आहार में गेहूं एवं धान के नियमित सेवन रहा है। अध्यक्षता उपमंडल कृषि अधिकारी डाॅ. सतीश कुमार नारा ने की। इस मौके पर किसान जलदीप कुमार, रुलदू राम, सतीश कुमार, रमेश कुमार आदि मौजूद रहे।