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शिकायत पर जांच में सहयोग ना करने पर सरपंच को सस्पेंड किया
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शिकायत पर जांच में सहयोग न करने पर सरपंच को सस्पेंड किया
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। डीसी धर्मवीर सिंह ने हरियाणा पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 51 के तहत गुहला खंड की थेहनेवल ग्राम पंचायत की सरपंच अंजू रानी को उनके खिलाफ जांच में रिकॉर्ड प्रस्तुत न करने और अपने बयान कलमबद्ध न करवाने पर तुरंत प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा उन्होंने सरपंच के खिलाफ प्राप्त हुई शिकायत की जांच हेतू गुहला के उपमंडल अधिकारी नागरिक को जांच अधिकारी नियुक्त किया है।
डीडीपीओ कंवर दमन सिंह ने बताया कि थेहनेवल निवासी सुरेश कुमार पुत्र झंडू राम द्वारा गांव की सरपंच अंजू रानी के खिलाफ शिकायत दी थी, जिसकी जांच के दौरान सरपंच ने न तो रिकॉर्ड प्रस्तुत किया और न ही अपने बयान दर्ज करवाए। सरपंच को रिकॉर्ड प्रस्तुत करने के लिए बार-बार समय दिया गया। रिकॉर्ड उपलब्ध न करवाने के कारण जांच पूर्ण नहीं हो पाई। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के अनुसार सरपंच द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना की है और अपनी ड्यूटी में कोताही की है। जिसको मद्देनजर रखते हुए उपायुक्त द्वारा उन्हें तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है और गुहला के उपमंडलाधीश को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। डीसी धर्मवीर सिंह ने हरियाणा पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 51 के तहत गुहला खंड की थेहनेवल ग्राम पंचायत की सरपंच अंजू रानी को उनके खिलाफ जांच में रिकॉर्ड प्रस्तुत न करने और अपने बयान कलमबद्ध न करवाने पर तुरंत प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा उन्होंने सरपंच के खिलाफ प्राप्त हुई शिकायत की जांच हेतू गुहला के उपमंडल अधिकारी नागरिक को जांच अधिकारी नियुक्त किया है।
डीडीपीओ कंवर दमन सिंह ने बताया कि थेहनेवल निवासी सुरेश कुमार पुत्र झंडू राम द्वारा गांव की सरपंच अंजू रानी के खिलाफ शिकायत दी थी, जिसकी जांच के दौरान सरपंच ने न तो रिकॉर्ड प्रस्तुत किया और न ही अपने बयान दर्ज करवाए। सरपंच को रिकॉर्ड प्रस्तुत करने के लिए बार-बार समय दिया गया। रिकॉर्ड उपलब्ध न करवाने के कारण जांच पूर्ण नहीं हो पाई। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के अनुसार सरपंच द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना की है और अपनी ड्यूटी में कोताही की है। जिसको मद्देनजर रखते हुए उपायुक्त द्वारा उन्हें तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है और गुहला के उपमंडलाधीश को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।
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