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चार सांडों को लेकर कर दिया नंदीशाला का उद्वघाटन
Updated Wed, 26 Jul 2017 11:55 PM IST
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न घास डालने वाला, न प्रबंध के लिए कोई, चार सांड़ों को लाकर कर दिया नंदीशाला का उद्घाटन
कमल कुमार
कैथल। सरकार द्वारा निर्धारित किए गए सड़कों से लावारिस पशुओं को हटाने के लक्ष्य के बीच कैथल में आनन-फानन में तीन दिन पूर्व नंदीशाला का शुभारंभ कर दिया गया, लेकिन इसमें अभी तक नंदी नहीं पहुंचे हैं। महज 4 नंदी यहां पर हैं। घास डालने के लिए जो कर्मचारी रखे गए थे, वे एक दिन में ही छोड़कर चले गए। दो दिन में ही नगर परिषद की गोशाला को ताला लग गया है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब तैयारियां पूरी नहीं थीं तो आनन-फानन में इसका शुभारंभ क्यों किया गया।
सोमवार शाम एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने सोमवार शाम गांव भैणी माजरा में नंदीशाला का शुभारंभ किया था। उस समय यहां 4 सांड़ लाए गए थे। जो तीन दिन बाद भी संख्या में 4 ही हैं।
रात के समय सड़कों पर निकल आते हैं सांड़
सरकार द्वारा सड़कों पर बेसहारा पशुओं के कारण हो रहे हादसों पर रोक लगाने के लिए इस नंदीशाला को स्थापित किया गया है। इसके शुरू होने के बावजूद भी यहां पशु न छोड़े जाने के कारण शहर में रात के समय भारी संख्या में बेसहारा पशुओं के वाहनों के साथ टक्कर होने के कारण भयानक हादसे भी होते हैं। जिस समस्या का कोई समाधान नहीं होता दिख रहा।
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दो दिनों बाद ही लटका ताला
गांव भैणी माजरा में स्थापित किए नंदीशाला के उद्घाटन को केवल दो दिन ही हुए हैं। दो दिनों बाद भी यहां पर बनाए गए पशुओं के चारे के लिए बनाए गए हॉल पर ताला लटका है। बताया जा रहा है कि जो व्यक्ति यहां देखभाल के लिए रखे गए थे, वे एक दिन बाद ही काम छोड़कर चले गए।
कुल 746 सांड़ और पशुओं को नंदीशाला में लाने का लक्ष्य
जिला प्रशासन के आदेशों के तहत नंदीशाला में 15 अगस्त से पहले कुल 746 सांड़ व गायों को लाने का लक्ष्य है। लेकिन उद्घाटन के दो दिनों बाद भी एक भी सांड़ की संख्या नहीं बढ़ी है।
15 अगस्त तक शहर को लावारिस गोवंश से मुक्ति का दावा
उद्घाटन होने के बाद जिला प्रशासन ने 15 अगस्त से पहले शहर को लावारिस गोवंश से मुक्ति का दावा किया है। लेकिन जिस स्पीड से गोवंशों को यहां पर छोड़ने का कार्य किया जाना है। उस स्पीड से यहां पर गोवंशों की संख्या बढ़ती हुई दिखाई नहीं दे रही है। ऐसे में शहर में गोवंशो से होने वाली दुर्घटना पर रोक लगाने के लिए और कोई विकल्प तलाशने की जरूरत दिखाई दे रही है।
समय पर होगा गोवंश को नंदीशाला में छोड़ने का कार्य
कपस्थिल नंदीशाला में बेसहारा गोवंशो को छोड़ने के लिए 15 अगस्त तक का समय है। जिस पर कार्य शुरू कर दिया हैै। कमेटी की ओर से ठेके पर यह कार्य दिया गया है। जिस पर तेजी से कार्य चल रहा है। दिन के समय बेसहारा गोवंश बहुत कम पाया जाता है। इसलिए ठेकेदार रात के समय इस कार्य को करता है। गोवंश को चारा डालने के लिए दो कर्मचारियों को रखा गया था। वे छोड़कर चले गए हैं। जल्द ही इसका भी प्रबंध किया जाएगा। समयानुसार बेसहारा गोवंशो को यहां छोड़ने का कार्य करवाया जाएगा।
कैप्टन शक्ति सिह, एडीसी, कैथल।
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कमल कुमार
कैथल। सरकार द्वारा निर्धारित किए गए सड़कों से लावारिस पशुओं को हटाने के लक्ष्य के बीच कैथल में आनन-फानन में तीन दिन पूर्व नंदीशाला का शुभारंभ कर दिया गया, लेकिन इसमें अभी तक नंदी नहीं पहुंचे हैं। महज 4 नंदी यहां पर हैं। घास डालने के लिए जो कर्मचारी रखे गए थे, वे एक दिन में ही छोड़कर चले गए। दो दिन में ही नगर परिषद की गोशाला को ताला लग गया है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब तैयारियां पूरी नहीं थीं तो आनन-फानन में इसका शुभारंभ क्यों किया गया।
सोमवार शाम एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने सोमवार शाम गांव भैणी माजरा में नंदीशाला का शुभारंभ किया था। उस समय यहां 4 सांड़ लाए गए थे। जो तीन दिन बाद भी संख्या में 4 ही हैं।
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रात के समय सड़कों पर निकल आते हैं सांड़
सरकार द्वारा सड़कों पर बेसहारा पशुओं के कारण हो रहे हादसों पर रोक लगाने के लिए इस नंदीशाला को स्थापित किया गया है। इसके शुरू होने के बावजूद भी यहां पशु न छोड़े जाने के कारण शहर में रात के समय भारी संख्या में बेसहारा पशुओं के वाहनों के साथ टक्कर होने के कारण भयानक हादसे भी होते हैं। जिस समस्या का कोई समाधान नहीं होता दिख रहा।
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दो दिनों बाद ही लटका ताला
गांव भैणी माजरा में स्थापित किए नंदीशाला के उद्घाटन को केवल दो दिन ही हुए हैं। दो दिनों बाद भी यहां पर बनाए गए पशुओं के चारे के लिए बनाए गए हॉल पर ताला लटका है। बताया जा रहा है कि जो व्यक्ति यहां देखभाल के लिए रखे गए थे, वे एक दिन बाद ही काम छोड़कर चले गए।
कुल 746 सांड़ और पशुओं को नंदीशाला में लाने का लक्ष्य
जिला प्रशासन के आदेशों के तहत नंदीशाला में 15 अगस्त से पहले कुल 746 सांड़ व गायों को लाने का लक्ष्य है। लेकिन उद्घाटन के दो दिनों बाद भी एक भी सांड़ की संख्या नहीं बढ़ी है।
15 अगस्त तक शहर को लावारिस गोवंश से मुक्ति का दावा
उद्घाटन होने के बाद जिला प्रशासन ने 15 अगस्त से पहले शहर को लावारिस गोवंश से मुक्ति का दावा किया है। लेकिन जिस स्पीड से गोवंशों को यहां पर छोड़ने का कार्य किया जाना है। उस स्पीड से यहां पर गोवंशों की संख्या बढ़ती हुई दिखाई नहीं दे रही है। ऐसे में शहर में गोवंशो से होने वाली दुर्घटना पर रोक लगाने के लिए और कोई विकल्प तलाशने की जरूरत दिखाई दे रही है।
समय पर होगा गोवंश को नंदीशाला में छोड़ने का कार्य
कपस्थिल नंदीशाला में बेसहारा गोवंशो को छोड़ने के लिए 15 अगस्त तक का समय है। जिस पर कार्य शुरू कर दिया हैै। कमेटी की ओर से ठेके पर यह कार्य दिया गया है। जिस पर तेजी से कार्य चल रहा है। दिन के समय बेसहारा गोवंश बहुत कम पाया जाता है। इसलिए ठेकेदार रात के समय इस कार्य को करता है। गोवंश को चारा डालने के लिए दो कर्मचारियों को रखा गया था। वे छोड़कर चले गए हैं। जल्द ही इसका भी प्रबंध किया जाएगा। समयानुसार बेसहारा गोवंशो को यहां छोड़ने का कार्य करवाया जाएगा।
कैप्टन शक्ति सिह, एडीसी, कैथल।