{"_id":"61d3632189810c5a7c5ecc27","slug":"approval-of-withdrawal-of-six-cases-registered-in-the-district-in-the-farmers-movement-kaithal-news-knl949060127","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसान आंदोलन में जिले में दर्ज छह मामलों की वापसी की मंजूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसान आंदोलन में जिले में दर्ज छह मामलों की वापसी की मंजूरी
विज्ञापन
कैथल। जिले में किसान आंदोलन के दौरान दर्ज छह मामलों को सरकार ने वापस लेने के लिए आदेश जारी कर दिए हैं। इसके लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव हरियाणा ने डीसी कैथल को पत्र जारी कर दिया है। इस तरह से भारतीय किसान यूनियन के नेताओं होशियार सिंह गिल, गुहला चीका से कई किसान नेताओं और कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमे खत्म हो जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि चीका थाने में 27 नवंबर 2020 को पुलिस कर्मचारी विक्रम सिंह की शिकायत पर केस दर्ज किया गया था। जिसमें पंजाब-हरियाणा बॉर्डर पर घग्गर पुल के निकट पंजाब व हरियाणा के सैकड़ों किसानों के खिलाफ वाटर कैनन की गाड़ी में तोड़फोड़ करने, धारा 144 तोड़ने, पुलिस नाके से गद्दे, कुर्सियां चोरी करने के आरोप में चीका निवासी हरदीप बदसूई, आदमी पार्टी नेता सीवन निवासी गुरमीत सिंह, जसपाल सिंह सहित आशा वर्कर सहित हरियाणा व पंजाब के सैकड़ों किसानों के खिलाफ धारा 148/149/186/188/279/332/353/379/427 के तहत केस दर्ज किया गया था।
पुलिस कर्मचारी प्रगट सिंह की शिकायत पर गुहला थाने में 25 दिसंबर 2020 को केस दर्ज किया गया। जिसमें उसने बताया कि गुहला के डीएवी कालेज में सुशासन दिवस कार्यक्रम में भाग लेने आए विधायक ईश्वर सिंह की सुरक्षा में पुलिस तैनात थी। जब कार्यक्रम के बाद विधायक बाहर आए तो किसान यूनियन संगठन के करीब 40/50 अज्ञात लोगों ने विधायक का रास्ता रोक कर काले झंडे दिखाए और नारेबाजी की। पुलिस ने इस संबंध में धारा 147/149/341/504/506 के तहत मामला दर्ज किया था।
विज्ञापन
इसी तरह कलायत थाना में 25 दिसंबर 2020 को दर्ज मामले के अनुसार राज्यमंत्री कमलेश ढांडा विश्रामगृह से खेड़ी लांबा में शोक व्यक्त करने के लिए निकलीं तो किसानों ने राज्यमंत्री का रास्ता रोकने का प्रयास किया। नारेबाजी करते हुए धमकी दी। पुलिस ने इस मामले में धारा 147/149/341/506/504 के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस कर्मचारी कुलबीर की शिकायत पर थाना सिविल लाइन में 7 फरवरी 2021 को दर्ज मामले के अनुसार सांसद नायब सैनी लोक निर्माण विभाग विश्रामगृह में आए थे। जहां कार्यकर्ताओं की बैठक के बाद सांसद तो चले गए। उनके बाद भाजपा की झंडी लगी हुई कार आई। जिसे किसान यूनियन के होशियार सिंह प्यौदा, सुनील सहारण, बिट्टु देबन, मनजीत करोड़ा, दीप बालू, मनोज पट्टी अफगान सहित पांच-छह अन्य लोगों ने रोक कर बोनट पर मुक्के मारे। पुलिस ने इस संबंध में धारा 147,149,341,427 के तहत केस दर्ज किया था।
28 अगस्त 2021 को चीका थाने में दर्ज मामले में तहसीलदार वीरेंद्र कुमार ने शिकायत दी थी कि वे चीका सदरहेड़ी टटियाना में बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात थे। इसी बीच हांसी-बुटाना नहर टटियाना पुल के पास करीब 70/80 लोग भारतीय किसान यूनियन के नारे लगाते हुए पटियाला चीका रोड को जाम किए हुए मिले। जिनमें चमकौर सिंह वासी थेह बनेड़ा, सुभाष पुनिया, हरदीप सिंह, गुरदीप सिंह निवासी बदसुई, जरनैल सिंह जैली, अमरजीत सिंह टटियाना, अंग्रेज सिंह नंदगढ़, रामदिया बलबेहड़ा, साहब सिंह संधू पीड़ल तथा गुरदेव सिंह देबू मुख्य भूमिका में थे। पुलिस ने इस मामले में धारा 147/149/341/283 के तहत मामला दर्ज किया था।
इसी तरह 28 अगस्त 2021 को तितरम थाने में केस दर्ज किया गया। जिसमें करनाल में किसानों पर लाठीचार्ज के विरोध में किसानों ने तितरम मोड पर भी जाम लगाया था। हेड कांस्टेबल नरेश कुमार की शिकायत पर भाकियू नेता होशियार सिंह, महेंद्र सिंह कामरेड, महाबीर, जसविंद्र भाणा, बसाऊ, रणबीर फौजी, रामेश्वर, रणधीर, कमला, अनिल, जगबीर, किशन, हरसिंह, भारत, सिल्ला, राजेश, शमशेर, अजमेर, नफे सिंह, देवीलाल, मनजीत, नरेंद्र, रवि मेहला, बिट्टू व 50 अन्य आरोपियों पर केस दर्ज किया गया था।
कोट
सरकार के निर्देशानुसार पूर्व में किसान आंदोलन में दर्ज मामलों का विवरण भेजा गया था। अब सरकार ने इन सभी छह केसों को वापस लेने के निर्देश जारी किए हैं। जिसके लिए पुलिस विभाग को सूचित कर दिया गया है। नियमानुसार ये सभी केस वापस लिए जाएंगे।
प्रदीप दहिया, डीसी
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि चीका थाने में 27 नवंबर 2020 को पुलिस कर्मचारी विक्रम सिंह की शिकायत पर केस दर्ज किया गया था। जिसमें पंजाब-हरियाणा बॉर्डर पर घग्गर पुल के निकट पंजाब व हरियाणा के सैकड़ों किसानों के खिलाफ वाटर कैनन की गाड़ी में तोड़फोड़ करने, धारा 144 तोड़ने, पुलिस नाके से गद्दे, कुर्सियां चोरी करने के आरोप में चीका निवासी हरदीप बदसूई, आदमी पार्टी नेता सीवन निवासी गुरमीत सिंह, जसपाल सिंह सहित आशा वर्कर सहित हरियाणा व पंजाब के सैकड़ों किसानों के खिलाफ धारा 148/149/186/188/279/332/353/379/427 के तहत केस दर्ज किया गया था।
विज्ञापन
पुलिस कर्मचारी प्रगट सिंह की शिकायत पर गुहला थाने में 25 दिसंबर 2020 को केस दर्ज किया गया। जिसमें उसने बताया कि गुहला के डीएवी कालेज में सुशासन दिवस कार्यक्रम में भाग लेने आए विधायक ईश्वर सिंह की सुरक्षा में पुलिस तैनात थी। जब कार्यक्रम के बाद विधायक बाहर आए तो किसान यूनियन संगठन के करीब 40/50 अज्ञात लोगों ने विधायक का रास्ता रोक कर काले झंडे दिखाए और नारेबाजी की। पुलिस ने इस संबंध में धारा 147/149/341/504/506 के तहत मामला दर्ज किया था।
विज्ञापन
इसी तरह कलायत थाना में 25 दिसंबर 2020 को दर्ज मामले के अनुसार राज्यमंत्री कमलेश ढांडा विश्रामगृह से खेड़ी लांबा में शोक व्यक्त करने के लिए निकलीं तो किसानों ने राज्यमंत्री का रास्ता रोकने का प्रयास किया। नारेबाजी करते हुए धमकी दी। पुलिस ने इस मामले में धारा 147/149/341/506/504 के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस कर्मचारी कुलबीर की शिकायत पर थाना सिविल लाइन में 7 फरवरी 2021 को दर्ज मामले के अनुसार सांसद नायब सैनी लोक निर्माण विभाग विश्रामगृह में आए थे। जहां कार्यकर्ताओं की बैठक के बाद सांसद तो चले गए। उनके बाद भाजपा की झंडी लगी हुई कार आई। जिसे किसान यूनियन के होशियार सिंह प्यौदा, सुनील सहारण, बिट्टु देबन, मनजीत करोड़ा, दीप बालू, मनोज पट्टी अफगान सहित पांच-छह अन्य लोगों ने रोक कर बोनट पर मुक्के मारे। पुलिस ने इस संबंध में धारा 147,149,341,427 के तहत केस दर्ज किया था।
28 अगस्त 2021 को चीका थाने में दर्ज मामले में तहसीलदार वीरेंद्र कुमार ने शिकायत दी थी कि वे चीका सदरहेड़ी टटियाना में बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात थे। इसी बीच हांसी-बुटाना नहर टटियाना पुल के पास करीब 70/80 लोग भारतीय किसान यूनियन के नारे लगाते हुए पटियाला चीका रोड को जाम किए हुए मिले। जिनमें चमकौर सिंह वासी थेह बनेड़ा, सुभाष पुनिया, हरदीप सिंह, गुरदीप सिंह निवासी बदसुई, जरनैल सिंह जैली, अमरजीत सिंह टटियाना, अंग्रेज सिंह नंदगढ़, रामदिया बलबेहड़ा, साहब सिंह संधू पीड़ल तथा गुरदेव सिंह देबू मुख्य भूमिका में थे। पुलिस ने इस मामले में धारा 147/149/341/283 के तहत मामला दर्ज किया था।
इसी तरह 28 अगस्त 2021 को तितरम थाने में केस दर्ज किया गया। जिसमें करनाल में किसानों पर लाठीचार्ज के विरोध में किसानों ने तितरम मोड पर भी जाम लगाया था। हेड कांस्टेबल नरेश कुमार की शिकायत पर भाकियू नेता होशियार सिंह, महेंद्र सिंह कामरेड, महाबीर, जसविंद्र भाणा, बसाऊ, रणबीर फौजी, रामेश्वर, रणधीर, कमला, अनिल, जगबीर, किशन, हरसिंह, भारत, सिल्ला, राजेश, शमशेर, अजमेर, नफे सिंह, देवीलाल, मनजीत, नरेंद्र, रवि मेहला, बिट्टू व 50 अन्य आरोपियों पर केस दर्ज किया गया था।
कोट
सरकार के निर्देशानुसार पूर्व में किसान आंदोलन में दर्ज मामलों का विवरण भेजा गया था। अब सरकार ने इन सभी छह केसों को वापस लेने के निर्देश जारी किए हैं। जिसके लिए पुलिस विभाग को सूचित कर दिया गया है। नियमानुसार ये सभी केस वापस लिए जाएंगे।
प्रदीप दहिया, डीसी