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करंट लगने से 25 फीट ऊंचे खंभे से गिरा एएलएम, मौत

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 17 Jun 2021 12:27 AM IST
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ALM fell from 25 feet high pole due to electrocution, death
बीते सप्ताह आया तेज तूफान बिजली निगम भूना में डीसी रेट पर कार्यरत एक 42 वर्षीय एएलएम की जिंदगी लील गया। यह एएलएम बुधवार को गांव कांगथली सब यार्ड के तहत आने वाली बिजली की लाइन पर काम कर रहा था, जो बिजली का झटका लगने से करीब 25 फीट ऊंचे खंभे से नीचे गिर गया। नीचे गिरते ही एएलएम की मौत हो गई। एएलएम की मौत के बाद उसके परिजनों ने निगम के अधिकारियों पर लापरवाही और ज्यादती के आरोप लगाते हुए अस्पताल में रोष प्रकट किया। मौके पर पहुंचे गामड़ी के गणमान्य लोगों और पुलिसकर्मियों ने परिजनों को समझाकर शांत करवाया।
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परिजनों का आरोप है कि निगम के एसडीओ व जेई तूफान के बाद से लगातार दिन और रात को काम करने का दबाव बना रहे थे। दबाव में रात को ढाई बजे तक करने के बाद भी कर्मचारी को फिर सुबह चार बजे ड्यूटी पर बुला लेते थे। उन्होंने एएलएम की मौत के बाद पुलिस के सामने गलत ब्यान दर्ज करवाने के भी अधिकारियों पर आरोप जड़े। इसके अलावा निगम के एक कर्मचारी द्वारा परिजनों और पुलिस के बीच हो रही बातचीत में दखल अंदाजी करने पर परिजनों ने उक्त कर्मचारी को खूब फटकार लगाई।
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कालू वाली गामड़ी निवासी रामकुमार ने बताया कि उसका 42 वर्षीय बेटा सुरेंद्र कुमार वर्ष 2008 से डीसी रेट पर निगम में कार्य कर रहा था। उसे बुधवार सुबह बताया गया कि करंट लगने से उसकी मौत हो गई। उसकी ड्यूटी भूना क्षेत्र में थी, लेकिन जिस समय हादसा हुआ उस समय भी सुरेंद्र से कांगथली क्षेत्र में काम करवाया जा रहा था। जबकि इस क्षेत्र में काम करने का उसकी जिम्मेदारी नहीं थी। अधिकारी उसे नींद पूरी लेने तक का भी मौका नहीं दे रहे थे। कई बार तो 24 में से केवल दो घंटे ही घर रहता था। रात को दो से ढाई बजे आता था, सुबह चार बजे फिर बुला लेते थे।
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सुरेंद्र के सहकर्मियों ने कहा कि अधिकारियों द्वारा कर्मचारियों पर लगातार काम करने का तो दबाव बनाया ही जा रहा था। साथ ही बिजली बाधित क्षेत्र में भी लोगों को उनके पीछे लगाया हुआ था कि वे इन कर्मचारियों से बिजली सप्लाई जल्द से जल्द ठीक करवा लें। जेई ने दूसरे फीडर पर काम करने का दबाव बनाया। उन्होंने कहा कि अधिकारी जानबूझकर कर्मचारियों पर वर्कलोड जरूरत से ज्यादा बना रहे हैं। करंट लगने से सुरेंद्र खंभे से नीचे गिरा, जिससे उसकी मौत हो गई।
रिश्तेदार जसबीर सिंह ने बताया कि सुरेंद्र अपने पिता का अकेला बेटा था और वह शादीशुदा था। उसके परिवार में माता-पिता और पत्नी के अलावा दो बच्चे हैं। सुरेंद्र का एक 18 साल का बेटा और एक 19 साल की बेटी है। पिता बुजुर्ग होने के कारण घर की पूरी जिम्मेदारी उसी पर थी। मामले में सीवन थाना एसएचओ राजफूल सिंह ने बताया कि परिजनों ने एसडीओ सीवन गुरदीप सिंह हांडा व जेई नरेश पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। दोनों अधिकारियों के खिलाफ 304-ए के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में केस दर्ज करने की कार्रवाई जारी है।

बिजली निगम के एसई बीएस रंगा ने कहा कि मामले की निगम के एक्सईएन और अन्य अन्य अधिकारियों से जांच करवाई जाएगी। अगर जांच में कोई लापरवाही सामने आई तो उसके आधार पर ही वे कार्रवाई को आगे बढ़ाएंगे।
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