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अनजान खाते से रकम आने पर हो जाएं सावधान : एसपी
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कैथल। ‘जंप डिपॉजिट’ स्कैम मोबाइल बैंकिंग यूजर्स और खासकर यूपीआई पेमेंट करने वालों के बड़ा खतरा बनता जा रहा है। पुलिस ने धोखाधड़ी के बारे में चेतावनी जारी की है। इसमें ठग पैसे चुराने के लिए पीड़ित की जिज्ञासा और विश्वास का फायदा उठाते हैं। जालसाज पीड़ित के बैंक खाते में छोटी रकम भेजकर उन्हें निशाना बनाते हैं।
इस दौरान जब पीड़ित अपना बैलेंस चेक करता है तो वह अनजाने में निकासी अनुरोध को मंजूरी दे देता है, जिससे जालसाज उसके खाते से पैसे हासिल कर लेते हैं। एसपी आस्था मोदी ने लोगों से ऐसे पैसे आने पर सतर्क रहने और तुरंत बैलेंस चेक करने के लिए अपना पिन दर्ज करने से बचने की अपील की है।
एसपी ने कहा कि जंप डिपॉजिट स्कैम में ठग यूपीआई के माध्यम से मोबाइल बैंकिंग इस्तेमाल करने वाले लोगों को निशाना बनाते हैं। अपराधी पीड़ित की जानकारी के बिना उसके बैंक खाते में एक छोटी राशि जो आमतौर पर एक से पांच हजार रुपये तक होती है, जमा करते हैं। इससे उस अकाउंट के यूजर्स को पैसे जमा होने का मैसेज आता है। जिसके चलते यूजर अपना अकाउंट बैलेंस चेक करने के लिए बैंकिंग एप खोलता है और तभी पीड़ित को अपना यूपीआई पिन दर्ज करके जमा को सत्यापित करने का लालच दिया जाता है। इससे अनजाने में ठग द्वारा भेजे गए पैसे निकासी अनुरोध को मंजूरी मिल जाती है और पैसे ठग के पास पहुंच जाते हैं। ‘जंप डिपॉजिट’ स्कैम से खुद को सुरक्षित रखने के लिए जब भी आपको किसी अनजान नंबर से रकम प्राप्त हो तो सावधानी बरतें।
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सबसे जरूरी बात तुरंत अपना बैलेंस चेक करने से बचें। कम से कम 15-30 मिनट तक प्रतीक्षा करें और फिर बैलेंस चेक करें। इसके अलावा आप किसी भी एक्टिव ट्रांजेक्शन रिक्वेस्ट को कैंसिल करने के लिए पहले गलत पिन दर्ज कर सकते हैं। अज्ञात स्रोतों से मिली रकम के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए सीधे अपने बैंक से संपर्क करें। थोड़ी सावधानियों का पालन करके ऐसे स्कैम का शिकार होने से बचा जा सकता है।
एसपी ने कहा है कि सावधानी में ही बचाव है। आजकल के डिजिटल युग में साइबर अपराधी लोगों की खून-पसीने की कमाई को हड़पने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं। ऐसे में आवश्यक है कि हर व्यक्ति को साइबर अपराधों के बारे में जानकारी हो जिससे आप अपना पैसा सुरक्षित रख सकते हैं। यह सिर्फ पैसों तक सीमित नहीं है अपराधी आपकी निजी जानकारी का गलत उपयोग कर सकते हैं। अगर आपके साथ किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी हो जाती है तो तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर संपर्क करें। जितनी जल्दी आप शिकायत देंगे आपके पैसे वापस आने की संभावना उतनी ज्यादा होगी।
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इस दौरान जब पीड़ित अपना बैलेंस चेक करता है तो वह अनजाने में निकासी अनुरोध को मंजूरी दे देता है, जिससे जालसाज उसके खाते से पैसे हासिल कर लेते हैं। एसपी आस्था मोदी ने लोगों से ऐसे पैसे आने पर सतर्क रहने और तुरंत बैलेंस चेक करने के लिए अपना पिन दर्ज करने से बचने की अपील की है।
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एसपी ने कहा कि जंप डिपॉजिट स्कैम में ठग यूपीआई के माध्यम से मोबाइल बैंकिंग इस्तेमाल करने वाले लोगों को निशाना बनाते हैं। अपराधी पीड़ित की जानकारी के बिना उसके बैंक खाते में एक छोटी राशि जो आमतौर पर एक से पांच हजार रुपये तक होती है, जमा करते हैं। इससे उस अकाउंट के यूजर्स को पैसे जमा होने का मैसेज आता है। जिसके चलते यूजर अपना अकाउंट बैलेंस चेक करने के लिए बैंकिंग एप खोलता है और तभी पीड़ित को अपना यूपीआई पिन दर्ज करके जमा को सत्यापित करने का लालच दिया जाता है। इससे अनजाने में ठग द्वारा भेजे गए पैसे निकासी अनुरोध को मंजूरी मिल जाती है और पैसे ठग के पास पहुंच जाते हैं। ‘जंप डिपॉजिट’ स्कैम से खुद को सुरक्षित रखने के लिए जब भी आपको किसी अनजान नंबर से रकम प्राप्त हो तो सावधानी बरतें।
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सबसे जरूरी बात तुरंत अपना बैलेंस चेक करने से बचें। कम से कम 15-30 मिनट तक प्रतीक्षा करें और फिर बैलेंस चेक करें। इसके अलावा आप किसी भी एक्टिव ट्रांजेक्शन रिक्वेस्ट को कैंसिल करने के लिए पहले गलत पिन दर्ज कर सकते हैं। अज्ञात स्रोतों से मिली रकम के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए सीधे अपने बैंक से संपर्क करें। थोड़ी सावधानियों का पालन करके ऐसे स्कैम का शिकार होने से बचा जा सकता है।
एसपी ने कहा है कि सावधानी में ही बचाव है। आजकल के डिजिटल युग में साइबर अपराधी लोगों की खून-पसीने की कमाई को हड़पने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं। ऐसे में आवश्यक है कि हर व्यक्ति को साइबर अपराधों के बारे में जानकारी हो जिससे आप अपना पैसा सुरक्षित रख सकते हैं। यह सिर्फ पैसों तक सीमित नहीं है अपराधी आपकी निजी जानकारी का गलत उपयोग कर सकते हैं। अगर आपके साथ किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी हो जाती है तो तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर संपर्क करें। जितनी जल्दी आप शिकायत देंगे आपके पैसे वापस आने की संभावना उतनी ज्यादा होगी।