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गांव बाता बस स्टैंड विवाद का हुआ पटाक्षेप
Updated Thu, 13 Jul 2017 12:04 AM IST
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गांव बात्ता बस स्टैंड विवाद का हुआ पटाक्षेप
अमर उजाला ब्यूरो
कलायत। गांव बात्ता में बस स्टैंड को लेकर ग्रामीणों और ग्राम सरपंच व गांव की एक पट्टी में चल रहे विवाद का अधिकारियों की सूझबूझ से पटाक्षेप हो गया। गांव में राष्ट्रीय राजमार्ग पर ओवर ब्रिज बनने के बाद बस स्टैंड के स्थान को लेकर पिछले काफी समय से तनातनी बनी हुई थी। गांव के अधिकांश लोग सजूमा रोड पर पूर्व की पंचायतों द्वारा पास किए गए स्थान पर ही बस स्टैंड बनवाने के लिए एकजुट थे। जिसके लिए गांव के लोगों ने अपने ही स्तर पर निर्धारित स्थान पर लाखों रुपये खर्च करके मिट्टी का भराव तथा बुनियादी आवश्यकताओं को भी जुटा दिया था। ग्राम सरपंच व गांव की एक पट्टी बस स्टैंड को राष्ट्रीय राजमार्ग पर ही गांव कैलरम की और बनवाने की पक्षधर बन गई।
गांव के लोगों ने डीसी के सामने भी सजूमा रोड पर निर्धारित स्थान पर बस स्टैंड बनवाने के लिए गुहार लगाई थी। इस विषय पर ग्राम पंचायत में लंबी बहस चली तथा निर्णय इस बात पर हुआ कि जिधर दो तिहाई ग्राम पंचायत के सदस्य होंगे वहीं बस स्टैंड का निर्माण करवाया जाएगा। सजूमा रोड़ पर बस स्टैंड के निर्माण के लिए 14 पंचायत सदस्यों ने अपनी स्वीकृति की मोहर लगाई तथा विरोध में मात्र 6 पंचायत सदस्य रह गए। इसके बाद प्रशासन ने स्थिति की समीक्षा करते हुए सजूमा रोड पर निर्धारित स्थल पर बस स्टैंड को बनवाए जाने का निर्णय लिया तथा ग्राम पंचायत को आदेश दिए की तत्काल ही इस विषय में प्रस्ताव पास करके जीएम रोडवेज को भिजवाया जाए। आखिर ग्राम पंचायत ने इस विषय में प्रस्ताव पास करके महाप्रबंधक रोडवेज को भिजवा दिया। श्याम लाल शर्मा, नीटू राणा, रूप सिंह, प्रेम, प्रदीप, ईश्वर, राजवंत, कुलविंद्र, राजपति, पूजा, राजेश ने कहा कि ओवरब्रिज के नीचे से गांव में आने का एकमात्र रास्ता सजूमा रोड पर छोड़ा गया है। यहीं बस स्टैंड बनने के बाद गांव बात्ता ही नहीं आसपास के दर्जन भर गांवों के यात्रियों को भी फायदा होगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
कलायत। गांव बात्ता में बस स्टैंड को लेकर ग्रामीणों और ग्राम सरपंच व गांव की एक पट्टी में चल रहे विवाद का अधिकारियों की सूझबूझ से पटाक्षेप हो गया। गांव में राष्ट्रीय राजमार्ग पर ओवर ब्रिज बनने के बाद बस स्टैंड के स्थान को लेकर पिछले काफी समय से तनातनी बनी हुई थी। गांव के अधिकांश लोग सजूमा रोड पर पूर्व की पंचायतों द्वारा पास किए गए स्थान पर ही बस स्टैंड बनवाने के लिए एकजुट थे। जिसके लिए गांव के लोगों ने अपने ही स्तर पर निर्धारित स्थान पर लाखों रुपये खर्च करके मिट्टी का भराव तथा बुनियादी आवश्यकताओं को भी जुटा दिया था। ग्राम सरपंच व गांव की एक पट्टी बस स्टैंड को राष्ट्रीय राजमार्ग पर ही गांव कैलरम की और बनवाने की पक्षधर बन गई।
गांव के लोगों ने डीसी के सामने भी सजूमा रोड पर निर्धारित स्थान पर बस स्टैंड बनवाने के लिए गुहार लगाई थी। इस विषय पर ग्राम पंचायत में लंबी बहस चली तथा निर्णय इस बात पर हुआ कि जिधर दो तिहाई ग्राम पंचायत के सदस्य होंगे वहीं बस स्टैंड का निर्माण करवाया जाएगा। सजूमा रोड़ पर बस स्टैंड के निर्माण के लिए 14 पंचायत सदस्यों ने अपनी स्वीकृति की मोहर लगाई तथा विरोध में मात्र 6 पंचायत सदस्य रह गए। इसके बाद प्रशासन ने स्थिति की समीक्षा करते हुए सजूमा रोड पर निर्धारित स्थल पर बस स्टैंड को बनवाए जाने का निर्णय लिया तथा ग्राम पंचायत को आदेश दिए की तत्काल ही इस विषय में प्रस्ताव पास करके जीएम रोडवेज को भिजवाया जाए। आखिर ग्राम पंचायत ने इस विषय में प्रस्ताव पास करके महाप्रबंधक रोडवेज को भिजवा दिया। श्याम लाल शर्मा, नीटू राणा, रूप सिंह, प्रेम, प्रदीप, ईश्वर, राजवंत, कुलविंद्र, राजपति, पूजा, राजेश ने कहा कि ओवरब्रिज के नीचे से गांव में आने का एकमात्र रास्ता सजूमा रोड पर छोड़ा गया है। यहीं बस स्टैंड बनने के बाद गांव बात्ता ही नहीं आसपास के दर्जन भर गांवों के यात्रियों को भी फायदा होगा।
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