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कैथल से पांच राज्यों को जाने वाली रोडवेज की 25 बसों पर लगी ब्रेक, 1500 से ज्यादा यात्रियों का आवागमन प्रभावित
Updated Sat, 18 Nov 2017 12:10 AM IST
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कैथल से पांच राज्यों को जाने वाली रोडवेज की 25 बसों पर लगी ब्रेक, 1500 से ज्यादा यात्रियों का आवागमन प्रभावित
कमल कुमार
कैथल। जिले से पंजाब, दिल्ली व चंडीगढ़ को छोड़कर 5 राज्यों में जाने वाली हरियाणा रोडवेज की बसों के रूट को शुक्रवार को रद्द कर दिया गया। जिस कारण सुबह यात्री इन रूटों पर जाने के लिए बसों का इंतजार करते रहे। लगभग 25 बसों के रूट बंद होने से 1500 से अधिक यात्रियों को परेशानी होगी और रोडवेज को लगभग 5 लाख रुपये का नुकसान हो सकता है। यात्रियों के साथ-साथ कर्मचारी यूनियनों ने इस फैसले का विरोध किया है। एक-दो दिन में बैठक कर कर्मचारी संगठन इस फैसले का बड़े स्तर पर विरोध कर सकते हैं।
रोडवेज विभाग के मुख्यालय के आदेश के बाद से शुक्रवार से छह राज्यों में जाने वाली बसों पर पूरी तरह से ब्रेक लगा दी गई है। इसके लिए खर्च अधिक व आमदनी कम होने का कारण बताया जा रहा है।
इन रूटों पर बसों का आवागमन बंद : कैथल से सुबह माता वैष्णो देवी के लिए चलने वाली कटड़ा तक की बस सेवा जम्मू एवं कश्मीर, यूपी के सहारनपुर के लिए, उत्तराखंड के हरिद्वार, राजस्थान के जयपुर और हिमाचल प्रदेश के शिमला के लिए जाने वाली बस के रूट को रद्द कर दिया गया। बिना किसी पूर्व सूचना के शुक्रवार सुबह इन रूटों पर बसें नहीं जा सकीं। जिससे यात्री इंतजार करते रह गए। विशेष रूप से जयपुर व वैष्णो देवी जाने वाले रूटों पर लोग इंतजार करते रहे।
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25 बसें लगीं थीं इन रूटों पर : इन सभी रूटों पर करीब 25 बसें लगी हुई थीं। जो दिन रात आवागमन करती थीं। बताया जा रहा है कि सभी बसों के माध्यम से एक दिन में लगभग 1500 से अधिक यात्री आवागमन करते हैं। जिसमेें बीच के सभी शहरों में चढ़ने व उतरने वाले यात्री भी शामिल हैं। कर्मचारी नेताओं ने बताया कि एक बस के चक्र से अमूमन 50 हजार रुपये की आमदन होती है। लेकिन अब बसों के बंद किए जाने के बाद से रोडवेज विभाग की कैथल डिपो को रोजाना करीब पांच लाख रुपये का फटका लगेगा।
हरिद्वार रूट बंद होने से होगी कुरुक्षेत्र जाने वाले यात्रियों को अधिक परेशानी : अन्य राज्यों के रोडवेज की बसों के आवागमन रोक फैसले के बाद से कुरुक्षेत्र जाने वाले यात्रियों को अधिक परेशानी झेलनी पड़ेगी। क्योंकि कुरुक्षेत्र जाने वाली बसों को पहले से भारी टोटा है। दूसरा सहारनपुर और हरिद्वार में जाने वाली बसों के बंद होने के बाद से युनिवर्सिटी जाने वाले यात्रियों को अधिक परेशानी होगी। बता दें कि कैथल से कुरुक्षेत्र रूट पर बस की सर्विस बहुत कम है। सहारनपुर और हरिद्वार में जाने वाली बसों के बंद होने के बाद इस रूट पर बसों की संख्या और अधिक कम हो जाएगी।
लोकतांत्रिक सरकार मुनाफे के लिए नहीं, जनकल्याण के लिए हैं : इनेलो के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामपाल माजरा का कहना है कि देश में लोकतंत्र है। लोकतांत्रिक सरकार मुनाफे के लिए नहीं, जनकल्याण के लिए है। लंबे रूटों की बसों से लोगों को लाभ होता है। भाजपा सरकार जनता को सुविधाएं देने में पूरी तरह से असफल रही है। जो कुछ थोड़ा-बहुत जनकल्याण की योजनाएं चल रहीं थीं, सरकार अब उन्हें भी बंद कर रही है। जो दुर्भाग्यपूर्ण है। इस फैसले से लंबे रूटों पर जाने वाले यात्रियों को परेशानी होगी।
फैसले से रोडवेज को मुनाफा नहीं बल्कि घाटा होगा : हरियाणा रोडवेज कर्मचारी संघ के वरिष्ठ उप प्रधान पहल सिह तंवर ने बताया कि विभाग ने अन्य राज्यों में बसों के आवागमन के रोक का फैसला लिया है। इससे रोडवेज को मुनाफा नहीं बल्कि घाटा होगा। इस फैसले से सरकार प्रदेश में कम पड़ रही बसों की संख्या को पूरा करने का प्रयास कर रही है। लेकिन ऐसा होने से सरकार को और अधिक घाटा होगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले ही रोडवेज का निजीकरण करने जैसे फैसले लेकर रोडवेज की कमर तोड़ी है। दूसरा सरकार ने अन्य राज्यों में बसों को बंद किए जाने के फैसले से रोडवेज को और अधिक गिराने का काम किया है। कर्मचारी इस फैसले को बिल्कुल भी लागू नहीं देंगे। इसके लिए शनिवार को रोहतक में बैठक कर बड़े आंदोलन का फैसला लिया जाएगा।
कैथल डिपो से जयपुर, वैष्णो देवी, हरिद्वार, सहारनपुर व शिमला जाने वाली बसों में यात्रियों की संख्या न के बराबर होती है। जिसको लेकर विभाग के मुख्यालय की ओर से यह फैसला लिया गया है। विभाग को अन्य राज्यों में जाने वाली बसों पर खर्चा अधिक है जबकि इनमें आमदनी कम है। जिसको लेकर यह फैसला हुआ है।
रामकुमार, जीएम, रोडवेज विभाग, कैथल।
सुबह जयपुर, वैष्णो देवी, हरिद्वार, सहारनपुर व शिमला जाने वाली बसों के संचालन पर रोक
सुबह बसों का इंतजार करते रहे यात्री, हर रोज रोडवेज को करीब 5 लाख रुपये का नुकसान
कर्मचारी यूनियनों में रोष, कहा-विभाग को निजीकरण की ओर ले जाने की नीतियों पर काम कर रहे हैं अधिकारी
फोटो नंबर-12, 14, 23
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कमल कुमार
कैथल। जिले से पंजाब, दिल्ली व चंडीगढ़ को छोड़कर 5 राज्यों में जाने वाली हरियाणा रोडवेज की बसों के रूट को शुक्रवार को रद्द कर दिया गया। जिस कारण सुबह यात्री इन रूटों पर जाने के लिए बसों का इंतजार करते रहे। लगभग 25 बसों के रूट बंद होने से 1500 से अधिक यात्रियों को परेशानी होगी और रोडवेज को लगभग 5 लाख रुपये का नुकसान हो सकता है। यात्रियों के साथ-साथ कर्मचारी यूनियनों ने इस फैसले का विरोध किया है। एक-दो दिन में बैठक कर कर्मचारी संगठन इस फैसले का बड़े स्तर पर विरोध कर सकते हैं।
रोडवेज विभाग के मुख्यालय के आदेश के बाद से शुक्रवार से छह राज्यों में जाने वाली बसों पर पूरी तरह से ब्रेक लगा दी गई है। इसके लिए खर्च अधिक व आमदनी कम होने का कारण बताया जा रहा है।
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इन रूटों पर बसों का आवागमन बंद : कैथल से सुबह माता वैष्णो देवी के लिए चलने वाली कटड़ा तक की बस सेवा जम्मू एवं कश्मीर, यूपी के सहारनपुर के लिए, उत्तराखंड के हरिद्वार, राजस्थान के जयपुर और हिमाचल प्रदेश के शिमला के लिए जाने वाली बस के रूट को रद्द कर दिया गया। बिना किसी पूर्व सूचना के शुक्रवार सुबह इन रूटों पर बसें नहीं जा सकीं। जिससे यात्री इंतजार करते रह गए। विशेष रूप से जयपुर व वैष्णो देवी जाने वाले रूटों पर लोग इंतजार करते रहे।
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25 बसें लगीं थीं इन रूटों पर : इन सभी रूटों पर करीब 25 बसें लगी हुई थीं। जो दिन रात आवागमन करती थीं। बताया जा रहा है कि सभी बसों के माध्यम से एक दिन में लगभग 1500 से अधिक यात्री आवागमन करते हैं। जिसमेें बीच के सभी शहरों में चढ़ने व उतरने वाले यात्री भी शामिल हैं। कर्मचारी नेताओं ने बताया कि एक बस के चक्र से अमूमन 50 हजार रुपये की आमदन होती है। लेकिन अब बसों के बंद किए जाने के बाद से रोडवेज विभाग की कैथल डिपो को रोजाना करीब पांच लाख रुपये का फटका लगेगा।
हरिद्वार रूट बंद होने से होगी कुरुक्षेत्र जाने वाले यात्रियों को अधिक परेशानी : अन्य राज्यों के रोडवेज की बसों के आवागमन रोक फैसले के बाद से कुरुक्षेत्र जाने वाले यात्रियों को अधिक परेशानी झेलनी पड़ेगी। क्योंकि कुरुक्षेत्र जाने वाली बसों को पहले से भारी टोटा है। दूसरा सहारनपुर और हरिद्वार में जाने वाली बसों के बंद होने के बाद से युनिवर्सिटी जाने वाले यात्रियों को अधिक परेशानी होगी। बता दें कि कैथल से कुरुक्षेत्र रूट पर बस की सर्विस बहुत कम है। सहारनपुर और हरिद्वार में जाने वाली बसों के बंद होने के बाद इस रूट पर बसों की संख्या और अधिक कम हो जाएगी।
लोकतांत्रिक सरकार मुनाफे के लिए नहीं, जनकल्याण के लिए हैं : इनेलो के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामपाल माजरा का कहना है कि देश में लोकतंत्र है। लोकतांत्रिक सरकार मुनाफे के लिए नहीं, जनकल्याण के लिए है। लंबे रूटों की बसों से लोगों को लाभ होता है। भाजपा सरकार जनता को सुविधाएं देने में पूरी तरह से असफल रही है। जो कुछ थोड़ा-बहुत जनकल्याण की योजनाएं चल रहीं थीं, सरकार अब उन्हें भी बंद कर रही है। जो दुर्भाग्यपूर्ण है। इस फैसले से लंबे रूटों पर जाने वाले यात्रियों को परेशानी होगी।
फैसले से रोडवेज को मुनाफा नहीं बल्कि घाटा होगा : हरियाणा रोडवेज कर्मचारी संघ के वरिष्ठ उप प्रधान पहल सिह तंवर ने बताया कि विभाग ने अन्य राज्यों में बसों के आवागमन के रोक का फैसला लिया है। इससे रोडवेज को मुनाफा नहीं बल्कि घाटा होगा। इस फैसले से सरकार प्रदेश में कम पड़ रही बसों की संख्या को पूरा करने का प्रयास कर रही है। लेकिन ऐसा होने से सरकार को और अधिक घाटा होगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले ही रोडवेज का निजीकरण करने जैसे फैसले लेकर रोडवेज की कमर तोड़ी है। दूसरा सरकार ने अन्य राज्यों में बसों को बंद किए जाने के फैसले से रोडवेज को और अधिक गिराने का काम किया है। कर्मचारी इस फैसले को बिल्कुल भी लागू नहीं देंगे। इसके लिए शनिवार को रोहतक में बैठक कर बड़े आंदोलन का फैसला लिया जाएगा।
कैथल डिपो से जयपुर, वैष्णो देवी, हरिद्वार, सहारनपुर व शिमला जाने वाली बसों में यात्रियों की संख्या न के बराबर होती है। जिसको लेकर विभाग के मुख्यालय की ओर से यह फैसला लिया गया है। विभाग को अन्य राज्यों में जाने वाली बसों पर खर्चा अधिक है जबकि इनमें आमदनी कम है। जिसको लेकर यह फैसला हुआ है।
रामकुमार, जीएम, रोडवेज विभाग, कैथल।
सुबह जयपुर, वैष्णो देवी, हरिद्वार, सहारनपुर व शिमला जाने वाली बसों के संचालन पर रोक
सुबह बसों का इंतजार करते रहे यात्री, हर रोज रोडवेज को करीब 5 लाख रुपये का नुकसान
कर्मचारी यूनियनों में रोष, कहा-विभाग को निजीकरण की ओर ले जाने की नीतियों पर काम कर रहे हैं अधिकारी
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