{"_id":"681a66ec825693ba3f0c6743","slug":"angry-workers-raised-their-voice-for-their-rights-kaithal-news-c-18-1-knl1004-640501-2025-05-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: नाराज कर्मियों ने बुलंद की हक की आवाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: नाराज कर्मियों ने बुलंद की हक की आवाज
Wed, 07 May 2025 01:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 07 May 2025 01:15 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कर्मियों ने कर्मचारी यूनियन के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। कर्मी कार्यालय परिसर पहुंचे व ग्रामीण जलघरों को ग्राम पंचायतों को सौंपने पर नाराजगी जताई।
मुख्य वक्ता नरेंद्र धीमान ने कहा कि ग्रामीण जलापूर्ति सरकार ग्राम पंचायतों के अधीन कर रही है। इससे विभागीय कर्मचारी नाराज हैं। कहा, पंचायतों के अधीन जलापूर्ति व्यवस्था जाने से पूरी ग्रामीण जलापूर्ति व्यवस्था चरमरा जाएगी। गुटबाजी, राजनीतिक दबाव व अन्य कारणों से हर घर तक जल पहुंचाने का सरकार का सपना कभी पूरा नहीं हो सकता।
पूर्व की सरकार में प्राथमिक विद्यालयों को एक बार जिला परिषदों के अधीन किया गया था। तब सरकारी पाठशालाओं से शिक्षा बिल्कुल दूर हो गई थी, जिसका खामियाजा उस समय के विद्यार्थियों को भुगतना पड़ा था। भविष्य में होने वाले इसके दुष्परिणामों के बारे में कहा कि सरपंच भेदभाव व राजनीति करेंगे व कर्मचारियों का शोषण करेंगे। इस प्रणाली से भ्रष्टाचार भी बढ़ेगा, जिसके दुष्प्रभाव जल्द ही दिखाई देने लगेंगे।
विज्ञापन
अध्यक्षता जिला प्रधान करमचंद मलिक ने की। मंच का संचालन जिला सचिव जगदीप सिंह ने किया ने किया।
इस मौके पर प्रांतीय मुख्य प्रेस प्रवक्ता रामकुमार प्रजापति, प्रांतीय उप महासचिव रामनिवास शर्मा, प्रांतीय सचिव अंग्रेज सिंह, प्रांतीय सचिव होशियार सिंह, अजय कुमार, संदीप कुमार, महेंद्र सिंह, कृष्ण दत्त, सुदेश कुमार, उमेश कुमार, कृष्ण कुमार, बलराम शर्मा, निर्मल सिंह आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
कैथल। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कर्मियों ने कर्मचारी यूनियन के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। कर्मी कार्यालय परिसर पहुंचे व ग्रामीण जलघरों को ग्राम पंचायतों को सौंपने पर नाराजगी जताई।
मुख्य वक्ता नरेंद्र धीमान ने कहा कि ग्रामीण जलापूर्ति सरकार ग्राम पंचायतों के अधीन कर रही है। इससे विभागीय कर्मचारी नाराज हैं। कहा, पंचायतों के अधीन जलापूर्ति व्यवस्था जाने से पूरी ग्रामीण जलापूर्ति व्यवस्था चरमरा जाएगी। गुटबाजी, राजनीतिक दबाव व अन्य कारणों से हर घर तक जल पहुंचाने का सरकार का सपना कभी पूरा नहीं हो सकता।
विज्ञापन
पूर्व की सरकार में प्राथमिक विद्यालयों को एक बार जिला परिषदों के अधीन किया गया था। तब सरकारी पाठशालाओं से शिक्षा बिल्कुल दूर हो गई थी, जिसका खामियाजा उस समय के विद्यार्थियों को भुगतना पड़ा था। भविष्य में होने वाले इसके दुष्परिणामों के बारे में कहा कि सरपंच भेदभाव व राजनीति करेंगे व कर्मचारियों का शोषण करेंगे। इस प्रणाली से भ्रष्टाचार भी बढ़ेगा, जिसके दुष्प्रभाव जल्द ही दिखाई देने लगेंगे।
विज्ञापन
अध्यक्षता जिला प्रधान करमचंद मलिक ने की। मंच का संचालन जिला सचिव जगदीप सिंह ने किया ने किया।
इस मौके पर प्रांतीय मुख्य प्रेस प्रवक्ता रामकुमार प्रजापति, प्रांतीय उप महासचिव रामनिवास शर्मा, प्रांतीय सचिव अंग्रेज सिंह, प्रांतीय सचिव होशियार सिंह, अजय कुमार, संदीप कुमार, महेंद्र सिंह, कृष्ण दत्त, सुदेश कुमार, उमेश कुमार, कृष्ण कुमार, बलराम शर्मा, निर्मल सिंह आदि मौजूद थे।