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हरियाणा में लंबे समय से जमीनों पर काबीज पट़्टेदारों के लिए अब होगा कमेटी का गठन
Updated Sat, 24 Jun 2017 11:59 PM IST
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लंबे समय से जमीनों पर काबीज पट्टेदारों के लिए अब होगा कमेटी का गठन
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। आजादी के बाद उबड़-खाबड़ जमीन को सुधारकर कृषि योग्य बनाने वाले पट्टेदार किसानों में अब एक बार फिर से आस जगी है कि शायद सरकार उनकी सुन लें। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने एलान किया है कि सरकार द्वारा जमीन के मालिकाना हक को लेकर एक कमेटी का गठन किया जा रहा है। जो पूरे मामले को देखेगी।
शुभम पैलेस में जनता दरबार में मालिकाना हक के लिए मुख्यमंत्री से मिलने के लिए पहुंचे पट्टेदार किसानों की शिकायत सुनते हुए मुख्यमंत्री ने यह जानकारी दी। लोगों ने कहा कि वे दशकों से पंचायती जमीन पर काश्त कर रहे हैं। जिसे उनके पूर्वजों से आजादी के बाद अपनी मेहनत से कृषि योग्य बनाया था। सरकार ने इस जमीन को 99 साल के पट्टे पर देने का एलान भी किया था। लेकिन इस पर आज तक उन्हें जमीन पर मालिकाना हक नहीं मिल पाया है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अब हरियाणा में 500 रुपये या 1000 रुपये में सालाना काश्त के लिए जमीन नहीं दी जाएगी। सरकार द्वारा एक न्यूनतम राशि निर्धारित की जा रही है। क्योंकि जमीन काफी कीमती है। इसे फ्री में नहीं दिया जा सकता। इसी बीच गुहला विधायक ने भी पट्टेदार किसानों की वकालत की। इस पर सीएम ने कहा कि हरियाणा सरकार एक कमेटी का गठन कर रही है। जो इस विषय पर काम करेगी।
कैथल के गुहला-चीका, सीवन ब्लॉक, कुरुक्षेत्र के पिहोवा ब्लॉक के अलावा फतेहाबाद, सिरसा सहित कई जिलों में पट्टेदार किसान हैं जिन्होंने जमीन को आबाद किया था। यदि सरकार पट्टेदार किसानों के मामले में कोई फैसला लेती है तो इससे इन हजारों किसानों को लाभ होगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। आजादी के बाद उबड़-खाबड़ जमीन को सुधारकर कृषि योग्य बनाने वाले पट्टेदार किसानों में अब एक बार फिर से आस जगी है कि शायद सरकार उनकी सुन लें। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने एलान किया है कि सरकार द्वारा जमीन के मालिकाना हक को लेकर एक कमेटी का गठन किया जा रहा है। जो पूरे मामले को देखेगी।
शुभम पैलेस में जनता दरबार में मालिकाना हक के लिए मुख्यमंत्री से मिलने के लिए पहुंचे पट्टेदार किसानों की शिकायत सुनते हुए मुख्यमंत्री ने यह जानकारी दी। लोगों ने कहा कि वे दशकों से पंचायती जमीन पर काश्त कर रहे हैं। जिसे उनके पूर्वजों से आजादी के बाद अपनी मेहनत से कृषि योग्य बनाया था। सरकार ने इस जमीन को 99 साल के पट्टे पर देने का एलान भी किया था। लेकिन इस पर आज तक उन्हें जमीन पर मालिकाना हक नहीं मिल पाया है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अब हरियाणा में 500 रुपये या 1000 रुपये में सालाना काश्त के लिए जमीन नहीं दी जाएगी। सरकार द्वारा एक न्यूनतम राशि निर्धारित की जा रही है। क्योंकि जमीन काफी कीमती है। इसे फ्री में नहीं दिया जा सकता। इसी बीच गुहला विधायक ने भी पट्टेदार किसानों की वकालत की। इस पर सीएम ने कहा कि हरियाणा सरकार एक कमेटी का गठन कर रही है। जो इस विषय पर काम करेगी।
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कैथल के गुहला-चीका, सीवन ब्लॉक, कुरुक्षेत्र के पिहोवा ब्लॉक के अलावा फतेहाबाद, सिरसा सहित कई जिलों में पट्टेदार किसान हैं जिन्होंने जमीन को आबाद किया था। यदि सरकार पट्टेदार किसानों के मामले में कोई फैसला लेती है तो इससे इन हजारों किसानों को लाभ होगा।
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