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बैंकों में लटके रहे ताले, भटकते रहे उपभोक्ता
ब्यूरो/अमर उजाला/कैथ्ाल
Updated Sat, 09 Jan 2016 12:05 AM IST
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स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और निजी बैंकों को छोड़कर सभी नेशनलाइज बैंकों के कर्मचारी ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन के आह्वान पर हड़ताल पर रहे। जिले भर में करीब 70 बैंकों की ब्रांचों में हड़ताल के कारण 100 करोड़ रुपये से अधिक लेन-देन प्रभावित हुआ है। वहीं कामकाज न होने के कारण लोगों को दिक्कतें हुईं। मुख्य चौक-चौराहों पर स्थित एटीएम के खाली हो जाने के कारण नकदी के लिए लोग भटकते नजर आए।
हरियाणा बैंक इंप्लाइज फेडरेशन के कैथल इकाई के जोनल सचिव शशि मंगला ने बताया कि ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन के आह्वान पर शुक्रवार को हड़ताल की गई जिसमें जिले के एसबीआई व निजी बैंकों को छोड़कर लगभग सभी बैंकों के कर्मचारियों ने भाग लिया। सुबह से ही सभी कर्मचारियों ने कामकाज बंद रखा। स्टेट बैंक ऑफ पटियाला के बाहर एकत्रित होकर अपनी समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया।
ये हैं मांगें
1. बैंक कर्मचारी मुख्य रूप से कैरियर प्रोग्रेसिव स्कीम का विरोध कर रहे हैं। इस स्कीम में एसबीआई बैंक प्रबंधन सभी नीतियां बनाने में स्वतंत्रता चाहता है। जबकि कर्मचारी नीतियां निर्धारण में अपने प्रतिनिधित्व की मांग कर रहे हैं।
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2. एसोसिएट्स बैंकों के कर्मचारी एसबीआई से डी-लिंक की मांग कर रहे हैं। एसबीआई प्रबंधन ने अपनी कई नीतियां कर्मचारियों के ऊपर थोप रखी हैं। एसोसिएट बैंकों के कर्मचारी इन नीतियों के विरोध में हैं।
3. बैंकों में लगातार बढ़ाई जा रहीं आउटसोर्सिंग की नीतियों के कारण कर्मचारी विरोध कर रहे हैं। इन नीतियों को वापस लिया जाए।
हड़ताल में इन बैंकों के कर्मचारी रहे शामिल
स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, स्टेट बैंक बीकानेर एंड जयपुर, पीएनबी, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, इलाहाबाद बैंक, विजया बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, कारपोरेशन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया सहित करीब 60 से 70 बैंकों में हड़ताल रही।
स्टेट बैंक ऑफ पटियाला के बाहर नारेबाजी
कर्मचारियों ने स्टेट बैंक ऑफ पटियाला के बाहर प्रदर्शन किया। साथ ही प्रबंधन को जमकर कोसा। कर्मचारी नेताओं में प्रदीप कटारिया, मुख्त्यार सिंह, राजेंद्र कुमार, अर्जुन सिंह, राजकुमार कुकरेजा, नरेश कुमार, वेद प्रकाश, पंकज, सूरजभान, राजेन्द्र, जयपाल, प्रवीण कुमार, मुखत्यार सिंह व प्रदीप कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।
परेशान हुए लोग
मुझे बैंक में अपने जरूरी कागजात जमा करवाने थे। खाते संबंधी यह कागजात जमा न होने से काफी दिक्कतें हो सकती हैं।
गुलशन कुमार
मुझे बैंक में चेक जमा करवाना था, यहां हड़ताल का पता चला। अब यह शनिवार को लगेगा। इसके कई दिन बाद ही क्लीयरिंग हो पाएगी।
सुमित कुमार खंडुजा
मैं बैंक से राशि निकलवाने के लिए आया था। एटीएम के काम न करने के कारण यहां से भी राशि नहीं मिल पाई। काफी परेशानी होगी।
सुनील कुमार
मुझे अपने एक परिचित के खाते में पैसे जमा करवाने थे लेकिन यहां पता चला कि हड़ताल है। अब शनिवार को ही यह काम हो पाएगा।
अंग्रेज सिंह
लेन-देन पर पड़ा असर
लीड बैंक मैनेजर पीके राणा ने बताया कि बैंकों में हड़ताल के कारण करीब 100 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है। हर रोज यहां लगभग 200 करोड़ रुपये का लेन-देन होता है। लगभग 100 करोड़ रुपये का लेन-देन प्रभावित हुआ है।
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हरियाणा बैंक इंप्लाइज फेडरेशन के कैथल इकाई के जोनल सचिव शशि मंगला ने बताया कि ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन के आह्वान पर शुक्रवार को हड़ताल की गई जिसमें जिले के एसबीआई व निजी बैंकों को छोड़कर लगभग सभी बैंकों के कर्मचारियों ने भाग लिया। सुबह से ही सभी कर्मचारियों ने कामकाज बंद रखा। स्टेट बैंक ऑफ पटियाला के बाहर एकत्रित होकर अपनी समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया।
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ये हैं मांगें
1. बैंक कर्मचारी मुख्य रूप से कैरियर प्रोग्रेसिव स्कीम का विरोध कर रहे हैं। इस स्कीम में एसबीआई बैंक प्रबंधन सभी नीतियां बनाने में स्वतंत्रता चाहता है। जबकि कर्मचारी नीतियां निर्धारण में अपने प्रतिनिधित्व की मांग कर रहे हैं।
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2. एसोसिएट्स बैंकों के कर्मचारी एसबीआई से डी-लिंक की मांग कर रहे हैं। एसबीआई प्रबंधन ने अपनी कई नीतियां कर्मचारियों के ऊपर थोप रखी हैं। एसोसिएट बैंकों के कर्मचारी इन नीतियों के विरोध में हैं।
3. बैंकों में लगातार बढ़ाई जा रहीं आउटसोर्सिंग की नीतियों के कारण कर्मचारी विरोध कर रहे हैं। इन नीतियों को वापस लिया जाए।
हड़ताल में इन बैंकों के कर्मचारी रहे शामिल
स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, स्टेट बैंक बीकानेर एंड जयपुर, पीएनबी, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, इलाहाबाद बैंक, विजया बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, कारपोरेशन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया सहित करीब 60 से 70 बैंकों में हड़ताल रही।
स्टेट बैंक ऑफ पटियाला के बाहर नारेबाजी
कर्मचारियों ने स्टेट बैंक ऑफ पटियाला के बाहर प्रदर्शन किया। साथ ही प्रबंधन को जमकर कोसा। कर्मचारी नेताओं में प्रदीप कटारिया, मुख्त्यार सिंह, राजेंद्र कुमार, अर्जुन सिंह, राजकुमार कुकरेजा, नरेश कुमार, वेद प्रकाश, पंकज, सूरजभान, राजेन्द्र, जयपाल, प्रवीण कुमार, मुखत्यार सिंह व प्रदीप कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।
परेशान हुए लोग
मुझे बैंक में अपने जरूरी कागजात जमा करवाने थे। खाते संबंधी यह कागजात जमा न होने से काफी दिक्कतें हो सकती हैं।
गुलशन कुमार
मुझे बैंक में चेक जमा करवाना था, यहां हड़ताल का पता चला। अब यह शनिवार को लगेगा। इसके कई दिन बाद ही क्लीयरिंग हो पाएगी।
सुमित कुमार खंडुजा
मैं बैंक से राशि निकलवाने के लिए आया था। एटीएम के काम न करने के कारण यहां से भी राशि नहीं मिल पाई। काफी परेशानी होगी।
सुनील कुमार
मुझे अपने एक परिचित के खाते में पैसे जमा करवाने थे लेकिन यहां पता चला कि हड़ताल है। अब शनिवार को ही यह काम हो पाएगा।
अंग्रेज सिंह
लेन-देन पर पड़ा असर
लीड बैंक मैनेजर पीके राणा ने बताया कि बैंकों में हड़ताल के कारण करीब 100 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है। हर रोज यहां लगभग 200 करोड़ रुपये का लेन-देन होता है। लगभग 100 करोड़ रुपये का लेन-देन प्रभावित हुआ है।