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अमर उजाला की खबर का असर
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स्वास्थ्य विभाग ने गांव किच्छाना में लगाया स्वाइन फ्लू को लेकर जांच शिविर
शनिवार तक चलेगा शिविर
गांव में पांच दिन में दूसरी मौत, एक ओर बच्ची की तेज बुखार से मौत
पीजीआई में मृतका की नहीं आई सोमवार को भी रिपोर्ट, परिजनों ने कहा- विभागीय अधिकारी नहीं दे रहे रिपोर्ट
फोटो संख्या-21 व 22
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। गांव किच्छाना में स्वाइन फ्लू को लेकर अमर उजाला की खबर का बड़ा असर हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सोमवार को गांव में पहुंच कर गांव के लोगों के रक्त की जांच शुरू कर दी है। साथ ही गांव में जागरूकता अभियान चलाकर स्वाइन फ्लू के कारण व बचाव के उपाय भी बताए गए। यह शिविर गांव में शनिवार तक जारी रहेगा। जिसमें प्रत्येक गांव वासी की जांच किए जाने की बात कही जा रही है। वहीं गांव में तेज बुखार से ही एक और बच्ची की मौत होने से बेचैनी बढ़ गई है।
विदित रहे कि गांव किच्छाना में पंद्रह दिन पूर्व एक किसान सियाराम की स्वाइन फ्लू से मौत हो गई थी। पीजीआई चंडीगढ़ ने उसे स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि की थी। इसके बाद पिछले सप्ताह वीरवार को एक 10 साल की लड़की नेहा की भी पीजीआई रोहतक में मौत हो गई। उसे डॉक्टरों ने स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण बताए थे। लेकिन अभी तक उसके स्वाइन फ्लू की पुष्टि करने वाली रिपोर्ट हासिल नहीं हुई है। विभाग की टीम ने शनिवार रात को गांव में नेहा के परिजनों को टेमीफ्लू की दवा खिलाई थी। रविवार के अंक में इस संबंध में अमर उजाला द्वारा समाचार प्रकाशित किया गया था।
इसके बाद सोमवार को गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पहुंच कर कैंप शुरू कर दिया है। जिला नोडल अधिकारी डॉ. नीरज मंगला ने बताया कि गांव में शनिवार तक कैंप का आयोजन किया जाएगा। जिसमें लोगों के रक्त के नमूने लेकर जांच की जाएगी। साथ ही गांव में स्वाइन फ्लू को लेकर किसी तरह की अफवाहों से बचने, इस बीमारी के कारणों व बचने के उपायों के बारे में बताया जा रहा है। यह शिविर शनिवार तक जारी रहेगा।
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तेज बुखार से एक ओर लडक़ी की मौत : गांव वासी सुशील कुमार ने बताया कि उसकी पुत्री कशिश (7) को रविवार व शनिवार की रात 3 बजे बुखार हुआ था। इसके बाद उसे कैथल ले गए। जहां से कुरुक्षेत्र ले गए। वहां उसे दौरे आने शुरू हो गए थे। वहां अस्पताल में सभी टेस्ट किए गए। इसी दौरान बच्ची का दिमाग डैमेज हो गया। डॉक्टरों को समझ ही नहीं आया कि उसकी मौत किस कारण हुई है। डॉक्टरों ने रीड की हड्डी से सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा है। इसके बाद कारणों का पता चल सकेगा। उसके पास तीन बेटियां थीं।
पहली मौत के बाद ही लगाना चाहिए था कैंप : सरपंच प्रवीण किच्छाना ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा गांव में पहली ही मौत के बाद कैंप का आयोजन होना चाहिए था। अब एक और लड़की की मौत के बाद दूसरी लड़की की भी मौत हो गई है। जिस कारण गांव में लोगों में परेशानी बढ़ गई है। विभाग द्वारा पूरे गांव में अभियान चलाकर बीमारी के कारणों को खोजकर उसका इलाज करना चाहिए।
खुशी राम अभी भी हिसार में दाखिल : गांव वासी जोगेंद्र ने बताया कि हिसार में खुशी राम अभी तक उपचाराधीन है। उसकी हालत में चिकित्सक सुधार बता रहे हैं।
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शनिवार तक चलेगा शिविर
गांव में पांच दिन में दूसरी मौत, एक ओर बच्ची की तेज बुखार से मौत
पीजीआई में मृतका की नहीं आई सोमवार को भी रिपोर्ट, परिजनों ने कहा- विभागीय अधिकारी नहीं दे रहे रिपोर्ट
फोटो संख्या-21 व 22
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। गांव किच्छाना में स्वाइन फ्लू को लेकर अमर उजाला की खबर का बड़ा असर हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सोमवार को गांव में पहुंच कर गांव के लोगों के रक्त की जांच शुरू कर दी है। साथ ही गांव में जागरूकता अभियान चलाकर स्वाइन फ्लू के कारण व बचाव के उपाय भी बताए गए। यह शिविर गांव में शनिवार तक जारी रहेगा। जिसमें प्रत्येक गांव वासी की जांच किए जाने की बात कही जा रही है। वहीं गांव में तेज बुखार से ही एक और बच्ची की मौत होने से बेचैनी बढ़ गई है।
विदित रहे कि गांव किच्छाना में पंद्रह दिन पूर्व एक किसान सियाराम की स्वाइन फ्लू से मौत हो गई थी। पीजीआई चंडीगढ़ ने उसे स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि की थी। इसके बाद पिछले सप्ताह वीरवार को एक 10 साल की लड़की नेहा की भी पीजीआई रोहतक में मौत हो गई। उसे डॉक्टरों ने स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण बताए थे। लेकिन अभी तक उसके स्वाइन फ्लू की पुष्टि करने वाली रिपोर्ट हासिल नहीं हुई है। विभाग की टीम ने शनिवार रात को गांव में नेहा के परिजनों को टेमीफ्लू की दवा खिलाई थी। रविवार के अंक में इस संबंध में अमर उजाला द्वारा समाचार प्रकाशित किया गया था।
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इसके बाद सोमवार को गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पहुंच कर कैंप शुरू कर दिया है। जिला नोडल अधिकारी डॉ. नीरज मंगला ने बताया कि गांव में शनिवार तक कैंप का आयोजन किया जाएगा। जिसमें लोगों के रक्त के नमूने लेकर जांच की जाएगी। साथ ही गांव में स्वाइन फ्लू को लेकर किसी तरह की अफवाहों से बचने, इस बीमारी के कारणों व बचने के उपायों के बारे में बताया जा रहा है। यह शिविर शनिवार तक जारी रहेगा।
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तेज बुखार से एक ओर लडक़ी की मौत : गांव वासी सुशील कुमार ने बताया कि उसकी पुत्री कशिश (7) को रविवार व शनिवार की रात 3 बजे बुखार हुआ था। इसके बाद उसे कैथल ले गए। जहां से कुरुक्षेत्र ले गए। वहां उसे दौरे आने शुरू हो गए थे। वहां अस्पताल में सभी टेस्ट किए गए। इसी दौरान बच्ची का दिमाग डैमेज हो गया। डॉक्टरों को समझ ही नहीं आया कि उसकी मौत किस कारण हुई है। डॉक्टरों ने रीड की हड्डी से सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा है। इसके बाद कारणों का पता चल सकेगा। उसके पास तीन बेटियां थीं।
पहली मौत के बाद ही लगाना चाहिए था कैंप : सरपंच प्रवीण किच्छाना ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा गांव में पहली ही मौत के बाद कैंप का आयोजन होना चाहिए था। अब एक और लड़की की मौत के बाद दूसरी लड़की की भी मौत हो गई है। जिस कारण गांव में लोगों में परेशानी बढ़ गई है। विभाग द्वारा पूरे गांव में अभियान चलाकर बीमारी के कारणों को खोजकर उसका इलाज करना चाहिए।
खुशी राम अभी भी हिसार में दाखिल : गांव वासी जोगेंद्र ने बताया कि हिसार में खुशी राम अभी तक उपचाराधीन है। उसकी हालत में चिकित्सक सुधार बता रहे हैं।