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लाखों रुपये की लागत से बना डा. हरगोबिंद तारामंडल बेहाल...अधिकतर उपकरण खराब
Updated Sun, 01 Jul 2018 11:16 PM IST
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लाखों रुपये की लागत से बना डॉ. हरगोबिंद तारामंडल बेहाल, अधिकतर उपकरण खराब
चिल्ड्रन पार्क में बच्चों को साइंस सहित स्पेस की जानकारी देने के लिए बनाया गया था डॉ. हरगोबिंद तारामंडल
ना फिल्म चल रहीं, खेल-खेल में ज्ञान देने के लिए बनाए गए उपकरण खराब
करीब 150 से 200 बच्चे व बढ़े हर रोज आते हैं इसे देखने के लिए
स्पेस की फिल्म दिखाने के लिए भी नहीं चल रहा सिस्टम
बिना अनुमति के चलाए जा रहे एयर कंडीशनर्स के कारण कई उपकरण खराब
फोटो संख्या-3 से 11
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। बच्चों सहित बढ़ों को अंतरिक्ष की जानकारी देने सहित खेल-खेल में विज्ञान की जानकारी देने के लिए बनाया गया डॉ. हरगोबिंद खुराना तारामंडल खस्ताहाल में हैं। इसमें अंतरिक्ष की जानकारी देने के लिए चलाई जाने वाली फिल्में नहीं चल रहीं और जो अन्य शैक्षणिक उपकरण हैं, वे भी खराब पड़े हैं। हर रोज यहां 100 से लेकर 200 की संख्या तक बच्चों सहित लोग आते हैं, जो कुछेक उपकरण जो चल रहे हैं, उन्हें देखकर लौट जाते हैं।
चिल्ड्रन पार्क में लाखों रुपये की राशि खर्च कर महान वैज्ञानिक डॉ. हरगोबिंद खुराना के नाम से तारामंडल बनाया गया है। जहां कई तरह के उपकरण रखे गए हैं। इनमें बच्चों को खेल-खेल में साइंस की जानकारी देने के अलावा दूसरी मंजिल पर वीडियो कक्ष बनाया गया है। इसमें बच्चों को स्क्रीन के माध्यम से अंतरिक्ष की फिल्में दिखाई जाती थीं। जिनसे बच्चों को अंतरिक्ष की जानकारी हो सके। इसके अलावा भी कई प्रेरक फिल्में इसमें दिखाई जाती थीं।
खस्ताहाल में हैं उपकरण, जो बिजली से चलते हैं, वे अधिकतर उपकरण खराब हैं:-
यहां लगाया गया बिजली चालित कोडेड म्यूजिक सिस्टम खराब है। फ्लोटिंग बॉल उपकरण भी खराब पड़ा है। कलर व्हील उपकरण भी खराब है। जो दिखता है, वह अविश्वसनीय है, उपकरण भी खराब है। वीडियो रेसिंग खराब पड़ा हुआ है।
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इसके अलावा म्यूजिक इन द एयर, जीट्रॉप, कलर मेमोरी, कलर्ड पैरामिड, टेडी-मेढी तस्वीर ही ठीक मिले। इनमें से कलर्ड पैरामिड ही बिजली से चलता है। बाकि उपकरण स्वयं चाहित हैं।
वीडियो कक्षा का एम्लीफायर खराब:-
पहली मंजिल पर बनाए गए वीडियोकक्ष में एम्लीफायर खराब है। जहां बच्चों को अंतरिक्ष की फिल्में दिखाई जाती हैं। यही इस तारामंडल का सबसे मुख्य आकर्षण हैं। जो ठप्प पड़ा है। बच्चे यहां 10 रुपये की टिकट लेकर पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगती है।
इसी मंजिल पर बनाया गया आभाषी सत्यता उपकरण भी लंबे समय से खराब पड़ा है। इस ओर नगर परिषद अधिकारियों का कोई ध्यान नहीं हैं।
सीसीटीवी कैमरे भी खराब
यहां लगाए गए सीसीटीवी कैमरे तो लंबे समय से खराब पड़े हुए हैं। तारामंडल में व्यवस्था संभाल रहे ठेकेदार की ओर से इस बारे में परिषद अधिकारियों को कई बार अवगत करवाया जा चुका है। लेकिन इस बारे में कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। लाखों रुपये की व्यवस्था जर्जर होती जा रही है। प्रवेश द्वार सहित कई जगह पार्क में कैमरे लगे हैं, लेकिन वे महज देखने के लिए हैं, काम नहीं कर रहे।
डीसी के निर्देशों का नहीं दिख रहा यहां असर
डीसी सुनीता वर्मा ने लगातार दौरे करके पार्क की व्यवस्था में काफी सुधार करवाया। उनके आदेशों पर एक बार यहां स्पेस की अंतरिक्ष वीडियो सहित कई उपकरण चालू कर दिए गए थे। अब स्थिति फिर वहीं पहुंच गई है।
बच्चे मायूस होकर लौटते हैं:-
दोपहर बारह बजे से शाम साढ़े सात बजे तक इस तारामंडल में प्रवेश के लिए दस रुपये की टिकट लेकर बच्चे पहुंचते हैं। वे कुछेक उपकरण जो चालू हालत में हैं, उन्हें देखकर वापिस लौट जाते हैं। 8वीं कलास की संजना, 7वीं के राहुल ने कहा कि अंकल वे यहां पर स्पेस की वीडियो देखने आए थे, यहां आकर पता चला वह बंद पड़ी है। इसे ठीक रखना चाहिए।
एयर कंडीशनर के कारण खराब हुए कई उपकरण:-
बताया जा रहा है कि चिल्ड्रन पार्क में बिना अनुमति के एयर कंडीशनर चलाए गए। जिस कारण बिजली के लोड पर असर हुआ और तारामंडल के कई उपकरण खराब हो गए।
ईओ नगर परिषद विक्रम सिंह ने कहा कि जो भी उपकरण हैं, उन्हें ठीक करवाया जाएगा। इस बारे में संबंधित कर्मचारियों से भी जानकारी ली जाएगी। ये कब से खराब हैं और इन्हें ठीक क्यों नहीं करवाया गया?
चिल्ड्रन पार्क में बच्चों को साइंस सहित स्पेस की जानकारी देने के लिए बनाया गया था डॉ. हरगोबिंद तारामंडल
ना फिल्म चल रहीं, खेल-खेल में ज्ञान देने के लिए बनाए गए उपकरण खराब
करीब 150 से 200 बच्चे व बढ़े हर रोज आते हैं इसे देखने के लिए
स्पेस की फिल्म दिखाने के लिए भी नहीं चल रहा सिस्टम
बिना अनुमति के चलाए जा रहे एयर कंडीशनर्स के कारण कई उपकरण खराब
फोटो संख्या-3 से 11
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। बच्चों सहित बढ़ों को अंतरिक्ष की जानकारी देने सहित खेल-खेल में विज्ञान की जानकारी देने के लिए बनाया गया डॉ. हरगोबिंद खुराना तारामंडल खस्ताहाल में हैं। इसमें अंतरिक्ष की जानकारी देने के लिए चलाई जाने वाली फिल्में नहीं चल रहीं और जो अन्य शैक्षणिक उपकरण हैं, वे भी खराब पड़े हैं। हर रोज यहां 100 से लेकर 200 की संख्या तक बच्चों सहित लोग आते हैं, जो कुछेक उपकरण जो चल रहे हैं, उन्हें देखकर लौट जाते हैं।
चिल्ड्रन पार्क में लाखों रुपये की राशि खर्च कर महान वैज्ञानिक डॉ. हरगोबिंद खुराना के नाम से तारामंडल बनाया गया है। जहां कई तरह के उपकरण रखे गए हैं। इनमें बच्चों को खेल-खेल में साइंस की जानकारी देने के अलावा दूसरी मंजिल पर वीडियो कक्ष बनाया गया है। इसमें बच्चों को स्क्रीन के माध्यम से अंतरिक्ष की फिल्में दिखाई जाती थीं। जिनसे बच्चों को अंतरिक्ष की जानकारी हो सके। इसके अलावा भी कई प्रेरक फिल्में इसमें दिखाई जाती थीं।
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खस्ताहाल में हैं उपकरण, जो बिजली से चलते हैं, वे अधिकतर उपकरण खराब हैं:-
यहां लगाया गया बिजली चालित कोडेड म्यूजिक सिस्टम खराब है। फ्लोटिंग बॉल उपकरण भी खराब पड़ा है। कलर व्हील उपकरण भी खराब है। जो दिखता है, वह अविश्वसनीय है, उपकरण भी खराब है। वीडियो रेसिंग खराब पड़ा हुआ है।
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इसके अलावा म्यूजिक इन द एयर, जीट्रॉप, कलर मेमोरी, कलर्ड पैरामिड, टेडी-मेढी तस्वीर ही ठीक मिले। इनमें से कलर्ड पैरामिड ही बिजली से चलता है। बाकि उपकरण स्वयं चाहित हैं।
वीडियो कक्षा का एम्लीफायर खराब:-
पहली मंजिल पर बनाए गए वीडियोकक्ष में एम्लीफायर खराब है। जहां बच्चों को अंतरिक्ष की फिल्में दिखाई जाती हैं। यही इस तारामंडल का सबसे मुख्य आकर्षण हैं। जो ठप्प पड़ा है। बच्चे यहां 10 रुपये की टिकट लेकर पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगती है।
इसी मंजिल पर बनाया गया आभाषी सत्यता उपकरण भी लंबे समय से खराब पड़ा है। इस ओर नगर परिषद अधिकारियों का कोई ध्यान नहीं हैं।
सीसीटीवी कैमरे भी खराब
यहां लगाए गए सीसीटीवी कैमरे तो लंबे समय से खराब पड़े हुए हैं। तारामंडल में व्यवस्था संभाल रहे ठेकेदार की ओर से इस बारे में परिषद अधिकारियों को कई बार अवगत करवाया जा चुका है। लेकिन इस बारे में कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। लाखों रुपये की व्यवस्था जर्जर होती जा रही है। प्रवेश द्वार सहित कई जगह पार्क में कैमरे लगे हैं, लेकिन वे महज देखने के लिए हैं, काम नहीं कर रहे।
डीसी के निर्देशों का नहीं दिख रहा यहां असर
डीसी सुनीता वर्मा ने लगातार दौरे करके पार्क की व्यवस्था में काफी सुधार करवाया। उनके आदेशों पर एक बार यहां स्पेस की अंतरिक्ष वीडियो सहित कई उपकरण चालू कर दिए गए थे। अब स्थिति फिर वहीं पहुंच गई है।
बच्चे मायूस होकर लौटते हैं:-
दोपहर बारह बजे से शाम साढ़े सात बजे तक इस तारामंडल में प्रवेश के लिए दस रुपये की टिकट लेकर बच्चे पहुंचते हैं। वे कुछेक उपकरण जो चालू हालत में हैं, उन्हें देखकर वापिस लौट जाते हैं। 8वीं कलास की संजना, 7वीं के राहुल ने कहा कि अंकल वे यहां पर स्पेस की वीडियो देखने आए थे, यहां आकर पता चला वह बंद पड़ी है। इसे ठीक रखना चाहिए।
एयर कंडीशनर के कारण खराब हुए कई उपकरण:-
बताया जा रहा है कि चिल्ड्रन पार्क में बिना अनुमति के एयर कंडीशनर चलाए गए। जिस कारण बिजली के लोड पर असर हुआ और तारामंडल के कई उपकरण खराब हो गए।
ईओ नगर परिषद विक्रम सिंह ने कहा कि जो भी उपकरण हैं, उन्हें ठीक करवाया जाएगा। इस बारे में संबंधित कर्मचारियों से भी जानकारी ली जाएगी। ये कब से खराब हैं और इन्हें ठीक क्यों नहीं करवाया गया?