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हरियाणा की हॉट सीट बना कुरुक्षेत्र
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कैथल। बिना किसी बड़े नेता के लोकसभा चुनाव में हरियाणा की कुरुक्षेत्र हॉट सीट बनती जा रही है। सामान्य से रहने वाले इस क्षेत्र के चुनाव में हालांकि देश के जाने-माने उद्योगपति नवीन जिंदल चुनाव लड़ते आए हैं, लेकिन उनके कदम पीछे हटते देख सभी राजनीतिक दलों के राजनीतिक पंडितों के गणित इस सीट के जातीय समीकरणों ने उलझा दिए हैं। अभी तक गैर जाट मानीं जाने वाली इस सीट से एक बार फिर से इनेलो ने बड़ा दांव खेला है और वर्ष 2005 में अभय चौटाला खुद इस सीट से चुनाव हार चुके हैं। अब उनके बेटे अर्जुन चौटाला को चुनावी मैदान में उतारकर जातीय समीकरणों को ओर भी उलझा दिया है। सबसे ज्यादा माथापच्ची कांग्रेस पार्टी को करनी पड़ रही है। जिसे अभी तक इस सीट से उम्मीदवार घोषित नहीं किया है।
सभी पार्टियों के लिए उम्मीदवार चुनना हुआ टेढ़ी खीर
निवर्तमान सांसद राजकुमार सैनी द्वारा भाजपा के विरोध का झंडा उठाए जाने के बाद खुद सत्तासीन भाजपा के लिए यहां से उम्मीदवार चुनना मुश्किल था। लेकिन भाजपा ने सबसे पहले अपना उम्मीदवार मैदान में उतार कर राज्यमंत्री नायब सैनी को प्रचार का अवसर दे दिया। राजकुमार सैनी खुद चुनाव नहीं लड़ रहे, लेकिन उन्होंने भाजपा उम्मीदवार के सैनी वोटों में सेंधमारी के लिए बसपा के साथ मिलकर शशि सैनी को चुनावी समर में उतारा है। लेकिन अभी तक इनेलो, जजपा व आप के लिए यहां से उम्मीदवार उतारने को लेकर उहा-पोह की स्थिति बनी हुई थी। अब इनेलो ने बड़ा दांव खेलते हुए यहां से अभय चौटाला के पुत्र अर्जुन चौटाला की चुनावी राजनीति का शंखनाद किया है। देखना होगा कि अर्जुन चौटाला इस सीट से अपने पिता की हार के बाद खुद की जीत कैसे सुनिश्चित करते हैं। इनेलो ने गैर जाट के खाते में जाती रही इस सीट पर सबसे अधिक बताए जा रहे जाट वोटरों को देखते हुए संभवत यह दांव चला है।
कांग्रेस के पिछले तीन चुनाव में उम्मीदवार रहे पूर्व सांसद नवीन जिंदल के कदम इस बार पीछे हटते हुए दिख रहे हैं। ऐसे में अभी तक पूर्व केंद्रीय मंत्री जयप्रकाश व अंबाला से कांग्रेसी नेता निर्मल सिंह का नाम सामने आ रहा था। लेकिन अब इनेलो ने जाट उम्मीदवार चुनावी समर में उतार कर कांग्रेस को एक बार फिर नए सिरे से सोचने पर मजबूर कर दिया।
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सामान्य से हॉट सीट बनी कुरुक्षेत्र
महाभारत युद्ध स्थली से इस बार संसद तक की राह तय करना उम्मीदवारों के लिए टेढ़ी खीर होगा। अभी तक सामान्य दिख रही कुरुक्षेत्र सीट हॉट सीट बनती जा रही है। चौटाला परिवार से एक सदस्य के चुनावी समर में उतरने के बाद अब कयास लगाए जा रहे हैं कि जजपा भी नैना चौटाला यहां से उम्मीदवार हो सकती हैं। लोगों की इस बात पर भी नजर है कि कांग्रेस यहां से किस नेता को टिकट देती है या फिर किसी तरह से नवीन जिंदल को ही चुनाव के लिए मना लिया जाएगा। यह शनिवार को उस समय साफ होगा, जब कांग्रेस की टिकट का ऐलान किया जाएगा।
ये था अभय चौटाला व नवीन जिंदल के चुनाव का परिणाम
हलका नवीन जिंदल अभय चौटाला
यमूनानगर 51183 14753
शाहबाद 40781 20851
रादौर 37862 18002
थानेसर 45903 18018
पिहोवा 37548 25354
गुहला 41295 33551
कैथल 44196 19787
पूंडरी 31178 21063
पाई 31861 30328
कुल 361807 201769 अंतर 160038
सभी पार्टियों के लिए उम्मीदवार चुनना हुआ टेढ़ी खीर
निवर्तमान सांसद राजकुमार सैनी द्वारा भाजपा के विरोध का झंडा उठाए जाने के बाद खुद सत्तासीन भाजपा के लिए यहां से उम्मीदवार चुनना मुश्किल था। लेकिन भाजपा ने सबसे पहले अपना उम्मीदवार मैदान में उतार कर राज्यमंत्री नायब सैनी को प्रचार का अवसर दे दिया। राजकुमार सैनी खुद चुनाव नहीं लड़ रहे, लेकिन उन्होंने भाजपा उम्मीदवार के सैनी वोटों में सेंधमारी के लिए बसपा के साथ मिलकर शशि सैनी को चुनावी समर में उतारा है। लेकिन अभी तक इनेलो, जजपा व आप के लिए यहां से उम्मीदवार उतारने को लेकर उहा-पोह की स्थिति बनी हुई थी। अब इनेलो ने बड़ा दांव खेलते हुए यहां से अभय चौटाला के पुत्र अर्जुन चौटाला की चुनावी राजनीति का शंखनाद किया है। देखना होगा कि अर्जुन चौटाला इस सीट से अपने पिता की हार के बाद खुद की जीत कैसे सुनिश्चित करते हैं। इनेलो ने गैर जाट के खाते में जाती रही इस सीट पर सबसे अधिक बताए जा रहे जाट वोटरों को देखते हुए संभवत यह दांव चला है।
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कांग्रेस के पिछले तीन चुनाव में उम्मीदवार रहे पूर्व सांसद नवीन जिंदल के कदम इस बार पीछे हटते हुए दिख रहे हैं। ऐसे में अभी तक पूर्व केंद्रीय मंत्री जयप्रकाश व अंबाला से कांग्रेसी नेता निर्मल सिंह का नाम सामने आ रहा था। लेकिन अब इनेलो ने जाट उम्मीदवार चुनावी समर में उतार कर कांग्रेस को एक बार फिर नए सिरे से सोचने पर मजबूर कर दिया।
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सामान्य से हॉट सीट बनी कुरुक्षेत्र
महाभारत युद्ध स्थली से इस बार संसद तक की राह तय करना उम्मीदवारों के लिए टेढ़ी खीर होगा। अभी तक सामान्य दिख रही कुरुक्षेत्र सीट हॉट सीट बनती जा रही है। चौटाला परिवार से एक सदस्य के चुनावी समर में उतरने के बाद अब कयास लगाए जा रहे हैं कि जजपा भी नैना चौटाला यहां से उम्मीदवार हो सकती हैं। लोगों की इस बात पर भी नजर है कि कांग्रेस यहां से किस नेता को टिकट देती है या फिर किसी तरह से नवीन जिंदल को ही चुनाव के लिए मना लिया जाएगा। यह शनिवार को उस समय साफ होगा, जब कांग्रेस की टिकट का ऐलान किया जाएगा।
ये था अभय चौटाला व नवीन जिंदल के चुनाव का परिणाम
हलका नवीन जिंदल अभय चौटाला
यमूनानगर 51183 14753
शाहबाद 40781 20851
रादौर 37862 18002
थानेसर 45903 18018
पिहोवा 37548 25354
गुहला 41295 33551
कैथल 44196 19787
पूंडरी 31178 21063
पाई 31861 30328
कुल 361807 201769 अंतर 160038