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गलत तस्दीक मामले में गांव भूना का सरपंच सस्पेंड
Updated Fri, 09 Feb 2018 12:05 AM IST
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सरपंच ने अनुसूचित जाति के व्यक्ति को लाभ देने के लिए बना दिया अल्पसंख्यक, सस्पेंड
- गलत तस्दीक मामले में गांव भूना का सरपंच सस्पेंड, नंबरदार के खिलाफ जांच जारी
अमर उजाला ब्यूरो
गुहला-चीका। डीसी कैथल सुनीता वर्मा ने गांव भूना के सरपंच कृष्ण कुमार को सस्पेंड कर दिया है। सरपंच पर गांव के एक युवक को अल्पसंख्यक तस्दीक कर दिया था। जबकि वह अनुसूचित जाति के एक व्यक्ति को अल्पसंख्यक समुदाय का तस्दीक कर दिया। गांव के ही एक अन्य व्यक्ति साहिल कुमार ने शिकायत दी थी। जिसकी जांच एसडीएम गुहला द्वारा की गई। उनकी जांच के बाद डीसी ने यह फैसला लिया है। नंबरदार के खिलाफ भी इसी तस्दीक के आरोप में जांच चल रही है।
गांव नानकपुरा भूना निवासी साहिल कुमार ने जिला कष्ट निवारण समिति में एक शिकायत दी थी जिसमें भूना के सरपंच कृष्ण कुमार पर अपनी शक्तियों को दुरुपयोग करते हुए गलत प्रमाण पत्र तस्दीक करने का आरोप लगाया था। शिकायत में कहा गया था कि गांव वासी दीपक कुमार पुत्र धर्मपाल जो कि वाल्मीकि जाति से संबंध रखता है, को सरपंच कृष्ण कुमार ने मजहबी सिख तस्दीक कर दिया ताकि वह अपना अल्पसंख्यक समुदाय का सर्टिफिकेट बनवा सके।
इस मामले की प्राथमिक जांच गुहला के एसडीएम सुरेंद्र पाल को सौंपी गई। एसडीएम ने डीसी को भेजी अपनी जांच रिपोर्ट में बताया कि गांव वासियों के बयानात और गवाहियों में यह तथ्य सामने आया कि दीपक कुमार वासी भूना अनुसूचित जाति से संबंध रखता है, उसका अल्पसंख्यक समुदाय मजहबी सिख से कोई वास्ता नहीं है। एसडीएम सुरेंद्र पाल ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट कहा कि चूंकि सरपंच कृष्ण कुमार शिक्षित व्यक्ति हैं इसलिए यह स्पष्ट है कि दीपक कुमार को अल्पसंख्यक समुदाय के लाभ दिलाने के लिए उसे इस श्रेणी का व्यक्ति तस्दीक किया गया है जो गलत है।
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डीसी कैथल ने गांव भूना के सरपंच कृष्ण कुमार को निलंबित करने के आदेश सुनाते हुए नियमित जांच के लिए एडीसी कैथल को जांच अधिकारी नियुक्ति किया है। उन्हें अपनी जांच रिपोर्ट एक हफ्ते के भीतर दाखिल करने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही बहुमत वाले पंच को कार्यभार देने के आदेश दिए हैं।
वहीं गांव के एक नंबरदार के खिलाफ भी इसी तस्दीक के आरोप में डीसी कार्यालय में जांच चल रही है।
जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी कंवर दमन सिंह ने बताया कि गांव भूना के सरपंच कृष्ण कुमार को शिकायत के आधार पर की गई जांच में गलत तस्दीक का दोषी पाया गया है। डीसी सुनीता वर्मा ने उन्हें निलंबित करने का आदेश देते हुए कहा है कि निलंबन अवधि में वे पंचायत की किसी भी मीटिंग या गतिविधि में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। उनके पास पंचायत की कोई संपत्ति या रिकार्ड वगैरह जो भी है उसे बहुमत रखने वाले पंच के हवाले करने को कहा गया है।
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- गलत तस्दीक मामले में गांव भूना का सरपंच सस्पेंड, नंबरदार के खिलाफ जांच जारी
अमर उजाला ब्यूरो
गुहला-चीका। डीसी कैथल सुनीता वर्मा ने गांव भूना के सरपंच कृष्ण कुमार को सस्पेंड कर दिया है। सरपंच पर गांव के एक युवक को अल्पसंख्यक तस्दीक कर दिया था। जबकि वह अनुसूचित जाति के एक व्यक्ति को अल्पसंख्यक समुदाय का तस्दीक कर दिया। गांव के ही एक अन्य व्यक्ति साहिल कुमार ने शिकायत दी थी। जिसकी जांच एसडीएम गुहला द्वारा की गई। उनकी जांच के बाद डीसी ने यह फैसला लिया है। नंबरदार के खिलाफ भी इसी तस्दीक के आरोप में जांच चल रही है।
गांव नानकपुरा भूना निवासी साहिल कुमार ने जिला कष्ट निवारण समिति में एक शिकायत दी थी जिसमें भूना के सरपंच कृष्ण कुमार पर अपनी शक्तियों को दुरुपयोग करते हुए गलत प्रमाण पत्र तस्दीक करने का आरोप लगाया था। शिकायत में कहा गया था कि गांव वासी दीपक कुमार पुत्र धर्मपाल जो कि वाल्मीकि जाति से संबंध रखता है, को सरपंच कृष्ण कुमार ने मजहबी सिख तस्दीक कर दिया ताकि वह अपना अल्पसंख्यक समुदाय का सर्टिफिकेट बनवा सके।
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इस मामले की प्राथमिक जांच गुहला के एसडीएम सुरेंद्र पाल को सौंपी गई। एसडीएम ने डीसी को भेजी अपनी जांच रिपोर्ट में बताया कि गांव वासियों के बयानात और गवाहियों में यह तथ्य सामने आया कि दीपक कुमार वासी भूना अनुसूचित जाति से संबंध रखता है, उसका अल्पसंख्यक समुदाय मजहबी सिख से कोई वास्ता नहीं है। एसडीएम सुरेंद्र पाल ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट कहा कि चूंकि सरपंच कृष्ण कुमार शिक्षित व्यक्ति हैं इसलिए यह स्पष्ट है कि दीपक कुमार को अल्पसंख्यक समुदाय के लाभ दिलाने के लिए उसे इस श्रेणी का व्यक्ति तस्दीक किया गया है जो गलत है।
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डीसी कैथल ने गांव भूना के सरपंच कृष्ण कुमार को निलंबित करने के आदेश सुनाते हुए नियमित जांच के लिए एडीसी कैथल को जांच अधिकारी नियुक्ति किया है। उन्हें अपनी जांच रिपोर्ट एक हफ्ते के भीतर दाखिल करने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही बहुमत वाले पंच को कार्यभार देने के आदेश दिए हैं।
वहीं गांव के एक नंबरदार के खिलाफ भी इसी तस्दीक के आरोप में डीसी कार्यालय में जांच चल रही है।
जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी कंवर दमन सिंह ने बताया कि गांव भूना के सरपंच कृष्ण कुमार को शिकायत के आधार पर की गई जांच में गलत तस्दीक का दोषी पाया गया है। डीसी सुनीता वर्मा ने उन्हें निलंबित करने का आदेश देते हुए कहा है कि निलंबन अवधि में वे पंचायत की किसी भी मीटिंग या गतिविधि में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। उनके पास पंचायत की कोई संपत्ति या रिकार्ड वगैरह जो भी है उसे बहुमत रखने वाले पंच के हवाले करने को कहा गया है।