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रोडवेज की हड़ताल के बीच धरना 17वें दिन भी जारी

Fri, 02 Nov 2018 12:20 AM IST
Updated Fri, 02 Nov 2018 12:20 AM IST
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रोडवेज की हड़ताल के बीच धरना 17वें दिन भी जारी
रोडवेज की हड़ताल के बीच धरना 17वें दिन भी जारी
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फोटो नंबर 1
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। हरियाणा रोडवेज तालमेल कमेटी द्वारा 17वें दिन धरना हनुमान वाटिका में जारी रहा। जिसकी अध्यक्षता जिला सचिव बलवान कुंडू ने की। मंच संचालन सुशील शर्मा व राजू नेपेवाला ने किया।
उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा 720 प्राइवेट बसों को किलोमीटर स्कीम के तहत चलाने की जिद्द पर अड़ी हुई। जिसके आम जनता को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकार निजी बस मालिकों को फायदा पहुंचाने के लिए किलोमीटर स्कीम के तहत बसों को चलाना चाहती है। सरकार का यह कार्य कर्मचारी विरोधी है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला की तरफ से भाई सुदीप सुरजेवाला ने वीरवार को अपना समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष की घड़ी में कांग्रेस पार्टी तन-मन-धन से कर्मचारियों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि सरकार को अपनी हठधर्मिता को छोड़ कर तालमेल कमेटी से साथ बातचीत करनी चाहिए और सरकार को जनहित में फैसले लेने चाहिए। रोडवेज के कर्मचारियों ने काले बिल्ले लगाकर सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों को विरोध किया। कांग्रेस नेता रोशन लाल पाड़ला ने खेत मजदूर कांग्रेस की तरफ से समर्थन दिया। धरने में किसान सभा भारतीय किसान यूनियन एसएफआई, डीवाईएफआई पीबीबीएस विजेंद्र धारीवाल ने भी समर्थन दिया। महासंघ के राज्य मुख्य संगठन सचिव कुलभूषण शर्मा, डिपू प्रधान महावीर सिंह, रामफल शिमला, राजू नेपेवाला, कृष्ण किच्छाना, विमल ग्योंग, राजेंद्र शर्मा, हरिकेश, सुखा, सतनाम सिंह, बलकार देवबन, सुशील दास, मनदीप सिंह, सुरेश, रामफल, शमशेर मौजूद रहे।
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सरकार झूठी शान के लिए नहीं कर रही कर्मचारियों से बातचीत
कैथल। सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान जसबी सिंह, जिला सचिव प्रेस सचिव जरनैल सिंह, प्रेस सचिव मास्टर सतबीर गोयत ने बताया कि सरकार जिला प्रशासन कर्मचारियों के धरने प्रदर्शनों से खौफ खाए है। लेकिन अपनी झूठी शान को बरकरार रखने के लिए बातचीत द्वारा समस्या का समाधान करने की वजह प्रदेश की जनता को तंग हाल हालत में सड़कों पर छोड़ दिया गया है। सरकार शासन चलाने में नाकाम है और सरकार के इशारे पर प्रशासन द्वारा की जा रही कार्यवाही करके किसी भी तरह से आंदोलन को दबाया नहीं जा सकता। यदि सरकार की तानाशाही इसी तरीके से बरकरार रहे तो आने वाले समय मेें आंदोलनों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि 4 नवंबर को जींद में होने वाले ऐतिहासिक रैली में सभी विभाग बढ़चढ़ कर भाग लेंगे।
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हड़ताल असंवैधानिक, मेरा या मेरे परिवार का एक भी परमिट मिला तो ले लूंगा राजनीति से संन्यास : उधर, वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि हरियाणा रोडवेज के कर्मचारियों द्वारा की जा रही हड़ताल असंवैधानिक है। सरकार वेतन, भत्ते सहित कर्मचारियों की अन्य मांगों को पूरा कर चुकी है। लेकिन कार्यपालिका, न्यायपालिका सहित लोकतंत्र के सभी स्तंभों के अपने-अपने काम हैं। निजी परमिट का नीतिगत फैसला सरकार द्वारा लिया गया है। जिसमें जनहित में फैसला हुआ है। कर्मचारियों की हड़ताल असंवैधानिक है। यदि निजी परमिटों में उनका या उनके परिवार के किसी सदस्य का परमिट मिल जाए तो वे राजनीति से संन्यास ले लेंगे।
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