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केवल बिजली के बिल की खपत पर ठीक होंगी शहर की सभी स्ट्रीट लाइटें
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06-कैथल। खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटें।
- फोटो : Kaithal
कैथल। शहर में अब कम बिजली खपत वाली नई स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी। इसके लिए एक विशेष योजना पर काम शुरू हो चुका है। इससे न केवल बिजली की खपत कम होगी, बल्कि नगर परिषद को बिजली बिल की बचत के रूप में राजस्व लाभ भी होगा। इसके लिए जयपुर की एक एजेंसी सर्वे का काम शुरू कर दिया है। खास बात यह कि इन स्ट्रीट लाइटों को लगाने के बाद बिजली बचत का जितना रुपया नगर परिषद को बचेगा, एजेंसी अन्य स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत के लिए उतनी ही राशि नप से वसूल करेगी। यानी मौजूदा बजट में ही कम बचत वाली स्ट्रीट लाइटें भी लगेेंगी और अन्य खराब स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत भी जाएगी।
इस योजना को लेकर राज्य स्तरीय एजेंसी ने नगर परिषद के अधिकारियों से पूरे शहर की स्ट्रीट लाइटों का ब्योरा मांगा है। एक सप्ताह में शहर की सभी स्ट्रीट लाइटों का विस्तृत ब्योरा व खराब स्ट्रीट लाइटों को ठीक करवाए जाने संबंधी योजना तैयार करते हुए पूरी रिपोर्ट एजेंसी को दी जानी है। इसके बाद उम्मीद है कि शहर के मुख्य मार्गों पर खराब व बंद हो गई स्ट्रीट लाइटें ठीक हो सकेंगी।
उल्लेखनीय है कि करीब दो साल पहले स्थानीय निकाय विभाग ने फैसला लिया था कि स्ट्रीट लाइटों को राज्य स्तरीय एजेंसी के माध्यम से ही मेनटेन रखा जाएगा। मगर इसके बावजूद करीब डेढ़ साल तक एजेंसी फाइनल न होने के कारण इस योजना पर काम ही शुरू नहीं हो पाया। जिस कारण खराब स्ट्रीट लाइटों की संख्या शहर में बढ़ती गई। इस वजह से शहर के विभिन्न इलाकों में शाम ढलते ही अंधेरा पसर जाता था, जिससे आमजन को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। जिस वजह से नगर परिषद द्वारा विशेष अनुमति लेकर 10 लाख रुपये की लागत से खराब स्ट्रीट लाइटों की रिपेयर करवाई गई थी। मगर अब एक एजेंसी इस संदर्भ में काम करेगी।
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जयपुर की एक एजेंसी ने शहर की सभी स्ट्रीट लाइटों का ब्योरा मांगा है। एक सप्ताह तक इंजीनियरिंग विंग द्वारा यह रिपोर्ट तैयार करके दी जाएगी। यह एजेंसी ज्यादा बिजली खपत वाली लाइटों की जगह कम बिजली खपत वाली लाइटें लगाएगी। जितना नगर परिषद का इस समय बिजली बिल आ रहा है, उस बिल में नई लाइटें लगाए जाने से जितनी बचत होगी, एजेंसी केवल वही राशि मेंटेनेंस चार्ज के रूप में वसूल करेगी। इस तरह से महज बिजली बिल की लागत पर ही स्ट्रीट लाइटें ठीक होंगी। उम्मीद है जल्द यह काम शुरू हो जाएगा।
- कुलदीप मलिक, ईओ, नगर परिषद-
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इस योजना को लेकर राज्य स्तरीय एजेंसी ने नगर परिषद के अधिकारियों से पूरे शहर की स्ट्रीट लाइटों का ब्योरा मांगा है। एक सप्ताह में शहर की सभी स्ट्रीट लाइटों का विस्तृत ब्योरा व खराब स्ट्रीट लाइटों को ठीक करवाए जाने संबंधी योजना तैयार करते हुए पूरी रिपोर्ट एजेंसी को दी जानी है। इसके बाद उम्मीद है कि शहर के मुख्य मार्गों पर खराब व बंद हो गई स्ट्रीट लाइटें ठीक हो सकेंगी।
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उल्लेखनीय है कि करीब दो साल पहले स्थानीय निकाय विभाग ने फैसला लिया था कि स्ट्रीट लाइटों को राज्य स्तरीय एजेंसी के माध्यम से ही मेनटेन रखा जाएगा। मगर इसके बावजूद करीब डेढ़ साल तक एजेंसी फाइनल न होने के कारण इस योजना पर काम ही शुरू नहीं हो पाया। जिस कारण खराब स्ट्रीट लाइटों की संख्या शहर में बढ़ती गई। इस वजह से शहर के विभिन्न इलाकों में शाम ढलते ही अंधेरा पसर जाता था, जिससे आमजन को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। जिस वजह से नगर परिषद द्वारा विशेष अनुमति लेकर 10 लाख रुपये की लागत से खराब स्ट्रीट लाइटों की रिपेयर करवाई गई थी। मगर अब एक एजेंसी इस संदर्भ में काम करेगी।
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जयपुर की एक एजेंसी ने शहर की सभी स्ट्रीट लाइटों का ब्योरा मांगा है। एक सप्ताह तक इंजीनियरिंग विंग द्वारा यह रिपोर्ट तैयार करके दी जाएगी। यह एजेंसी ज्यादा बिजली खपत वाली लाइटों की जगह कम बिजली खपत वाली लाइटें लगाएगी। जितना नगर परिषद का इस समय बिजली बिल आ रहा है, उस बिल में नई लाइटें लगाए जाने से जितनी बचत होगी, एजेंसी केवल वही राशि मेंटेनेंस चार्ज के रूप में वसूल करेगी। इस तरह से महज बिजली बिल की लागत पर ही स्ट्रीट लाइटें ठीक होंगी। उम्मीद है जल्द यह काम शुरू हो जाएगा।
- कुलदीप मलिक, ईओ, नगर परिषद-