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धान की बोली ना होने पर भडक़े किसान
Updated Fri, 22 Sep 2017 12:53 AM IST
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धान की बोली न होने पर भड़के किसान
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। नई अनाज मंडी में धान की बोली न होने खफा किसानों ने मार्केट कमेटी कार्यालय का घेराव कर जमकर नारेबाजी की। बाद में मार्केट कमेटी सचिव अजय श्योराण ने किसानों को आश्वासन देकर शांत करवाया। किसान शुक्रवार को किसान महापंचायत का आयोजन कर इस मसले पर रोष प्रकट करेंगे।
मंडी में धान लेकर आए किसानों ने बताया कि दिनभर में काफी कम दुकानों पर ही बोली पहुंचती है। इस कारण किसान तीन से चार दिनों तक मंडी में धान की रखवाली करने को मजबूर हैं। उनकी धान की खरीद ना होने के कारण उनका काम प्रभावित हो रहा है। जब तक उनकी मंडी में पड़ी धान नहीं बिकेगी, तब तक वे दूसरी धान कैसे काट कर लाएंगे। यहां अधिकारी बार-बार आश्वासन देकर उन्हें परेशान कर रहे हैं। वीरवार को तो पीआर धान की बोली ही नहीं करवाई गई। केवल 1509 धान के खरीदार ही मंडी में पहुंचे। किसानों ने कहा कि मंडी में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। बार-बार अधिकारियों से मांग करते हैं, लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिलता। वे यहां अपनी धान की रखवाली करने पर मजबूर हैं। जिस कारण मजबूरन किसानों को एकत्रित होकर यहां कमेटी कार्यालय का घेराव करना पड़ा है।
किसानों के प्रदर्शन की सूचना मिलते ही सचिव अजय श्योराण मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि शीघ्र ही बोली शुरू करवा दी जाएगी। इसके बाद किसान शांत हुए।
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। नई अनाज मंडी में धान की बोली न होने खफा किसानों ने मार्केट कमेटी कार्यालय का घेराव कर जमकर नारेबाजी की। बाद में मार्केट कमेटी सचिव अजय श्योराण ने किसानों को आश्वासन देकर शांत करवाया। किसान शुक्रवार को किसान महापंचायत का आयोजन कर इस मसले पर रोष प्रकट करेंगे।
मंडी में धान लेकर आए किसानों ने बताया कि दिनभर में काफी कम दुकानों पर ही बोली पहुंचती है। इस कारण किसान तीन से चार दिनों तक मंडी में धान की रखवाली करने को मजबूर हैं। उनकी धान की खरीद ना होने के कारण उनका काम प्रभावित हो रहा है। जब तक उनकी मंडी में पड़ी धान नहीं बिकेगी, तब तक वे दूसरी धान कैसे काट कर लाएंगे। यहां अधिकारी बार-बार आश्वासन देकर उन्हें परेशान कर रहे हैं। वीरवार को तो पीआर धान की बोली ही नहीं करवाई गई। केवल 1509 धान के खरीदार ही मंडी में पहुंचे। किसानों ने कहा कि मंडी में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। बार-बार अधिकारियों से मांग करते हैं, लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिलता। वे यहां अपनी धान की रखवाली करने पर मजबूर हैं। जिस कारण मजबूरन किसानों को एकत्रित होकर यहां कमेटी कार्यालय का घेराव करना पड़ा है।
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किसानों के प्रदर्शन की सूचना मिलते ही सचिव अजय श्योराण मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि शीघ्र ही बोली शुरू करवा दी जाएगी। इसके बाद किसान शांत हुए।
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