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Kaithal News: उड़ीसा में अंकित ने स्वर्ण पर जमाया कब्जा
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16-कैथल। खिलाड़ी अंकित
- फोटो : Kaithal
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कैथल। नॉर्थ इस्ट जोन इंटर विश्वविद्यालय एथलेटिक्स प्रतियोगिता 2022 में गांव माजरा के अंकित कालीरामण ने स्वर्ण पदक जीता है। इससे पूरे गांव व पंजाब विश्वविद्यालय में खुशी का माहौल है। यह प्रतियोगिता 20 से 23 दिसंबर को उड़ीसा के भुवनेश्वर में हुई थी।
अंकित ने बताया कि इस प्रतियोगिता में 22 विश्वविद्यालयों की टीम ने हिस्सा लिया था। इनमें से उनके खालसा कॉलेज चंडीगढ़ की टीम ने रिले रेस 400 मीटर में स्वर्ण पदक जीता है। अब वह पंचकूला के ताऊ देवी लाल स्टेडियम में निरंतर अभ्यास कर रहे हैं। उसने कहा कि उसका लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक लाना है। इससे पहले वह कई बार स्टेट व एक बार नेशनल में पदक ला चुके हैं। इंटर विश्वविद्यालय प्रतियोगिता में उसने पहली बार हिस्सा लिया था। वह इस समय पंजाब विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रहे हैं। अंकित की उपलब्धि पर जजपा नेता बलवान कोटड़ा, पूर्व वीएलडीए डा. जयपाल सिंह, रणधीर सिंह, धर्मजीत, रतन चंदाना सहित कई गणमान्य लोगों ने खुशी जताई।
वर्ष 2018 में शुरू किया था खेलना
खिलाड़ी अंकित ने कहा कि वह वर्ष 2018 में पंजाब विश्वविद्यालय में पढ़ने के लिए आए थे। वह विश्वविद्यालय से फ्री होने के बाद टहलने के लिए ताऊ देवीलाल स्टेडियम में आते थे। यहां पर तैयारी करते हुए एथलेटिक्स खिलाड़ियों को देखा तो उसने भी दौड़ना शुरू कर दिया। शुरू में उसने 100 मीटर रिले रेस की तैयारी शुरू की थी लेकिन वह इसमें असफल रहा। बाद में कोच जितेंद्र बांगड से ताऊ देवी लाल स्टेडियम में मुलाकात हुई। उनकी सलाह से उसने 100 मीटर की तैयारी छोड़कर 400 मीटर की तैयारी शुरू की।
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इसके बाद उसने निरंतर दो साल अभ्यास किया और फिर स्टेट प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर पदक जीता। इसके बाद लगातार प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। पहली बार उसने इंटर विश्वविद्यालय प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर स्वर्ण पदक जीता है। इस बार उसने 400 मीटर में स्वयं का रिकॉर्ड तोड़ा है। पहले उसका 400 मीटर का समय 48.08 था, अब उसका 400 मीटर रिले रेस का समय 47.06 आ गया है। उसने इस जीत का श्रेय कोच जितेंद्र बांगड़ व कोच विक्रम को दिया।
कोच जितेंद्र बांगड ने कहा कि खिलाड़ी अंकित उसके पास पिछले चार वर्षों से निरंतर अभ्यास कर रहा है। उसे पूरी उम्मीद है कि अंकित एक दिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत देश का नाम रोशन करेगा।
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अंकित ने बताया कि इस प्रतियोगिता में 22 विश्वविद्यालयों की टीम ने हिस्सा लिया था। इनमें से उनके खालसा कॉलेज चंडीगढ़ की टीम ने रिले रेस 400 मीटर में स्वर्ण पदक जीता है। अब वह पंचकूला के ताऊ देवी लाल स्टेडियम में निरंतर अभ्यास कर रहे हैं। उसने कहा कि उसका लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक लाना है। इससे पहले वह कई बार स्टेट व एक बार नेशनल में पदक ला चुके हैं। इंटर विश्वविद्यालय प्रतियोगिता में उसने पहली बार हिस्सा लिया था। वह इस समय पंजाब विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रहे हैं। अंकित की उपलब्धि पर जजपा नेता बलवान कोटड़ा, पूर्व वीएलडीए डा. जयपाल सिंह, रणधीर सिंह, धर्मजीत, रतन चंदाना सहित कई गणमान्य लोगों ने खुशी जताई।
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वर्ष 2018 में शुरू किया था खेलना
खिलाड़ी अंकित ने कहा कि वह वर्ष 2018 में पंजाब विश्वविद्यालय में पढ़ने के लिए आए थे। वह विश्वविद्यालय से फ्री होने के बाद टहलने के लिए ताऊ देवीलाल स्टेडियम में आते थे। यहां पर तैयारी करते हुए एथलेटिक्स खिलाड़ियों को देखा तो उसने भी दौड़ना शुरू कर दिया। शुरू में उसने 100 मीटर रिले रेस की तैयारी शुरू की थी लेकिन वह इसमें असफल रहा। बाद में कोच जितेंद्र बांगड से ताऊ देवी लाल स्टेडियम में मुलाकात हुई। उनकी सलाह से उसने 100 मीटर की तैयारी छोड़कर 400 मीटर की तैयारी शुरू की।
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इसके बाद उसने निरंतर दो साल अभ्यास किया और फिर स्टेट प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर पदक जीता। इसके बाद लगातार प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। पहली बार उसने इंटर विश्वविद्यालय प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर स्वर्ण पदक जीता है। इस बार उसने 400 मीटर में स्वयं का रिकॉर्ड तोड़ा है। पहले उसका 400 मीटर का समय 48.08 था, अब उसका 400 मीटर रिले रेस का समय 47.06 आ गया है। उसने इस जीत का श्रेय कोच जितेंद्र बांगड़ व कोच विक्रम को दिया।
कोच जितेंद्र बांगड ने कहा कि खिलाड़ी अंकित उसके पास पिछले चार वर्षों से निरंतर अभ्यास कर रहा है। उसे पूरी उम्मीद है कि अंकित एक दिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत देश का नाम रोशन करेगा।