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मंत्री जी, तीन माह से काम नहीं हुआ, मंत्री जी ढेड़ सा से काम नहीं हुआ, मंत्री जी चार बार आपको शिकायत दे चुका हूं....जैसी गुहार ल
Updated Sat, 15 Dec 2018 01:19 AM IST
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मंत्री जी, तीन माह से काम नहीं हुआ, डेढ़ साल से काम नहीं हुआ, चार बार आपको शिकायत दे चुका हूं... जैसी गुहार लगाते रहे फरियादी
- हरियाणा के तेज तर्रार मंत्री विज को शिकायत लेते समय 4 बार डीसी को कहना पड़ा, डीसी साहब- मेरा हरियाणा में एक मार्का है...यदि मुझे दी गई शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होगी तो यह बात ठीक नही
नसीब सैनी
कैथल। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक के बाद खुली शिकायतें लेते हैं। शुक्रवार को भी ये शिकायतें ली गईं। लघु सचिवालय स्थित सभागार में लाइन में लग कर लोग स्वास्थ्य मंत्री को शिकायतें देते रहें और अपनी फरियाद लगाते रहे।
शिकायतकर्ताओं में कई लोगों ने कहा कि मंत्री जी तीन माह से काम नहीं हुआ। मंत्री जी छह माह से घूम रहा हूं, कोई सुनवाई नहीं। मंत्री जी डेढ़ साल हो गया, काम नहीं हो पा रहा? मंत्री जी 3 बैठकों में आपको शिकायत दे चुका हूं, मेरी सुनवाई नहीं हो रही। इस बात से मंत्री को निराशा हुई और करीब 70 से अधिक शिकायतों में मंत्री विज को डीसी को कहना पड़ा, डीसी साहब, इस बात का कोई फायदा नहीं। जो शिकायत मेरे नाम से आए, उस पर विभागीय एकनॉलेजमेंट लगाकर संबंधित अधिकारियों को भेजी जाए और उनसे जवाब लिया जाए। लोग उन्हें यह न कहें कि शिकायत देने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। बल्कि वह एकनॉलेजमेंट लेकर आएं कि आपको पिछली बैठक में यह शिकायत दी थी, इस पर काम हुआ या नहीं। विज ने शिकायतें लेते समय ऐसा चार बार कहा। शिकायतें लेते समय विज को इतना भी कहना पड़ा कि डीसी साहब, मेरा हरियाणा में एक मार्का है। यदि मुझे दी गई शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होगी तो यह बात ठीक नहीं। यह बात अलग है कि विज ने पिछली बैठक में भी अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि इस बैठक में मिलने वाली शिकायतों पर कार्रवाई की जाए और लोगों के कष्ट दूर किए जाएं।
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क्या मंत्री की भी नहीं सुनता प्रशासन : जब लोग मंत्री को यह कह रहे थे कि मंत्री जी कई बार आपको शिकायत दी जा चुकी है। बार-बार हम कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। डेढ़ साल से भटक रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी लोग क्यों भटक रहे हैं? क्यों नहीं अधिकारी उनकी बात सुनते और उनकी शिकायतों का निपटान करते। अधिकारी खुद नहीं करते, उल्टा विज जैसे हरियाणा में तेज तर्रार मंत्रियों में शुमार विज को दी गई शिकायतों पर भी क्या कार्रवाई नहीं होती? नहीं होती होगी, तभी तो लोग बार-बार शिकायत दे रहे हैं और यदि यह बात सही है तो सरकार के सिपाहसलाकारों को सोचने की जरुरत है।
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- हरियाणा के तेज तर्रार मंत्री विज को शिकायत लेते समय 4 बार डीसी को कहना पड़ा, डीसी साहब- मेरा हरियाणा में एक मार्का है...यदि मुझे दी गई शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होगी तो यह बात ठीक नही
नसीब सैनी
कैथल। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक के बाद खुली शिकायतें लेते हैं। शुक्रवार को भी ये शिकायतें ली गईं। लघु सचिवालय स्थित सभागार में लाइन में लग कर लोग स्वास्थ्य मंत्री को शिकायतें देते रहें और अपनी फरियाद लगाते रहे।
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शिकायतकर्ताओं में कई लोगों ने कहा कि मंत्री जी तीन माह से काम नहीं हुआ। मंत्री जी छह माह से घूम रहा हूं, कोई सुनवाई नहीं। मंत्री जी डेढ़ साल हो गया, काम नहीं हो पा रहा? मंत्री जी 3 बैठकों में आपको शिकायत दे चुका हूं, मेरी सुनवाई नहीं हो रही। इस बात से मंत्री को निराशा हुई और करीब 70 से अधिक शिकायतों में मंत्री विज को डीसी को कहना पड़ा, डीसी साहब, इस बात का कोई फायदा नहीं। जो शिकायत मेरे नाम से आए, उस पर विभागीय एकनॉलेजमेंट लगाकर संबंधित अधिकारियों को भेजी जाए और उनसे जवाब लिया जाए। लोग उन्हें यह न कहें कि शिकायत देने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। बल्कि वह एकनॉलेजमेंट लेकर आएं कि आपको पिछली बैठक में यह शिकायत दी थी, इस पर काम हुआ या नहीं। विज ने शिकायतें लेते समय ऐसा चार बार कहा। शिकायतें लेते समय विज को इतना भी कहना पड़ा कि डीसी साहब, मेरा हरियाणा में एक मार्का है। यदि मुझे दी गई शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होगी तो यह बात ठीक नहीं। यह बात अलग है कि विज ने पिछली बैठक में भी अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि इस बैठक में मिलने वाली शिकायतों पर कार्रवाई की जाए और लोगों के कष्ट दूर किए जाएं।
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क्या मंत्री की भी नहीं सुनता प्रशासन : जब लोग मंत्री को यह कह रहे थे कि मंत्री जी कई बार आपको शिकायत दी जा चुकी है। बार-बार हम कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। डेढ़ साल से भटक रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी लोग क्यों भटक रहे हैं? क्यों नहीं अधिकारी उनकी बात सुनते और उनकी शिकायतों का निपटान करते। अधिकारी खुद नहीं करते, उल्टा विज जैसे हरियाणा में तेज तर्रार मंत्रियों में शुमार विज को दी गई शिकायतों पर भी क्या कार्रवाई नहीं होती? नहीं होती होगी, तभी तो लोग बार-बार शिकायत दे रहे हैं और यदि यह बात सही है तो सरकार के सिपाहसलाकारों को सोचने की जरुरत है।