{"_id":"697d04106880ea02190ade6b","slug":"50000-compensation-per-acre-for-crop-failure-kaithal-news-c-18-1-knl1004-835671-2026-01-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: फसल खराब होने पर मिले प्रति एकड़ 50 हजार मुआवजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: फसल खराब होने पर मिले प्रति एकड़ 50 हजार मुआवजा
Sat, 31 Jan 2026 12:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 31 Jan 2026 12:48 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला चीका। बजट से किसान आस लगाए बैठे हैं। उनका कहना है कि उन्हें इस बार बजट में गन्ने के भाव बढ़ने, प्रदेश में कृषि उपकरणों व खेती से जुड़ी हर वस्तु पर कर कम होने व किसानों को अनुदान पर बेहतर बीज उपलब्ध होने की उम्मीद है। किसानों का कहना है कि फसल खराब होने पर 50 हजार रुपये मुआवजा दिया जाए ताकि फसल खराब होने पर पालन पोषण हो सके।
कृषि उपकरणों पर भी सरकार की ओर से कम से कम 60 प्रतिशत सबसिडी समय पर दी जाए तो किसानों के लिए कृषि करना ओर भी आसान हो जाएगा। वहीं किसान टयूबवेल कनेक्शन लेने के बिजली निगम के चक्कर लराता रहता है, इसका भी इस बार बजट में प्रावधान किया जाना चाहिए कि किसान को एक माह की तय सीमा में ही टयूबवेल कनेक्शन दिया जाए।
अनुदान पर दिया जाए बेहतर बीज
खेती से जुड़ी हर वस्तु से कर खत्म किया जाए ताकि किसान खेती से संबंधित हर उपकरण को आसानी से खरीद सके और किसान को सस्ती खेती उपलब्ध हो सके। किसानों को अनुदान पर बेहतर किस्म का बीज उपलब्ध करवाया जाए। - अवतार सिंह, चौ. महासिंह मार्केट चीका।
विज्ञापन
समय पर टयूबवेल कनेक्शन दिया जाए
किसान खेती करने के लिए बिजली कनेक्शन लेने के लिए वर्षों तक बिजली निगम कार्यालय के चक्कर काटता है लेकिन उसको कनेक्शन नहीं मिल पाता। किसान को आवेदन के एक माह में कनेक्शन उपलब्ध करवाया जाए। इसके लिए नीति बनाने की जरूरत है। - बलजीत सिंह, डेरा भाग सिंह।
कीटनाशक को जरूरी न बताएं
किसान की आमदनी बढ़ाने के लिए सस्ती दवाईयां, कीटनाशक की खरीद पर किसानों को राहत दी जानी चाहिए। प्रदेश में फसलों के दाम में वृद्धि की जाए। साथ ही यूरिया की खरीद करने पर किसानों को कीटनाशक जबरदस्ती न दिया जाए।
- जसपाल सिंह उर्फ पाली, टटियाना।
नाममात्र का मुआवजा ठीक नहीं
फसल के खराब होने पर किसान को 50 हजार रुपये मुआवजा देने का प्रावधान बजट में सरकार को करना चाहिए। किसान से ही देश और प्रदेश की सरकार चलती है। यदि सरकार ने किसान की अनदेखी की तो इसका प्रभाव भी सरकार पर ही पड़ेगा। - गुरजंट सिंह, टटियाना।
ऋण माफ करने का हो प्रावधान
कृषि उपकरणों के लिए बिना ब्याज के लोन उपलब्ध करवाया जाए। पुराने कर्ज माफ कर नए कर्ज देने चाहिए। सरकार उद्योगपतियों के कर्ज लगातार माफ कर रही है लेकिन किसान की तरफ कोई ध्यान नहीं है। किसानों के बकाया ऋण माफ हों। - जरनैल जैली जिला आईटी प्रभारी, भाकियू चढूनी।
विज्ञापन
गुहला चीका। बजट से किसान आस लगाए बैठे हैं। उनका कहना है कि उन्हें इस बार बजट में गन्ने के भाव बढ़ने, प्रदेश में कृषि उपकरणों व खेती से जुड़ी हर वस्तु पर कर कम होने व किसानों को अनुदान पर बेहतर बीज उपलब्ध होने की उम्मीद है। किसानों का कहना है कि फसल खराब होने पर 50 हजार रुपये मुआवजा दिया जाए ताकि फसल खराब होने पर पालन पोषण हो सके।
कृषि उपकरणों पर भी सरकार की ओर से कम से कम 60 प्रतिशत सबसिडी समय पर दी जाए तो किसानों के लिए कृषि करना ओर भी आसान हो जाएगा। वहीं किसान टयूबवेल कनेक्शन लेने के बिजली निगम के चक्कर लराता रहता है, इसका भी इस बार बजट में प्रावधान किया जाना चाहिए कि किसान को एक माह की तय सीमा में ही टयूबवेल कनेक्शन दिया जाए।
विज्ञापन
अनुदान पर दिया जाए बेहतर बीज
खेती से जुड़ी हर वस्तु से कर खत्म किया जाए ताकि किसान खेती से संबंधित हर उपकरण को आसानी से खरीद सके और किसान को सस्ती खेती उपलब्ध हो सके। किसानों को अनुदान पर बेहतर किस्म का बीज उपलब्ध करवाया जाए। - अवतार सिंह, चौ. महासिंह मार्केट चीका।
विज्ञापन
समय पर टयूबवेल कनेक्शन दिया जाए
किसान खेती करने के लिए बिजली कनेक्शन लेने के लिए वर्षों तक बिजली निगम कार्यालय के चक्कर काटता है लेकिन उसको कनेक्शन नहीं मिल पाता। किसान को आवेदन के एक माह में कनेक्शन उपलब्ध करवाया जाए। इसके लिए नीति बनाने की जरूरत है। - बलजीत सिंह, डेरा भाग सिंह।
कीटनाशक को जरूरी न बताएं
किसान की आमदनी बढ़ाने के लिए सस्ती दवाईयां, कीटनाशक की खरीद पर किसानों को राहत दी जानी चाहिए। प्रदेश में फसलों के दाम में वृद्धि की जाए। साथ ही यूरिया की खरीद करने पर किसानों को कीटनाशक जबरदस्ती न दिया जाए।
- जसपाल सिंह उर्फ पाली, टटियाना।
नाममात्र का मुआवजा ठीक नहीं
फसल के खराब होने पर किसान को 50 हजार रुपये मुआवजा देने का प्रावधान बजट में सरकार को करना चाहिए। किसान से ही देश और प्रदेश की सरकार चलती है। यदि सरकार ने किसान की अनदेखी की तो इसका प्रभाव भी सरकार पर ही पड़ेगा। - गुरजंट सिंह, टटियाना।
ऋण माफ करने का हो प्रावधान
कृषि उपकरणों के लिए बिना ब्याज के लोन उपलब्ध करवाया जाए। पुराने कर्ज माफ कर नए कर्ज देने चाहिए। सरकार उद्योगपतियों के कर्ज लगातार माफ कर रही है लेकिन किसान की तरफ कोई ध्यान नहीं है। किसानों के बकाया ऋण माफ हों। - जरनैल जैली जिला आईटी प्रभारी, भाकियू चढूनी।