फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   5:38 pm to 7:35 pm Lakshmi Puja time

शाम 5:38 से 7:35 लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त

Sun, 12 Nov 2023 12:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Sun, 12 Nov 2023 12:58 AM IST
विज्ञापन
5:38 pm to 7:35 pm Lakshmi Puja time
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

कैथल। दिवाली का पावन पर्व रविवार को मनाया जाएगा। इस दिन प्रदोष काल में लक्ष्मी-गणेश के पूजन बड़ा महत्व रहेगा। इस बार शाम 5:38 से लेकर 7:35 तक मां लक्ष्मी और प्रथम पूज्य श्री गणेश जी के पूजन का शुभ मुहूर्त रहेगा।

कार्तिक माह की अमावस्या तिथि की शुरुआत 12 नवंबर को दोपहर दो बजकर 43 मिनट पर होगी। जबकि 13 नवंबर को दोपहर दो बजकर 56 मिनट पर समाप्त होगी। यह जानकारी हनुमान वाटिका के पुजारी विशाल शर्मा ने दी है।
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि मां लक्ष्मी-गणेश के पूजन से घर में सुख-समृद्धि आती है। सनातन धर्म में दिवाली पर्व को सुख का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि दिवाली के दिन घर की साफ-सफाई और सजावट करने के साथ लक्ष्मी-गणेश के पूजन से धन-दौलत में बरकत होती हैं और घर में मां लक्ष्मी का वास होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


दिवाली की पूजा में यह प्रयोग करें सामग्री ः उन्होंने बताया कि दिवाली की पूजा में धूप, दीप, रोली, कुमकुम, अक्षत, हल्दी, सिंदूर, केसर, कपूर, कवाला, दुर्वा, फल, फूल, गन्ना जनेऊ, पान का पत्ता, गुलाब और चंदन का इत्र, कमल गट्टे की माला, शंख, चांदी का सिक्का, आम का पत्ता, गंगाजल, चौकी, हवन सामग्री, फूलों की माला, नारियल, लौंग, इलायची, वस्त्र, रुई, शहद, दही, गुड़, धनिया के बीज, पंचामृत, खील बताशे, पंच मेवा, मिठाई, सरसों का तेल या घी, मिट्टी का दिया और केले का पत्ता प्रयोग करें। मां लक्ष्मी को खीर बहुत प्रिय है, इसलिए भोग लगाएं।
स्नेह सहजता और सरलता के जलाएं दीप
कैथल। पंडित रवि दत्त शास्त्री ने कहा कि दीये जलाने का पर्व है। बताया कि आदमी हर रोज घर के भीतर दीपक जलाता है, लेकिन दीपावली पर वह एक नहीं, अनेक दीपों को घर के बाहर जलाता है। घी और तेल के दीयों के साथ स्नेह, सहजता, सरलता व सत्यता के दीये जलाए, जिससे बाहर के साथ हमारे भीतर भी उजियारा हो सके और तभी हमारा दीप उत्सव मनाना सार्थक हो पाएगा।


उन्होंने कहा कि हम दिवाली पर मिठाई ही नहीं अपितु प्रेम बांटे, पटाखे नहीं दुर्गुणों को जलाएं, घर को नहीं ह्रदय को भी सजाएं फिर हृदय रूपी अयोध्या में प्रभु राम का स्वयं आगमन हो जाएगा | दीपावली अंतर्मन का पर्व भी है। इस पर्व पर लक्ष्मी का पूजन करना है, लेकिन लक्ष्मी जी घर में आए वह पाप की कमाई ना हो वह धर्म के अनुसार कमाई गई हो तभी वह फलवती होती है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed