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Kaithal News: फिर बढ़ा वायु प्रदूषण का स्तर, 284 पर पहुंचा
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कैथल। जिले में नवंबर माह के पहले पखवाड़े के अंतिम पड़ाव में ठंड लगातार बढ़ रही है। अब सुबह व शाम के समय अधिक ठंड होने लगी है। वायु प्रदूषण का स्तर कभी कम हो रहा है और कभी अधिक। वहीं, मंगलवार को एक बार फिर से वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ा है। यह 284 पर पहुंच गया। तीन दिन के अंतराल के बाद फिर से वायु प्रदूषण का स्तर 250 से पार पहुंच गया है। इससे लोगों को थोड़ी परेशानी भी हुई।
जिले में मंगलवार को शहर का न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस रहा। इस बार अक्तूबर माह के अंत तक क्षेत्र में गर्मी रही। अब जिले के एक्यूआई में लगातार बदलाव हो रहा है। ऐसे में मंगलवार को शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स 250 पार पहुंच गया, जो मध्यम श्रेणी में आता है। इसके कारण लोगों को परेशानी हो रही है। प्रदूषण का यह स्तर हवा के रुख ने बदला है। वहीं, चिकित्सकों से इस मौसम में लोगों को खानपान और मौसम परिवर्तन के दौरान छोटे बच्चों का विशेष रूप से ध्यान रखने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि मौसम परिवर्तन के दौरान मच्छरों से बचने के लिए घरों को साफ सुथरा रखें। कूलर व टायर इत्यादि में पानी जमा न होने दें। क्योंकि इन पर मच्छर बैठकर मौसम जनित बीमारियां फैलाते हैं। कृषि विज्ञान केंद्र कैथल के मौसम वैज्ञानिक डॉ. रमेश चंद्र वर्मा ने बताया कि अब मौसम में बदलाव होने के बाद लगातार ठंड बढ़ेगी। हालांकि अभी हो रहे मौसम के बदलाव के चलते गेहूं की फसल पर अधिक प्रभाव नहीं पड़ेगा।
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जिले में मंगलवार को शहर का न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस रहा। इस बार अक्तूबर माह के अंत तक क्षेत्र में गर्मी रही। अब जिले के एक्यूआई में लगातार बदलाव हो रहा है। ऐसे में मंगलवार को शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स 250 पार पहुंच गया, जो मध्यम श्रेणी में आता है। इसके कारण लोगों को परेशानी हो रही है। प्रदूषण का यह स्तर हवा के रुख ने बदला है। वहीं, चिकित्सकों से इस मौसम में लोगों को खानपान और मौसम परिवर्तन के दौरान छोटे बच्चों का विशेष रूप से ध्यान रखने की सलाह दी।
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उन्होंने कहा कि मौसम परिवर्तन के दौरान मच्छरों से बचने के लिए घरों को साफ सुथरा रखें। कूलर व टायर इत्यादि में पानी जमा न होने दें। क्योंकि इन पर मच्छर बैठकर मौसम जनित बीमारियां फैलाते हैं। कृषि विज्ञान केंद्र कैथल के मौसम वैज्ञानिक डॉ. रमेश चंद्र वर्मा ने बताया कि अब मौसम में बदलाव होने के बाद लगातार ठंड बढ़ेगी। हालांकि अभी हो रहे मौसम के बदलाव के चलते गेहूं की फसल पर अधिक प्रभाव नहीं पड़ेगा।
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