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हरपथ एप पर नहीं हो रहा समस्या का समाधान, अधिकारियों का कहना हमारी नहीं होती शिकायतें
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हरपथ एप पर नहीं हो रहा समस्या का समाधान
अधिकारी बोले- 50 प्रतिशत से अधिक शिकायतें पीडब्ल्यूडी की, आती नगर परिषद के पास
- प्रमुख सड़कों की शिकायतें भी हमारे पास आने के कारण नहीं हो पाता कोई समाधान
फोटो नंबर-09
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। सरकार की ओर से लोगों को टूटी हुई सड़कों की समस्या से निजात दिलाने के लिए शुरू हुई हरपथ एप पर आने वाली अधिकतर समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। जिससे प्रतिदिन आने वाली शिकायतें निपटारे से वंचित रह जाती है। वहीं हरपथ एप को डील करने वाले अधिकारियों का कहना है कि 50 प्रतिशत से अधिक शिकायतें पीडब्ल्यूडी की होती है। जिस कारण इन शिकायतों को हमारी ओर से निपटारा नहीं हो पाता है।
तीन माह में 102 शिकायतों में से केवल 54 का हुआ निपटारा : नप से मिली जानकारी के अनुसार नप में हरपथ के माध्यम से पिछले तीन महीने में कुल 102 शिकायतें आई है। जिसमें केवल 54 शिकायतें ही नप से संबधित थी। जिस कारण इन 54 शिकायतों का ही निपटारा हो पाया है। जबकि 48 शिकायतों का तीन महीने के बाद भी कोई समाधान नहीं हो पाया है।
नप अधिकारी बोले, लोग डालते है मुख्य सड़कों की शिकायतें, यह हमारा काम नहीं : एमई राजकुमार शर्मा ने कहा कि हर पथ एप पर आने वाली मुख्य सड़कों की टूटने की अधिकतर शिकायतों को भी नप के पास भेज देते है। जिस कारण हम इन शिकायतों को निपटारा करने में असमर्थ होते हैं। इस पर हम पीडब्ल्यूडी को दे देते हैं।
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अधिकारी बोले- 50 प्रतिशत से अधिक शिकायतें पीडब्ल्यूडी की, आती नगर परिषद के पास
- प्रमुख सड़कों की शिकायतें भी हमारे पास आने के कारण नहीं हो पाता कोई समाधान
फोटो नंबर-09
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। सरकार की ओर से लोगों को टूटी हुई सड़कों की समस्या से निजात दिलाने के लिए शुरू हुई हरपथ एप पर आने वाली अधिकतर समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। जिससे प्रतिदिन आने वाली शिकायतें निपटारे से वंचित रह जाती है। वहीं हरपथ एप को डील करने वाले अधिकारियों का कहना है कि 50 प्रतिशत से अधिक शिकायतें पीडब्ल्यूडी की होती है। जिस कारण इन शिकायतों को हमारी ओर से निपटारा नहीं हो पाता है।
तीन माह में 102 शिकायतों में से केवल 54 का हुआ निपटारा : नप से मिली जानकारी के अनुसार नप में हरपथ के माध्यम से पिछले तीन महीने में कुल 102 शिकायतें आई है। जिसमें केवल 54 शिकायतें ही नप से संबधित थी। जिस कारण इन 54 शिकायतों का ही निपटारा हो पाया है। जबकि 48 शिकायतों का तीन महीने के बाद भी कोई समाधान नहीं हो पाया है।
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नप अधिकारी बोले, लोग डालते है मुख्य सड़कों की शिकायतें, यह हमारा काम नहीं : एमई राजकुमार शर्मा ने कहा कि हर पथ एप पर आने वाली मुख्य सड़कों की टूटने की अधिकतर शिकायतों को भी नप के पास भेज देते है। जिस कारण हम इन शिकायतों को निपटारा करने में असमर्थ होते हैं। इस पर हम पीडब्ल्यूडी को दे देते हैं।
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