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Kaithal News: पकड़े गए 30 गोवंशों को गोशाला में छोड़ा
Tue, 02 Dec 2025 12:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 02 Dec 2025 12:54 AM IST
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सड़कों पर घूम रहे गोवंश को पकड़ते हुए।
- फोटो : शहर में दुकान पर खादी का वस्त्र खरीदते लोग।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शहर की सड़कों पर विचरण कर रहे गोवंशों को पकड़ने के लिए गोशाला संचालकों और प्रबंधन की ओर से सोमवार को अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान लगभग 30 गोवंशों को पकड़ा गया और कुरुक्षेत्र-कैथल गोशाला में सुरक्षित छोड़ा गया। सुबह के समय जींद रोड, अंबाला रोड और पुराना शहर सहित विभिन्न स्थानों से सड़क पर घूम रहे गोवंशों को पकड़ा गया।
गोशाला मैनेजर प्रदीप ने बताया कि अधिकांश गोवंश ऐसे हैं जिन्हें गोपालक खुला छोड़ देते हैं। ऐसे गोपालकों को सख्त चेतावनी दी जा रही है। यह अभियान लगातार जारी रहेगा। प्रदीप के अनुसार शहर में करीब 1000 से 1200 गोवंश हैं।
गाय के लिए 600 रुपये, नंदी के लिए 800 रुपये तय
गोशाला पदाधिकारी बलिंद्र के अनुसार, जो भी गोवंश पकड़कर गोशाला में छोड़े जाएंगे, उन्हें प्रति नंदी 800 रुपये, प्रति गाय 600 रुपये और गोवंश के बच्चे के लिए 300 रुपये दिए जाएंगे। जिले में कुल 22 पंजीकृत गोशालाएं हैं, जिनमें से शहर में चार हैं। 31 मार्च 2025 तक गोशाला संचालकों को 88.54 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया। आगामी छह माह (अप्रैल से सितंबर) के लिए आवेदन मांगे गए हैं। रविवार तक गोशाला संचालकों द्वारा ब्योरा प्रस्तुत किया गया, जिसके सत्यापन के बाद अनुदान जारी किया जाएगा।
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कैथल। शहर की सड़कों पर विचरण कर रहे गोवंशों को पकड़ने के लिए गोशाला संचालकों और प्रबंधन की ओर से सोमवार को अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान लगभग 30 गोवंशों को पकड़ा गया और कुरुक्षेत्र-कैथल गोशाला में सुरक्षित छोड़ा गया। सुबह के समय जींद रोड, अंबाला रोड और पुराना शहर सहित विभिन्न स्थानों से सड़क पर घूम रहे गोवंशों को पकड़ा गया।
गोशाला मैनेजर प्रदीप ने बताया कि अधिकांश गोवंश ऐसे हैं जिन्हें गोपालक खुला छोड़ देते हैं। ऐसे गोपालकों को सख्त चेतावनी दी जा रही है। यह अभियान लगातार जारी रहेगा। प्रदीप के अनुसार शहर में करीब 1000 से 1200 गोवंश हैं।
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गाय के लिए 600 रुपये, नंदी के लिए 800 रुपये तय
गोशाला पदाधिकारी बलिंद्र के अनुसार, जो भी गोवंश पकड़कर गोशाला में छोड़े जाएंगे, उन्हें प्रति नंदी 800 रुपये, प्रति गाय 600 रुपये और गोवंश के बच्चे के लिए 300 रुपये दिए जाएंगे। जिले में कुल 22 पंजीकृत गोशालाएं हैं, जिनमें से शहर में चार हैं। 31 मार्च 2025 तक गोशाला संचालकों को 88.54 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया। आगामी छह माह (अप्रैल से सितंबर) के लिए आवेदन मांगे गए हैं। रविवार तक गोशाला संचालकों द्वारा ब्योरा प्रस्तुत किया गया, जिसके सत्यापन के बाद अनुदान जारी किया जाएगा।
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