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Kaithal News: अफीम रखने के दोषी को 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया
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कैथल। गुहला क्षेत्र में 410 ग्राम अफीम रखने के मामले में विशेष एनडीपीएस अदालत ने आरोपी दीपक कुमार को दोषी करार दिया है। अदालत ने आरोपी को पहले से जेल में बिताई अवधि के बराबर कारावास की सजा सुनाते हुए 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना जमा करवाने के बाद आरोपी को रिहा करने के आदेश दिए गए।
आरोपी खरका गांव का रहने वाला है। मामला 26 जुलाई 2025 का है। गुहला थाना पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 410 ग्राम अफीम बरामद की थी। आरोपी के पास अफीम रखने का कोई वैध परमिट या लाइसेंस नहीं था। पुलिस ने उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 18(सी) के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। मामले में 11 दिसंबर 2025 को अदालत ने आरोपी के खिलाफ आरोप तय किए थे।
मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी दीपक कुमार ने स्वेच्छा से अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद अदालत ने उसे दोषी करार देते हुए हिरासत में ले लिया। अदालत में सजा की मात्रा के लिए सुनवाई हुई।
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पिछला आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होने का मिला लाभ
अदालत ने आदेश में कहा कि बरामद अफीम की मात्रा 410 ग्राम थी, जबकि एनडीपीएस एक्ट के तहत छोटी मात्रा 25 ग्राम और व्यावसायिक मात्रा 2.5 किलोग्राम निर्धारित है। आरोपी का कोई पिछला आपराधिक रिकॉर्ड भी नहीं था। अपराध स्वीकार करने और अन्य राहतकारी परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने सुधारात्मक दृष्टिकोण अपनाया और लंबी सजा देने के बजाय पहले से जेल में बिताई अवधि को ही कारावास माना।
26 जुलाई से 27 अगस्त तक की अवधि मानी सजा
अदालत ने आरोपी को 26 जुलाई 2025 से 27 अगस्त 2025 तक हिरासत में बिताई अवधि के बराबर कारावास की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने पर दो महीने के कठोर कारावास का प्रावधान किया गया था। आरोपी ने जुर्माना जमा करवा दिया जिसके बाद अदालत ने उसकी रिहाई के आदेश जारी कर दिए।
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आरोपी खरका गांव का रहने वाला है। मामला 26 जुलाई 2025 का है। गुहला थाना पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 410 ग्राम अफीम बरामद की थी। आरोपी के पास अफीम रखने का कोई वैध परमिट या लाइसेंस नहीं था। पुलिस ने उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 18(सी) के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। मामले में 11 दिसंबर 2025 को अदालत ने आरोपी के खिलाफ आरोप तय किए थे।
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मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी दीपक कुमार ने स्वेच्छा से अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद अदालत ने उसे दोषी करार देते हुए हिरासत में ले लिया। अदालत में सजा की मात्रा के लिए सुनवाई हुई।
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पिछला आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होने का मिला लाभ
अदालत ने आदेश में कहा कि बरामद अफीम की मात्रा 410 ग्राम थी, जबकि एनडीपीएस एक्ट के तहत छोटी मात्रा 25 ग्राम और व्यावसायिक मात्रा 2.5 किलोग्राम निर्धारित है। आरोपी का कोई पिछला आपराधिक रिकॉर्ड भी नहीं था। अपराध स्वीकार करने और अन्य राहतकारी परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने सुधारात्मक दृष्टिकोण अपनाया और लंबी सजा देने के बजाय पहले से जेल में बिताई अवधि को ही कारावास माना।
26 जुलाई से 27 अगस्त तक की अवधि मानी सजा
अदालत ने आरोपी को 26 जुलाई 2025 से 27 अगस्त 2025 तक हिरासत में बिताई अवधि के बराबर कारावास की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने पर दो महीने के कठोर कारावास का प्रावधान किया गया था। आरोपी ने जुर्माना जमा करवा दिया जिसके बाद अदालत ने उसकी रिहाई के आदेश जारी कर दिए।