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Kaithal News: कलाधारा की 50 नारी शक्तियां स्लम में शिक्षा के साथ कर रहीं सामाजिक कार्य
Fri, 06 Feb 2026 01:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 06 Feb 2026 01:10 AM IST
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कलाधारा थियेटर एंड आर्ट ग्रुप के सदस्य। संस्था
अंबाला। नारी सशक्तिकरण की मिसाल पेश करते हुए कलाधारा थियेटर एंड आर्ट ग्रुप की करीब 50 से अधिक महिलाएं और युवतियां समाज को नई दिशा दे रही हैं। संस्थापक अध्यक्ष अंकुर मिश्रा के नेतृत्व में ये ग्रुप पिछले चार वर्षों से कलाकारों के उत्थान के साथ समाज सेवा में योगदान दे रहा है। अंबाला सिटी से लेकर कैंट और शाहबाद के पिछड़े इलाकों तक कलाधारा की यह महिला सदस्य शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता की अलख जगा रही हैं।
ग्रुप के सदस्य करन और उत्तराखंड प्रधान अभिषेक निगम ने बताया कि ग्रुप की सदस्य मनीषा, मानसी, वैशाली, पायल, ज्योति और ज्योत्सना वंचित तबकों के लिए उम्मीद की किरण बने हुए हैं। यह युवतियां न केवल स्लम एरिया के बच्चों को निशुल्क पढ़ा रही हैं, बल्कि उनकी स्कूल फीस, यूनिफॉर्म और पाठ्य सामग्री का खर्च उठाने में भी मदद करती हैं। इसके अलावा, नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूकता फैलाना इनका मुख्य उद्देश्य है।
स्वास्थ्य और स्वच्छता पर विशेष जोर
नारी शक्ति केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है। महिलाओं के बीच स्वच्छता के प्रति जागरूकता लाने के लिए सैनेटरी पैड वितरण और साफ-सफाई के शिविर लगाए जा रहे हैं। कंबल वितरण और जरूरतमंदों को राशन उपलब्ध कराने जैसे कार्य भी किए जा रहे हैं।
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बदल रही है सोच
अभिषेक निगम ने बताया कि पुरुष प्रधान समाज में महिलाओं का कला और शिक्षा के माध्यम से आगे आना एक सकारात्मक बदलाव है। यह महिलाएं स्कूल-कॉलेजों में वर्कशॉप भी चला रही हैं, जिससे अन्य छात्राओं में आत्मविश्वास पैदा हो रहा है। पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही कलाधारा की यह टीम अंबाला और आसपास के क्षेत्रों के लिए मिसाल बन गई हैं।
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ग्रुप के सदस्य करन और उत्तराखंड प्रधान अभिषेक निगम ने बताया कि ग्रुप की सदस्य मनीषा, मानसी, वैशाली, पायल, ज्योति और ज्योत्सना वंचित तबकों के लिए उम्मीद की किरण बने हुए हैं। यह युवतियां न केवल स्लम एरिया के बच्चों को निशुल्क पढ़ा रही हैं, बल्कि उनकी स्कूल फीस, यूनिफॉर्म और पाठ्य सामग्री का खर्च उठाने में भी मदद करती हैं। इसके अलावा, नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूकता फैलाना इनका मुख्य उद्देश्य है।
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स्वास्थ्य और स्वच्छता पर विशेष जोर
नारी शक्ति केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है। महिलाओं के बीच स्वच्छता के प्रति जागरूकता लाने के लिए सैनेटरी पैड वितरण और साफ-सफाई के शिविर लगाए जा रहे हैं। कंबल वितरण और जरूरतमंदों को राशन उपलब्ध कराने जैसे कार्य भी किए जा रहे हैं।
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बदल रही है सोच
अभिषेक निगम ने बताया कि पुरुष प्रधान समाज में महिलाओं का कला और शिक्षा के माध्यम से आगे आना एक सकारात्मक बदलाव है। यह महिलाएं स्कूल-कॉलेजों में वर्कशॉप भी चला रही हैं, जिससे अन्य छात्राओं में आत्मविश्वास पैदा हो रहा है। पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही कलाधारा की यह टीम अंबाला और आसपास के क्षेत्रों के लिए मिसाल बन गई हैं।