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खेल के लिए 8 साल पहले छोड़ दिया था गांव, पहले निडाना तो अब रोहतक में साक्षी मलिक के कोच से ले रही है नैना ट्रेनिंग
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खेल के लिए 8 साल पहले छोड़ दिया था गांव,
पहले निडाना तो अब रोहतक में साक्षी मलिक के कोच से ट्रेनिंग ले रही नैना
ओलंपिक की तैयारियों के लिए चयनित खिलाड़ियों में शामिल, दिल्ली में आयोजित कैंप में ले रही है भाग
राज्यस्तरीय मुकाबले में छाई इंटरनेशनल महिला पहलवान
दोनों मुकाबलों में विजेता खिलाड़ी हासिल कर चुकी हैं नेशनल व इंटरनेशनल स्तर पर उपलब्धियां
फोटो नंबर-27
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। जिले में पहली बार आयोजित तीन दिवसीय राज्यस्तरीय कुश्ती अखाड़ा एवं हरियाणा केसरी व कुमारी प्रतियोगिता में खिताब हासिल करने वाली खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में नाम रोशन कर चुकी हैं। सबसे बड़े मुकाबले को जीतने वाली नैना इस समय साक्षी मलिक के कोच रहे मनदीप से कोचिंग ले रही हैं। नैना खेल के लिए 8 साल पहले अपने गांव को छोड़ चुकी है। खेल के प्रति समर्पण का ही परिणाम है कि उसका चयन ओलंपिक के लिए तैयारी करने वाले खिलाड़ियों में हो चुका है। इस समय वह दिल्ली में आयोजित नेशनल कैंप का हिस्सा है। जिसे बीच में छोड़कर यह मुकाबला खेलने आई थी और उसने 1.51 लाख रुपये की हरियाणा केसरी की कुश्ती जीत।
नैना ने उसी पहलवान को पराजित कर यह मुकाबला जीता, जिसने उसे राजस्थान में आयोजित एक मुकाबले में हराया था। नैना के पिता पानीपत के गांव सुताना के सरपंच रह चुके हैं। उसके 21 साल के भाई निखिल भी उसके साथ ही कुश्ती की ट्रेनिंग ले रहे हैं। नैना ने बताया कि उसने वर्ष 2011 में खेलना शुरू किया था। 6 साल उसने जींद के निडाना में कोचिंग ली, वहीं होस्टल में रही। अब वह रोहतक में रहकर साक्षी मलिक के कोच रहे मनदीप से ट्रेनिंग ले रही हैं। इस समय वह बीए फाइनल की छात्रा है। सीनियर वर्ग नेशनल चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल, अंडर 23 में गोल्ड, ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप में गोल्ड व वर्ल्ड चैंपियनशिप में पांचवां स्थान प्राप्त कर चुकी है। करनाल के डीएवी कॉलेज में बीए फाइनल में पढ़ाई कर रही है।
सात साल से कुश्ती लड़ रही है मंजू
फोटो नंबर-28
हरियाणा कुमारी बनी 23 वर्षीय मंजू ने बताया वह पिछले सात साल से पहलवानी कर रही है। उसने बताया कि वह चार बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिता खेल चुकी है। जिसमें कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड, वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रांज व एशिया चैंपियनशिप में दो बार सिल्वर मेडल जीता है।
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सोनम पांच बार खेल चुकी है अंतरराष्ट्रीय स्तर पर
फोटो नंबर-52
हरियाणा केसरी के खिताब की रनर अप रही सोनीपत की सोनम ने बताया कि वह छह साल से पहलवानी कर रही है। वह दो बार भारत केसरी के खिताब को जीत चुकी है। इसके साथ ही वह पांच बार इंटरनेशनल प्रतिस्पर्धाओं में हिस्सा ले चुकी है। जिसमें उसने 2017 में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता। इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर पर भी पांच गोल्ड मेडल जीत चुकी है।
फोटो नंबर-29
हरियाणा कुमारी की रनर अप रही मीनाक्षी ने बताया कि वह तीन बार इंटरनेशनल स्तर पर खेलकर दो बार मेडल जीत चुकी है। जिसमें 2018 में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर, एशिया चैंपियनशिप में ब्रांज मेडल जीत चुकी है। मीनाक्षी ने कहा कि अब वह ओलंपिक में खेलकर देश के लिए गोल्ड मेडल लाना चाहती है।
62 किलो भार वर्ग की कैथल की संयोगिता ने किया नाम रोशन
ढांड में पुलिस कर्मचारी मान सिंह की बेटी संयोगिता ने 62 किलो भार वर्ग में मुकाबला जीता। वह कई सालों से कुश्ती खेल रही है। उसके चाचा अशोक कुमार गुर्जर भाजपा के जिला अध्यक्ष हैं। संयोगिता ने कहा कि उसने एक दिन पहले 8 मुकाबले खेले। जिस कारण उसे चोट भी आई। इसके बावजूद उसने अपने वर्ग 62 किलो में प्रथम स्थान हासिल किया है। उसे 5100 रुपये नकद इनाम दिया गया।
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पहले निडाना तो अब रोहतक में साक्षी मलिक के कोच से ट्रेनिंग ले रही नैना
ओलंपिक की तैयारियों के लिए चयनित खिलाड़ियों में शामिल, दिल्ली में आयोजित कैंप में ले रही है भाग
राज्यस्तरीय मुकाबले में छाई इंटरनेशनल महिला पहलवान
दोनों मुकाबलों में विजेता खिलाड़ी हासिल कर चुकी हैं नेशनल व इंटरनेशनल स्तर पर उपलब्धियां
फोटो नंबर-27
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। जिले में पहली बार आयोजित तीन दिवसीय राज्यस्तरीय कुश्ती अखाड़ा एवं हरियाणा केसरी व कुमारी प्रतियोगिता में खिताब हासिल करने वाली खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में नाम रोशन कर चुकी हैं। सबसे बड़े मुकाबले को जीतने वाली नैना इस समय साक्षी मलिक के कोच रहे मनदीप से कोचिंग ले रही हैं। नैना खेल के लिए 8 साल पहले अपने गांव को छोड़ चुकी है। खेल के प्रति समर्पण का ही परिणाम है कि उसका चयन ओलंपिक के लिए तैयारी करने वाले खिलाड़ियों में हो चुका है। इस समय वह दिल्ली में आयोजित नेशनल कैंप का हिस्सा है। जिसे बीच में छोड़कर यह मुकाबला खेलने आई थी और उसने 1.51 लाख रुपये की हरियाणा केसरी की कुश्ती जीत।
नैना ने उसी पहलवान को पराजित कर यह मुकाबला जीता, जिसने उसे राजस्थान में आयोजित एक मुकाबले में हराया था। नैना के पिता पानीपत के गांव सुताना के सरपंच रह चुके हैं। उसके 21 साल के भाई निखिल भी उसके साथ ही कुश्ती की ट्रेनिंग ले रहे हैं। नैना ने बताया कि उसने वर्ष 2011 में खेलना शुरू किया था। 6 साल उसने जींद के निडाना में कोचिंग ली, वहीं होस्टल में रही। अब वह रोहतक में रहकर साक्षी मलिक के कोच रहे मनदीप से ट्रेनिंग ले रही हैं। इस समय वह बीए फाइनल की छात्रा है। सीनियर वर्ग नेशनल चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल, अंडर 23 में गोल्ड, ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप में गोल्ड व वर्ल्ड चैंपियनशिप में पांचवां स्थान प्राप्त कर चुकी है। करनाल के डीएवी कॉलेज में बीए फाइनल में पढ़ाई कर रही है।
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सात साल से कुश्ती लड़ रही है मंजू
फोटो नंबर-28
हरियाणा कुमारी बनी 23 वर्षीय मंजू ने बताया वह पिछले सात साल से पहलवानी कर रही है। उसने बताया कि वह चार बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिता खेल चुकी है। जिसमें कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड, वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रांज व एशिया चैंपियनशिप में दो बार सिल्वर मेडल जीता है।
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सोनम पांच बार खेल चुकी है अंतरराष्ट्रीय स्तर पर
फोटो नंबर-52
हरियाणा केसरी के खिताब की रनर अप रही सोनीपत की सोनम ने बताया कि वह छह साल से पहलवानी कर रही है। वह दो बार भारत केसरी के खिताब को जीत चुकी है। इसके साथ ही वह पांच बार इंटरनेशनल प्रतिस्पर्धाओं में हिस्सा ले चुकी है। जिसमें उसने 2017 में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता। इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर पर भी पांच गोल्ड मेडल जीत चुकी है।
फोटो नंबर-29
हरियाणा कुमारी की रनर अप रही मीनाक्षी ने बताया कि वह तीन बार इंटरनेशनल स्तर पर खेलकर दो बार मेडल जीत चुकी है। जिसमें 2018 में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर, एशिया चैंपियनशिप में ब्रांज मेडल जीत चुकी है। मीनाक्षी ने कहा कि अब वह ओलंपिक में खेलकर देश के लिए गोल्ड मेडल लाना चाहती है।
62 किलो भार वर्ग की कैथल की संयोगिता ने किया नाम रोशन
ढांड में पुलिस कर्मचारी मान सिंह की बेटी संयोगिता ने 62 किलो भार वर्ग में मुकाबला जीता। वह कई सालों से कुश्ती खेल रही है। उसके चाचा अशोक कुमार गुर्जर भाजपा के जिला अध्यक्ष हैं। संयोगिता ने कहा कि उसने एक दिन पहले 8 मुकाबले खेले। जिस कारण उसे चोट भी आई। इसके बावजूद उसने अपने वर्ग 62 किलो में प्रथम स्थान हासिल किया है। उसे 5100 रुपये नकद इनाम दिया गया।