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हैंडबाल में 150 से अधिक मेडल जीतने के बावजूद मैदान से महरुम बेटियां
Updated Wed, 02 Aug 2017 11:59 PM IST
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हैंडबाल में 150 से अधिक मेडल जीतने के बावजूद मैदान से महरुम बेटियां
कमल कुमार
कैथल। प्रदेश की बेटियों ने खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के माध्यम से देश ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में अपनी धाक जमाई है। बेटियों की खेल संबंधी कई कहानियां भी सामने आई है। जिसमें बेटियों ने अपने माता पिता के सहयोग से आगे बढ़ अपने मुकाम को हासिल करने में जुटी है। गांव कांगथली के राजकीय स्कूल की 250 छात्राओं ने हैंडबाल की विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में पिछले सात सालों में 150 मेडल हासिल किए है। लेकिन उसके बावजूद भी बेटियां खेल के मैदान से भी महरूम है। जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
खुद राशि एकत्रित कर बनाया मैदान : राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड, सिल्वर व ब्रांज मेडल हासिल कर चुकी हैंडबाल की खिलाड़ियों के पास स्कूल का मैदान की हालत खस्ता थी। तो बेटियों ने किसी भी बात से परहेज न कर खुद राशि एकत्रित करके मिट्टी डलवाई और उसे खेलने लायक बनाया। खिलाड़ी सुनहरी ने बताया कि मैदान की हालत खराब होने के कारण सभी खिलाड़ियों ने मिलकर 18 हजार रुपये एकत्रित करके 60 ट्रॉलियों को मैदान में गिरवाया। जिसके बाद न तो कोई मजदूर रखा और न स्कूल प्रशासन को कहा। खुद कसी उठाई और मैदान को संवारने में जुट गई। खिलाड़ी ने बताया कि समय समय पर सभी खिलाड़ी न केवल खेल की प्रेक्टिस करते है बल्कि उसे संवारने का कार्य करती है।
राज्यस्तरीय मुकाबलों में हर बार कम से कम 15 खिलाड़ी लेते है भाग : हैंडबाल का टूर्नामेंट चाहे वह प्रदेश स्तरीय हो या राष्ट्रीय स्तर का। सभी प्रतियोगिता में 10 से 15 खिलाड़ी टूर्नामेंट में भाग लेती है। विशेष बात है कि टीम चाहे जिला की हो प्रदेश की टीम में कम से कम सात खिलाड़ी टीम में शामिल होते हैं।
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यह खिलाड़ी प्रदेश स्तर पर कर चुकी हैं नाम रोशन : राजकीय स्कूल में पढ़ने वाली खिलाड़ी लक्ष्मी, आरती, शीतल, कोमल, अंजू, रजनी, शिमला, सुनहरी, सपना, कोमल, जसविंद्र, केलाशों सहित अन्य खिलाड़ी प्रदेशस्तर पर मेडल हासिल कर चुकी है। एक खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल चुकी है।
कोच के तबादले पर एकजुट हुए चार गांवों के लोग : राष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमा चुकी खिलाड़ियों की मेहनत में सहयोग देने वाले हैंडबाल कोच विजय कुमार के पांच वर्ष पूरे होने पर शिक्षा विभाग की स्थानांतरण पॉलिसी के तहत डीपी के तबादले का पत्र आया तो इस क्षेत्र के आस पास स्थित गांवों के ग्रामीणों में रोष पनपा। जिसको लेकर वह बुधवार को स्कूल में इकट्ठे हुए और कोच के तबादले को रोकने की रणनीति बनाई। इस बैठक में कांगथली, पाबसर, ककहेड़ी व भूना गांव के सरपंच सहित गांव के अन्य लोग मौजूद रहे। बैठक में सभी गांवों के ग्रामीणों ने फैसला लिया कि वह पंचायत में रेजुलेशन डालकर कोच के तबादले को रोकने की मांग करेंगे। इसके लिए वह सीएम से समय मांग उनसे मिलेंगे। चार अगस्त तक सीएम से मिलने का समय मांगा जाएगा। इसके बाद अगली रणनीति तैयार की जाएगी। बैठक में सरपंच केहर सिह राणा, ढिल्ला राम बाजीगर, गुलाब सिह, प्रेम, सुखा, सुच्चा सिह, जयपाल, रत्ना राम, जयपाल, होशियार सिह राणा, जाज सिह कांगथली, प्रिंसीपल हरबंस लाल, लक्षमण कामरा सहित अन्य अध्यापक व ग्रामीण मौजूद रहे।
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कमल कुमार
कैथल। प्रदेश की बेटियों ने खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के माध्यम से देश ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में अपनी धाक जमाई है। बेटियों की खेल संबंधी कई कहानियां भी सामने आई है। जिसमें बेटियों ने अपने माता पिता के सहयोग से आगे बढ़ अपने मुकाम को हासिल करने में जुटी है। गांव कांगथली के राजकीय स्कूल की 250 छात्राओं ने हैंडबाल की विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में पिछले सात सालों में 150 मेडल हासिल किए है। लेकिन उसके बावजूद भी बेटियां खेल के मैदान से भी महरूम है। जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
खुद राशि एकत्रित कर बनाया मैदान : राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड, सिल्वर व ब्रांज मेडल हासिल कर चुकी हैंडबाल की खिलाड़ियों के पास स्कूल का मैदान की हालत खस्ता थी। तो बेटियों ने किसी भी बात से परहेज न कर खुद राशि एकत्रित करके मिट्टी डलवाई और उसे खेलने लायक बनाया। खिलाड़ी सुनहरी ने बताया कि मैदान की हालत खराब होने के कारण सभी खिलाड़ियों ने मिलकर 18 हजार रुपये एकत्रित करके 60 ट्रॉलियों को मैदान में गिरवाया। जिसके बाद न तो कोई मजदूर रखा और न स्कूल प्रशासन को कहा। खुद कसी उठाई और मैदान को संवारने में जुट गई। खिलाड़ी ने बताया कि समय समय पर सभी खिलाड़ी न केवल खेल की प्रेक्टिस करते है बल्कि उसे संवारने का कार्य करती है।
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राज्यस्तरीय मुकाबलों में हर बार कम से कम 15 खिलाड़ी लेते है भाग : हैंडबाल का टूर्नामेंट चाहे वह प्रदेश स्तरीय हो या राष्ट्रीय स्तर का। सभी प्रतियोगिता में 10 से 15 खिलाड़ी टूर्नामेंट में भाग लेती है। विशेष बात है कि टीम चाहे जिला की हो प्रदेश की टीम में कम से कम सात खिलाड़ी टीम में शामिल होते हैं।
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यह खिलाड़ी प्रदेश स्तर पर कर चुकी हैं नाम रोशन : राजकीय स्कूल में पढ़ने वाली खिलाड़ी लक्ष्मी, आरती, शीतल, कोमल, अंजू, रजनी, शिमला, सुनहरी, सपना, कोमल, जसविंद्र, केलाशों सहित अन्य खिलाड़ी प्रदेशस्तर पर मेडल हासिल कर चुकी है। एक खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल चुकी है।
कोच के तबादले पर एकजुट हुए चार गांवों के लोग : राष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमा चुकी खिलाड़ियों की मेहनत में सहयोग देने वाले हैंडबाल कोच विजय कुमार के पांच वर्ष पूरे होने पर शिक्षा विभाग की स्थानांतरण पॉलिसी के तहत डीपी के तबादले का पत्र आया तो इस क्षेत्र के आस पास स्थित गांवों के ग्रामीणों में रोष पनपा। जिसको लेकर वह बुधवार को स्कूल में इकट्ठे हुए और कोच के तबादले को रोकने की रणनीति बनाई। इस बैठक में कांगथली, पाबसर, ककहेड़ी व भूना गांव के सरपंच सहित गांव के अन्य लोग मौजूद रहे। बैठक में सभी गांवों के ग्रामीणों ने फैसला लिया कि वह पंचायत में रेजुलेशन डालकर कोच के तबादले को रोकने की मांग करेंगे। इसके लिए वह सीएम से समय मांग उनसे मिलेंगे। चार अगस्त तक सीएम से मिलने का समय मांगा जाएगा। इसके बाद अगली रणनीति तैयार की जाएगी। बैठक में सरपंच केहर सिह राणा, ढिल्ला राम बाजीगर, गुलाब सिह, प्रेम, सुखा, सुच्चा सिह, जयपाल, रत्ना राम, जयपाल, होशियार सिह राणा, जाज सिह कांगथली, प्रिंसीपल हरबंस लाल, लक्षमण कामरा सहित अन्य अध्यापक व ग्रामीण मौजूद रहे।