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कचरा उठाए घूम रहे हैं नगर परिषद के अधिकारी
Updated Tue, 01 May 2018 11:44 PM IST
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कचरा उठाए घूम रहे हैं नगर परिषद के अधिकारी, नहीं मिल रही जगह
शहर में मंगलवार को भी तीन जगह बदलीं, किसानों का धरना जारी
डीसी ने लगाई थी एडीसी की ड्यूटी, मंगलवार को नहीं पहुंचा किसानों से बातचीत करने कोई अधिकारी
फोटो नंबर-46 व 47
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। खुराना रोड पर स्थित डंपिंग यार्ड के विरोध में किसानों के धरने के बाद स्थिति विकट हो चली है। एक ओर किसान धरने पर डटे हैं तो दूसरी ओर नगर परिषद को कचरा डालने की जगह नहीं मिल पा रही। प्रशासन को दुविधा बनी हुई है कि समस्या का समाधान किया जाए तो कैसे करें।
किसानों की मांग है कि डंपिंग स्टेशन से चिंगारी उठकर गेहूं की लगभग 70 एकड़ फसल जल गई थी लेकिन सरकार ने गिरदावरी में केवल 19 एकड़ फसल दिखाई है जो कि गलत है। किसानों ने सरकार से मांग की है कि उनकी फसल की सही गिरदावरी कर मुआवजा सुनिश्चित किया जाए। डंपिंग स्टेशन के ठेकेदार को जल्द गिरफ्तार किया जाए। कैथल के तहसीलदार की बदली की जाए क्योंकि वह किसान विरोधी है। यदि प्रशासन ये सभी मांगें मानने को तैयार है तो समझौता किया जा सकता है।
शहर में लगने लगे है कचरे के ढेर:-
शहर से हर रोज 80 टन कचरा उठाया जाता है जिसे पहले खुराना रो? पर स्थित डंपिंग स्टेशन पर डाला जाता था लेकिन किसानों के विरोध के बाद अब यह शहर की खाली जगहों पर डाला जा रहा है जिससे उन जगहों पर कचरे के ढेर लगने लगे है यदि जल्द ही इसका समाधान नही हुआ तो कुछ समय बाद शहर में पूरी तरह से गंदगी फैल जाएगी।
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भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष सुखपाल कुलतारण ने बताया कि बुधवार को डंपिंग स्टेशन के पास महापंचायत बुलाई गई है। इस महापंचायत में पूरे हरियाणा से मुख्य प्रतिनिधि भाग लेंगे और आगे की रणनीति तय की जाएगी। उपायुक्त द्वारा केस दर्ज करवाने की बात पर किसानों ने कहा कि हम इन धमकियों से नहीं डरने वाले जब तक हमारी मांगों को नहीं माना जाएगा धरना जारी रहेगा। यदि सरकार मांगेें नहीं मानती तो धरना और भी बड़ा किया जाएगा।
उधर, नगर परिषद अधिकारियों का कहना है कि शहर में इतनी जगह कहीं नहीं है कि कचरे को डाल दिया जाए। ऐसे में उन्हें हर उस जगह विरोध का सामना करना पड़ रहा है। जहां वे कचरा डालने के लिए जाते हैं। वे अब शहर के कचरे को लेकर जाएं तो कहां जाएं।
शहर में मंगलवार को भी तीन जगह बदलीं, किसानों का धरना जारी
डीसी ने लगाई थी एडीसी की ड्यूटी, मंगलवार को नहीं पहुंचा किसानों से बातचीत करने कोई अधिकारी
फोटो नंबर-46 व 47
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। खुराना रोड पर स्थित डंपिंग यार्ड के विरोध में किसानों के धरने के बाद स्थिति विकट हो चली है। एक ओर किसान धरने पर डटे हैं तो दूसरी ओर नगर परिषद को कचरा डालने की जगह नहीं मिल पा रही। प्रशासन को दुविधा बनी हुई है कि समस्या का समाधान किया जाए तो कैसे करें।
किसानों की मांग है कि डंपिंग स्टेशन से चिंगारी उठकर गेहूं की लगभग 70 एकड़ फसल जल गई थी लेकिन सरकार ने गिरदावरी में केवल 19 एकड़ फसल दिखाई है जो कि गलत है। किसानों ने सरकार से मांग की है कि उनकी फसल की सही गिरदावरी कर मुआवजा सुनिश्चित किया जाए। डंपिंग स्टेशन के ठेकेदार को जल्द गिरफ्तार किया जाए। कैथल के तहसीलदार की बदली की जाए क्योंकि वह किसान विरोधी है। यदि प्रशासन ये सभी मांगें मानने को तैयार है तो समझौता किया जा सकता है।
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शहर में लगने लगे है कचरे के ढेर:-
शहर से हर रोज 80 टन कचरा उठाया जाता है जिसे पहले खुराना रो? पर स्थित डंपिंग स्टेशन पर डाला जाता था लेकिन किसानों के विरोध के बाद अब यह शहर की खाली जगहों पर डाला जा रहा है जिससे उन जगहों पर कचरे के ढेर लगने लगे है यदि जल्द ही इसका समाधान नही हुआ तो कुछ समय बाद शहर में पूरी तरह से गंदगी फैल जाएगी।
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भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष सुखपाल कुलतारण ने बताया कि बुधवार को डंपिंग स्टेशन के पास महापंचायत बुलाई गई है। इस महापंचायत में पूरे हरियाणा से मुख्य प्रतिनिधि भाग लेंगे और आगे की रणनीति तय की जाएगी। उपायुक्त द्वारा केस दर्ज करवाने की बात पर किसानों ने कहा कि हम इन धमकियों से नहीं डरने वाले जब तक हमारी मांगों को नहीं माना जाएगा धरना जारी रहेगा। यदि सरकार मांगेें नहीं मानती तो धरना और भी बड़ा किया जाएगा।
उधर, नगर परिषद अधिकारियों का कहना है कि शहर में इतनी जगह कहीं नहीं है कि कचरे को डाल दिया जाए। ऐसे में उन्हें हर उस जगह विरोध का सामना करना पड़ रहा है। जहां वे कचरा डालने के लिए जाते हैं। वे अब शहर के कचरे को लेकर जाएं तो कहां जाएं।